Bihar News: तेजस्वी यादव ने बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री और सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अराजकता का माहौल है और अपराधियों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है।
Bihar News: बिहार के दरभंगा में छह साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट लिखकर राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य में रेप और हत्या के 17 हालिया मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ितों और गरीबों की बात नहीं सुनी जा रही है और सरकार की चुप्पी स्थिति को और भी खतरनाक बना रही है।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट की शुरुआत दरभंगा की घटना से की। उन्होंने कहा कि बिहार के दरभंगा में 6 साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म बाद नृशंस हत्या कर दी गई है। उनके मुताबिक ऐसी घटनाएं बताती हैं कि व्यवस्था कमजोर पड़ी है और लोगों का भरोसा टूट रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कम दोष सिद्धि दर और गंभीर मामलों में कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि लगातार हो रही ज्वलंत घटनाओं के बावजूद सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं दिखता और मुख्यमंत्री की अनभिज्ञता के चलते जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर अव्यवस्था का वातावरण बन गया है। विधि व्यवस्था चरमरा गई है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आपराधियों और सत्ताधारी नेताओं के गठबंधन में जनता पीस रही है।
अपने पोस्ट में उन्होंने हाल के दिनों की कई वारदातों का जिक्र करते हुए एक सूची जारी की। इनमें पटना में छात्रा की हत्या, मधेपुरा, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, कैमूर, मुंगेर, सुपौल, मोतिहारी, कटिहार, सोनपुर और छपरा जैसी जगहों का उल्लेख किया गया। उनका कहना है कि ये सिर्फ उदाहरण हैं, पूरी तस्वीर इससे भी बड़ी है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के संरक्षण में बलात्कारी, हत्यारे और अपराधी बेखौफ हो गए हैं। यहां तक कि खुद सरकार के मंत्री भी खुलेआम इन सरकारी संरक्षण वाले अपराधों को मान रहे हैं। राज्य में अराजकता और अव्यवस्था की स्थिति बहुत चिंताजनक है और मुख्यमंत्री की चुप्पी खतरनाक और आपराधिक है।