पटना

NEET छात्रा केस पर तापसी पन्नू का फूटा गुस्सा, बोलीं- हमने इसे नॉर्मल…

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर प्रतिक्रिया दी है। अपनी आने वाली फिल्म "अस्सी" के प्रीमियर के दौरान तापसी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया।

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Feb 17, 2026
बॉलीवूड अभिनेत्री तापसी पन्नू (फोटो-ANI)

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET पारीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के रेप और संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने भी इस मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। तापसी ने इस घटना को बहुत दुखद बताते हुए कहा कि असली चिंता यह है कि हर दिन ऐसे अनगिनत मामले होते हैं और धीरे-धीरे उन्हें नॉर्मल मान लिया जा रहा है। तापसी का मानना ​​है कि आज सबसे बड़ी समस्या सिर्फ क्राइम नहीं, बल्कि उसका नॉर्मलाइजेशन है।

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ऐसी घटनाओं को नॉर्मल मान लिया है - तापसी पन्नू

अपनी नई फिल्म 'अस्सी' के प्रीमियर के मौके पर पटना में मीडिया से बात करते हुए तापसी पन्नू ने कहा कि जिस दिन पटना में उस छात्रा के साथ यह दर्दनाक घटना हुई, उस दिन देश भर में ऐसी 79 और घटनाएं हुई होंगी। सबके लिए उतना ही बुरा लगता है, किसी के साथ बहुत बेदर्दी से होता है, किसी के साथ घर का कोई करके चला जाता है।

उन्होंने कहा, "देश में रोजाना औसतन 80 ऐसी घटनाएं होती हैं, शायद इससे भी ज्यादा हो रहे हैं। जब 6 महीने की बच्चियों और 6 साल की लड़कियों के साथ ऐसी घटना के बारे में सुनते हैं तो और भी गुस्सा आता है। सबसे ज्यादा दुख उस बात का होता है कि हमने अब ऐसी घटनाओं को महत्व देना बंद कर दिया है। हमने इन्हें सामान्य मान लिया है, जो कि बहुत दुखद है और सबसे ज्यादा गुस्सा दिलाने वाली बात है।"

मौत के बाद आदमी बोलता नहीं है

प्रीमियर में, तापसी ने मशहूर कवि उदय प्रकाश की दिल को छू लेने वाली लाइनें भी सुनाईं। उन्होंने कहा, "आदमी मरने के बाद कुछ नहीं सोचता… आदमी मरने के बाद कुछ नहीं बोलता… कुछ नहीं सोचने और कुछ नहीं बोलने पर आदमी मर जाता है…" उन्होंने दर्शकों से कहा कि यह फिल्म आपको सोचने पर मजबूर जरूर कर देगी।

OTT भी अब मशाला फिल्में ही खरीदती है - तापसी

तापसी पन्नू ने ओटीटी की कड़वी हकीकत बताते हुए कहा कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स भी गंभीर कहानियों से किनारा कर रहे हैं। उनका पूरा फोकस अब सिर्फ मसाला एंटरटेनमेंट पर है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि दर्शक थिएटर जाकर अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को नहीं देखेंगे, तो ओटीटी भी ऐसी फिल्मों को खरीदना बंद कर देगा और अच्छी फिल्में विलुप्त हो जाएंगी।

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