
“खान सर को बहरूपिया हैं, उनको देश से बाहर कर देना चाहिए” - लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद बिहार में सियासी विवाद शुरू हो गया है। तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि खान सर फोकस और चर्चा में बने रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने संपर्कों के सहारे उन्होंने रौशन आनंद यादव को जेल भिजवाया है। तेज प्रताप यादव ने खान सर पर छात्रों से अधिक फीस वसूलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका पढ़ाने-लिखाने से कोई विशेष सरोकार नहीं है और वे “बहरूपिया” हैं, जिन्हें देश से बाहर कर देना चाहिए। इस बयान के बाद आरजेडी ने खुद को इससे अलग कर लिया है, जबकि पार्टी का कोई भी नेता इस पर खुलकर टिप्पणी करने को तैयार नहीं है।
इधर, खान ग्लोबल स्टडीज में हुई फायरिंग और हंगामे के मामले में संस्थान के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर की ओर से आज (सोमवार) अग्रिम जमानत याचिका पटना सिविल कोर्ट में दाखिल किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार उनके दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी सुनवाई भी प्रस्तावित है। ऐसे में पुलिस, अदालत और सभी की नजरें आज की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, खान सर के अधिवक्ता ने शनिवार को ही अग्रिम जमानत के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, जिसके बाद सोमवार को अदालत में याचिका दाखिल किए जाने की संभावना है।
घटना के छह दिन बाद भी पटना पुलिस फैजल खान उर्फ खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जिसको लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पटना पुलिस की ओर से उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इधर, ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के छात्र लगातार खान सर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि पुलिस जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो वे हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। आक्रोशित छात्रों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे गांधी मैदान में धरना और अनशन भी करेंगे। छात्रों ने पटना पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया है।