Supreme Court Judgement: सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए बड़ी (#SupremeCourtBigJudgement) राहत दी है। पिछले साल हुई बिहार पुलिस भर्ती (Bihar Police Recruitment) की गर्भवती महिला अभ्यर्थी (Female Police Physical Ability Test) को मिली (Bihar Police Physical Test) राहत...
(नई दिल्ली/पटना): बिहार पुलिस (Bihar Police) में पिछले साल हुई भर्ती प्रक्रिया के दौरान गर्भावस्था के चलते शारिरिक परीक्षा में भाग न ले पाने वाली महिला अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय कृष्णन कौल और कृष्ण मुरारी की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को देखते हुए पुलिस बल में महिलाओं की मौजूदगी अहम है और ये समय की जरूरत है। हमें लगता है कि पुलिस सेवा में महिलाओं की मौजूदगी के लिए हर कोशिश करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला खुशबू शर्मा की अपील पर दिया। इस मामले में पटना हाईकोर्ट की एकल पीठ ने खुशबू को राहत देते हुए प्रतिवादी को निर्देश दिया था कि दो महीने के भीतर शारीरिक परीक्षा की तारीख निर्धारित की जाए। मामला डिविजन बेंच के पास पहुंचा तो उसने फैसला पलट दिया। प्रतिवादी ने बताया कि ऐसे कुल 73 मामले सामने आए थे और इन पर विचार किया जाता तो पूरी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होती। ऐसे में अभ्यर्थियों को दूसरा प्रयास करने के लिए कहा गया। अगर सब इसको कोर्ट लेकर जाते तो याचिकाओं की बाढ़ आ जाती।
पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में कहा था कि महिला को परिवार चुनने का अधिकार है लेकिन नौकरी में आने से पहले गर्भावस्था की स्थिति में नियोक्ता अभ्यर्थी के लिए अपने नियम व शर्तों में बदलाव नहीं कर सकता।
दिए यह निर्देश...
पटना हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस अधिनस्थ सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि गर्भावस्था के चलते शारीरिक परीक्षा में भाग लेने वाली महिलाओं की परीक्षा दो महीने के भीतर कराई जाए। इन्हें इस साल निकाली गई भर्तियों में समायोजित किया जाए।