पटना

छात्रों पर AK-47 किसने चलवाई? DGP से मिलने के बाद भड़के तेजस्वी, कहा- बलि का बकरा न बनाएं, SP को बर्खास्त करें

Tejashwi Yadav News: बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के कथित इस्तेमाल को लेकर तेजस्वी यादव ने DGP से मुलाकात की। उन्होंने सिवान SP समेत जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, न्यायिक जांच और फायरिंग के आदेश देने वालों पर FIR दर्ज करने की मांग की।
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Updated: 7 Aug 2026, 5:31 PM IST
Tejashwi Yadav
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव (Photo - ANI)

Tejashwi yadav on AK-47 firing: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बिहार के DGP से मुलाकात की और 25 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा AK-47 राइफल से फायरिंग की घटना के संबंध में पांच-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। DGP के ऑफिस से निकलने के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात की और बिहार सरकार व पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे छात्रों और युवाओं के खिलाफ, जो अपनी जायज मांगों के लिए विरोध कर रहे थे, AK-47 राइफल का इस्तेमाल करने की इजाजत पुलिस को किसने दी।

केवल सिपाही पर गाज क्यों? आदेश देने वाले SP पर हो FIR - तेजस्वी

पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि निचले स्तर के पुलिसकर्मी को सस्पेंड करके पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संसद से लेकर आम जनता तक हर जगह यही सवाल उठ रहा है कि छात्रों पर AK-47 के इस इस्तेमाल की इजाजत किसने दी? आदेश देने वाले वरिष्ठ अधिकारी सिर्फ एक कॉन्स्टेबल को बलि का बकरा बनाकर अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकते।

तेजस्वी यादव ने बताया कि सिवान और जहानाबाद में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन युवा AK-47 की गोलीबारी का शिकार हुए, हालांकि सभी छात्र बच गए। उन्होंने कहा कि देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन कहीं और छात्रों पर AK-47 का इस्तेमाल कभी नहीं किया गया। उन्होंने सवाल किया कि सिवान SP और अन्य ज़िम्मेदार अधिकारियों को अभी तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया या उनके खिलाफ FIR क्यों दर्ज नहीं की गई।

तेजस्वी ने जवाब मांगा

तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी, केंद्र सरकार और केन्द्रीय गृह मंत्रालय से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह साफ करना चाहिए कि इस कार्रवाई के लिए कौन ज़िम्मेदार है और अब तक संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले पर जवाब देने से बच रही है और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को जबरदस्ती दबाने की कोशिश कर रही है।

तेजस्वी यादव की प्रमुख मांगें

DGP से मिलने के बाद, तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्ञापन की मुख्य मांगें साझा कीं।

  • बिहार पुलिस ने छात्रों पर AK-47 से गोलियां क्यों चलाई?
  • Trigger Happy बिहार पुलिस के द्वारा निशाना लेकर बच्चों पर Shoot to Kill की सोच के साथ गोलियां बरसाई जो अत्यंत दुखद और अलोकतांत्रिक है।
  • बिहार पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ प्रोटोकॉल के SPO का पालन क्यों नहीं किया?
  • फायरिंग का आदेश देने वाले वरीय पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  • छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की न्यायिक जांच कराई जाए।

बिहार को पुलिस स्टेट नहीं बनने देंगे- तेजस्वी यादव

राज्य में बढ़ते अपराध और पुलिस प्रशासन की मनमानी पर चिंता जताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार को पुलिस स्टेट बनाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव की धरती है और इसे किसी भी कीमत पर पुलिस स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा।

प्रदर्शन की दी चेतावनी

तेजस्वी यादव ने कहा कि NEET और पेपर लीक के दूसरे मामलों में शामिल माफिया तो आसानी से जमानत पा जाते हैं, लेकिन अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले बेगुनाह छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार सरकार अंधाधुंध गोलीबारी के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करती है, तो पूरा विपक्ष सड़कों पर उतरेगा और जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन करेगा।

Updated on:
7 Aug 2026, 5:31 PM IST
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