पटना

शहाबुद्दीन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से मांगा जवाब

शहाबुद्दीन पर 45 आपराधिक मामले चल रहे है...
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Updated: 2 Jul 2018, 5:10 PM IST
Shahabuddin file photo
Shahabuddin file photo

प्रियरंजन भारती की रिपोर्ट...

(पटना): विभिन्न मामलों में सजा काट रहे आरजेडी के बाहुबली पूर्व सांसद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है। आर्म्स ऐक्ट मामले में यह नोटिस जारी किया गया। पटना हाईकोर्ट ने आर्म्स ऐक्ट में शहाबुद्दीन को दोषी करार दिया था। शहाबुद्दीन ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। इसी मामले में बिहार सरकार से जवाब तलब किया गया है।


शहाबुद्दीन पर 45 आपराधिक मामले चल रहे है। पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में विधवा आशा रंजन ने शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल में रखने की मांग की थी। दो अलग-अलग हिंसक वारदातों में अपने तीन बेटे गंवा चुके चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फचंदा बाबू ने भी शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल में ही रखने की अदालत से मांग की थी। अदालत के आदेश पर शहाबुद्दीन अभी तिहाड़ जेल में ही सजा काट रहे हैं। शहाबुद्दीन को पिछले साल तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया था। इस पर चंदा बाबू और आशा रंजन ने प्रसन्नता व्यक्त की थी। आर्म्स ऐक्ट में शहाबुद्दीन के बॉडीगार्ड और मो.शहाबुद्दीन को अदालत से सजा हो चुकी है। तत्कालीन एसपी एसके सिंघल पर शहाबुद्दीन की तरफ से जानलेवा हमले किए गये थे। एसपी ने भागकर अपनी जान बचाई थी।

इधर बीजेपी ने बढाई तेजस्वी यादव की परेशानियां


उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विरोधी दल के नेता के खिलाफ नये खुलासे कर उनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं। जिंदल स्टील के साथ तेजस्वी के कारोबार के नये खुलासे सुशील मोदी ने किये हैं। इससे लालू परिवार की परेशानियों में बढ़ोत्तरी तय मानी जा रही है। सुशील मोदी ने पिछले दो दिनों में तेजस्वी पर दो बड़े आरोप लगाए। पहले आरोप में उन्होंने तेजस्वी को जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड का बिहार में हैंडलिंग एंड स्टोरेज एजेंट बताया और कहा कि यह काम वह पिछले छह वर्षों से कर रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में इसका जिक्र तक नहीं किया। दूसरे खुलासे में मोदी ने पटना में 255डिसमिल जमीन हथियाने के सबूत जारी कर लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चुनाव आयोग में यदि शिकायत हो गई तो तेजस्वी की सदस्यता भी जा सकती है।

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