पटना

सरकारी सैलरी में 96 लाख की एक्स्ट्रा कमाई? स्वास्थ्य विभाग के DGM के ठिकानों पर SVU की छापेमारी

Bihar News: पटना में SVU ने गुरुवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के DGM (प्रोजेक्ट्स) पंकज कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना में कई जगहों पर छापेमारी की।
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Mar 12, 2026
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स्वास्थ्य विभाग के DGM के ठिकाने पर SVU की रेड (फोटो- X)

Bihar News:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। हेल्थ डिपार्टमेंट की अहम यूनिट BMSICL (बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के DGM (प्रोजेक्ट्स) पंकज कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया और उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

कनिका मैहर अपार्टमेंट में सुबह-सुबह हलचल

गुरुवार सुबह करीब 8:00 बजे, जब राजधानी पटना अभी पूरी तरह से जागा भी नहीं था, SVU की एक टीम कदमकुआं के कनिका मैहर अपार्टमेंट पहुंची, जहां DGM पंकज कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। टीम ने अचानक उनके फ्लैट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अंदर और बाहर सुरक्षा घेरा लगा दिया गया।

11 साल की सर्विस में 96 लाख की अतिरिक्त कमाई

जांच एजेंसी के मुताबिक, पंकज कुमार पिछले 11 साल से सर्विस में हैं। इस छोटे से समय में, उन्होंने अलग-अलग पदों पर रहते हुए अपनी कानूनी इनकम से कहीं ज़्यादा संपत्ति जमा कर ली है। SVU ने उनके खिलाफ केस नंबर 10/2026 फाइल किया है उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और 96,46,666 रुपये की गैर-कानूनी चल और अचल संपत्ति जमा की। यह उनकी सैलरी और इनकम के दूसरे जाने-माने सोर्स से लगभग 73 प्रतिशत ज्यादा है।

रेड में क्या मिला?

कदमकुआं में उनके घर और ऑफिस की घंटों चली तलाशी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। घर से बड़ी मात्रा में कैश और सोने-चांदी के गहने मिले। कई कीमती प्लॉट और फ्लैट में इन्वेस्टमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अलग-अलग बैंक अकाउंट में बड़ी रकम जमा होने के सबूत भी मिले। SVU की टीम फिलहाल बरामद दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े कागजात की गहन जांच कर रही है।

कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

SVU के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह पुख्ता सबूतों और विशेष न्यायाधीश (निगरानी), पटना द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई है। निगरानी की टीम अभी भी दस्तावेजों को खंगाल रही है और आशंका जताई जा रही है कि छापेमारी खत्म होने तक अवैध संपत्ति का यह आंकड़ा करोड़ों में जा सकता है।

Updated on:
12 Mar 2026 11:03 am
Published on:
12 Mar 2026 10:27 am