
(बिहार ): भारत बंद के दौरान बिहार के विभिन्न हिस्सों से आगजनी और विरोध की खबरें सामने आ रही हैं। कोई भी संगठन इस बंद का खुलकर समर्थन नहीं कर रहा है फिर भी राज्य के अलग-अलग इलाकों में लोग बंद में भाग ले रहे हैं और कई जगहों पर बंद का विरोध होने के बाद लोगों में झड़प होना भी बताया जा रहा हैंं।
2 अप्रैल को हुए भारत बंद के बाद सोशल मीडिया के हवाले से एक और बंद का आह्वान किया गया। इस बंद का मुख्य कारण आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग बताया जा रहा है। और यह भी कहा जा रहा है कि दलित वर्ग द्धारा किए गए भारत बंद के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। गत दिनों हुए बंद के बाद जो हिंसा की घटनाएं सामने आई थी उसके बाद प्रशासन द्धारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इसके बाद भी बिहार के कई इलाकों से अगलगी और झड़प की बात सामने आई।
आरा में हुई गोलीबारी
राज्य के आरा में आरक्षण समर्थकों और विरोधियों के दो समूह आपस में भिड़ गए। इस दौरान गोलीबारी करने की बात भी सामने आ रही है। इसके बाद क्षेत्र में तनाव के चलते धारा 144 लगा दी गई हैं। बंद का असर राज्य के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार गया, लखीसराय,बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने सड़के जाम कर आगजनी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।
इस वजह से हुआ था 2 अप्रैल को भारत बंद
सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट 1989 में बदलाव का आदेश दिया था। इस आदेश में कहा गया था कि रिपोर्ट करने के बाद किसी भी व्यक्ति की एससी-एसटी एक्ट के अनुसार तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। इस संबंध में पहले अधिकारीक तौर पर जांच की जाएगी उसके बाद ही आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारी सात दिनों के अंदर इस मामले में जांच कर रिपोर्ट प्रदान करेगा। गौरतलब है कि एससी-एसटी एक्ट में हुए इस बदलाव के बाद देशभर के दलितों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया। इस बंद के दौरान कई शहरों में हिंसा भी हुई।