पटना

‘CM बन गए, लेकिन बिल की समझ नहीं…’ तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर तंज, बोले- PMO के लोग बिहार चलाएंगे

महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किये गए प्रेस कांफ्रेंस के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पलटवार किया है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री की समझ पर सवाल उठाया और बिहार सरकार को एक दिल्ली से कंट्रोल होने वाली सरकार बताया।
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Updated: 19 Apr 2026, 2:42 PM IST
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राजद नेता तेजस्वी यादव (Photo-IANS)

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला है। मुख्यमंत्री द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम) को लेकर विपक्ष को घेरने की कोशिश के कुछ ही घंटों बाद तेजस्वी ने तीखा पलटवार किया। उन पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि सम्राट चौधरी बेशक मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन वे महिला आरक्षण विधेयक की बुनियादी बारीकियों को समझने में नाकाम रहे हैं।

वे वही करेंगे जो 'गुजराती भाई' कहेंगे

तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के काम करने के तरीके और उनकी स्वायत्तता पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में स्वतंत्र शासन अब लगभग खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री को नियंत्रित करने वाली डोर अब पूरी तरह से दिल्ली के हाथों में है। तेजस्वी ने कहा, 'सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री तो बन गए हैं, लेकिन वे असल में करेंगे क्या? वे ठीक वही करेंगे जो गुजराती भाई उन्हें करने के लिए कहेंगे।'

तेजस्वी ने कहा, 'दिल्ली में PMO से खास तौर पर लोग भेजे जा रहे हैं ताकि वे उनका प्रशासन चला सकें। यहां तक कि अधिकारी भी दिल्ली से ही लाए जाएंगे और वही लोग असल में बिहार पर शासन करेंगे।' तेजस्वी का दावा है कि मुख्यमंत्री तो बस नाममात्र के मुखिया हैं, जबकि राज्य स्तर के सभी अहम फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा नियुक्त किए गए लोग ही लेंगे।

33 नहीं 50 प्रतिशत महिला को मिले आरक्षण - तेजस्वी यादव

आरक्षण के मुद्दे पर BJP को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार महिला सशक्तिकरण की आड़ में एक राजनीतिक खेल खेलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह विधेयक तीन साल पहले ही पारित हो गया था, तो राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद इसे लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने मांग की कि यदि सरकार अपने इरादों को लेकर सचमुच गंभीर है, तो महिलाओं को प्रस्तावित 33 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि BJP महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की प्रक्रिया में हेरफेर करना चाहती है, जिसका खास मकसद विपक्ष के पास मौजूद सीटों की संख्या को कम करना है। इसके अलावा, उन्होंने विशेष रूप से OBC और अन्य पिछड़े समुदायों से संबंधित महिलाओं के लिए कोटे के भीतर कोटा की वकालत की।

RSS की आलोचना

BJP और RSS पर आरोप लगते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि एक तरफ तो वे महिला सशक्तिकरण का दिखावा करते हैं, जबकि दूसरी तरफ RSS के सदस्य महिलाओं से अपने पैर धुलवाते हैं। उन्होंने दावा किया कि RJD ने हमेशा महिलाओं को सही मायने में सशक्त बनाया है, केवल कागज पर विधायी बिलों के माध्यम से नहीं, बल्कि सबसे अधिक संख्या में महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारकर।

Updated on:
19 Apr 2026, 2:42 PM IST
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