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Bankipur By Election: बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की साख और प्रशांत किशोर की चुनौती आमने-सामने

Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई है, जबकि प्रशांत किशोर के संभावित उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है। जन सुराज स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनाव लड़ने की तैयारी में है, वहीं भाजपा अपने मजबूत गढ़ को बचाने में जुटी है।
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नितिन नवीन- प्रशांत किशोर

नितिन नवीन- प्रशांत किशोर

Bankipur By Election: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपना प्रत्याशी किसे बनाती है। नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट रिक्त हो गई थी, लेकिन अब यह सीट और भी अधिक हाई-प्रोफाइल हो गई है।

इसी कारण प्रशांत किशोर भी इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। भाजपा के लिए यह सीट केवल राजनीतिक प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की साख और संगठनात्मक रणनीति की भी अहम परीक्षा मानी जा रही है। यही वजह है कि पार्टी प्रत्याशी के चयन को लेकर गंभीर मंथन कर रही है। उपचुनाव की घोषणा के बाद सभी की निगाहें उम्मीदवारों के चयन पर टिकी हैं। विपक्षी दल जहां इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए रणनीति बना रहे हैं, वहीं भाजपा किसे अपना उम्मीदवार बनाती है, इस पर न केवल पार्टी नेताओं बल्कि सहयोगी दलों की भी नजर बनी हुई है। अगर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर यहां से चुनाव लड़ते हैं, तो मुकाबला और भी दिलचस्प हो जाएगा। इसपर रविवार को फैसला होना है।

बांकीपुर सीट पर साख की लड़ाई

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ़ रही है। पिछले करीब चार दशकों से इस सीट पर पार्टी का दबदबा कायम है। नितिन नवीन और उनके पिता ने यहां सबसे लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया है, जिससे इस क्षेत्र में भाजपा का संगठनात्मक आधार और भी मजबूत हुआ है। सीनियर पत्रकार लव कुमार मिश्रा के अनुसार, यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है, क्योंकि इसका सीधा संबंध पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी जुड़ा माना जा रहा है। उनका कहना है कि यदि भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज करती है तो इसे पार्टी अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ के प्रमाण के रूप में पेश करेगी। वहीं, अगर किसी कारणवश पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है, तो यह विपक्ष के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि होगी और भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण झटका माना जाएगा। यही वजह है कि भाजपा इस चुनाव को पूरी ताकत से लड़ना चाह रही है। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के बड़े नेताओं के भी यहां पर लगातार दौरे हो सकते हैं।

भाजपा-जन सुराज में सीधी टक्कर

इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सक्रिय एंट्री के बाद मुकाबला और भी रोचक हो गया है। यदि प्रशांत किशोर इस चुनाव में मैदान में उतरते हैं, तो बांकीपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला सीधे भाजपा और जन सुराज के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल जाएगा, जिससे यह चुनाव बेहद कांटे का और दिलचस्प बन सकता है।

जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती का कहना है कि बांकीपुर की जनता इस बार बदलाव चाहती है। वहीं, प्रशांत किशोर भी लगातार लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं समझ रहे हैं और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी इस चुनाव में ट्रैफिक, जलजमाव, सफाई, पार्किंग, रोजगार और शहर की बुनियादी सुविधाओं को मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी में है। जन सुराज के नेताओं का मानना है कि यदि चुनाव को पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाए, तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।