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भरत तिवारी एनकाउंटर: मां-बहन का सरकार को अल्टीमेटम, 8 जुलाई तक न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में उनकी मां आशा देवी और बहन पुष्पा ने 8 जुलाई तक दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी नहीं होने पर वे आमरण अनशन पर बैठेंगी।
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भरत तिवारी की मां और बहन

भरत तिवारी की मां और बहन

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में परिजनों ने सरकार को 8 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। भरत तिवारी की मां आशा देवी और बहन पुष्पा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि यदि 8 जुलाई तक मामले में दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगी। परिजनों का कहना है कि भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 जून को भरत तिवारी की फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हत्या की गई थी। साथ ही, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें फांसी की सजा देने की मांग की।

सूत्रों के अनुसार, यदि आमरण अनशन शुरू होता है तो इसमें उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। परिजनों की इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गिरफ्तारी तक जारी रहेगा आमरण अनशन

पत्रकारों से बातचीत के दौरान भरत तिवारी की बहन पुष्पा कुमारी और उनकी मां आशा देवी ने दावा किया कि उनका परिवार लगातार असुरक्षा के माहौल में रह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात करीब 11 बजे बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनके घर के आसपास घूमती हैं, जिससे पूरा परिवार भय और तनाव में है।

पुष्पा कुमारी ने मामले में जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार, डीएसपी राजेश कुमार शर्मा, जगदीशपुर थाने के एसएचओ राजेश मालाकार, पुलिसकर्मी अंकित आर्यन, एसआई सच्चिदानंद यादव तथा एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था कि जब तक इन सभी के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मेरे बेटे के हत्यारे को इनाम क्यों?

गृह विभाग द्वारा बुधवार को जगदीशपुर के पूर्व डीएसपी राजेश शर्मा की जिम्मेवारी पर भरत भूषण तिवारी की मां ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया था। भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में राजेश शर्मा पर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद उन्हें जगदीशपुर से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। हालांकि, एक दिन बाद ही उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने पर भरत तिवारी की मां ने आपत्ति जताई थी।