तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने उन लोगों को चेतावनी दी है जो फर्जी ID बनाकर, उनकी नकल करके और गलत तरीके से एडिट किए गए वीडियो का इस्तेमाल करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा किसी राजनीतिक बयान को लेकर नहीं, बल्कि उनके खिलाफ रची जा रही एक कथित डिजिटल साजिश को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर अपनी छवि को धूमिल होता देख तेज प्रताप यादव का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने इसके खिलाफ निर्णायक कानूनी लड़ाई छेड़ने का ऐलान कर दिया है।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर TY Vlog अकाउंट से एक वीडियो शेयर कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया की दुनिया में उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी आईडी बनाना, उनकी मिमिक्री करना और एडिटेड वीडियो फैलाना इसी साजिश का हिस्सा है। इन हरकतों के जरिए उनकी छवि को जनता के बीच गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जिससे उनके समर्थकों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है।
तेज प्रताप यादव ने पूरे माले को गंभीरता से लेते हुए चुप रहने के बजाय सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अपनी आईटी और लीगल टीम को सक्रिय कर दिया है। टीम को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे सभी फेक अकाउंट्स और आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान करें और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करें। बताया जा रहा है कि डिजिटल सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि कोर्ट में मामला मजबूती से पेश किया जा सके।
तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि जो लोग झूठ और अफवाह फैलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बहुत जल्द लीगल नोटिस मिलने वाला है। उनकी आईटी टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे फर्जी अकाउंट्स को हटाने में जुटी है। जल्द ही सभी आईडी को ट्रैक कर लिया जाएगा, जिसके बाद दोषियों पर सख्त लीगल एक्शन लिया जाएगा।
वीडियो के माध्यम से तेज प्रताप यादव ने आम लोगों को भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि बिना जांचे-परखे किसी भी भ्रामक वीडियो या पोस्ट को शेयर करना कानूनी परेशानी का सबब बन सकता है। अफवाह फैलाना या गलत जानकारी साझा करना अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल साइबर सेल की मदद से उन सभी अकाउंट्स और वीडियो की ट्रैकिंग की जा रही है, जो इस साजिश में शामिल हैं।