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भरत तिवारी एनकाउंटर केस: SDM, SDPO और SHO समेत 11 के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, भोजपुर SP भी तलब

Bharat Tiwari Encounter case Update: भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में आरा कोर्ट ने तत्कालीन SDM, SDPO और शाहपुर थानाध्यक्ष समेत 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। भोजपुर SP को 12 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
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पटना

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Anand Shekhar

Aug 10, 2026

bharat tiwari Encounter case

भरत तिवारी (फोटो- bharat tiwari facebook)

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने कार्रवाई की है। एनकाउंटर के फर्जी होने के आरोपों वाली याचिका पर संज्ञान लेते हुए और जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद, आरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने मामले में नामजद 11 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोर्ट ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को 12 अगस्त तक व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का सख्त निर्देश दिया है। इसके अलावा, कोर्ट ने आदेश दिया है कि एनकाउंटर में शामिल सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और तय तारीख तक अदालत में पेश किया जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर कानूनी शिकंजा

आरा CJM कोर्ट के इस सख्त आदेश से बिहार के पुलिस और प्रशासनिक विभागों में हड़कंप मच गया है। जिन 11 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं, उनमें प्रशासन और पुलिस विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कोर्ट के आदेश में तत्कालीन जगदीशपुर SDM संजीत कुमार, तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा और शाहपुर थाने के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राजेश मलाकार को आरोपी बनाया गया है।

इसके अलावा, सूची में सब-इंस्पेक्टर अंकित आर्यन और हरिश्चंद्र कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) रामाशंकर यादव और STF कर्मी विकास कुमार, रविंदर, रामचंद्र और अक्षय कुमार शामिल हैं। गौरतलब है कि आरोपी STF कर्मियों में से एक, अक्षय कुमार को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

कोर्ट ने याचिका पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी

पीड़ित पक्ष की ओर से पेश वकील डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि आरा कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई थी। वकील ने बताया कि अब तक हुई जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बैलिस्टिक सबूतों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने यह सख्त कदम उठाया है।

उन्होंने कहा कि FIR में नामजद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसलिए, कोर्ट ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को आदेश दिया है कि वे सभी आरोपियों को हिरासत में लें और 12 अगस्त तक उन्हें कोर्ट के सामने पेश करें।