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‘गजवा-ए-हिंद’ की तैयारी कर रहा था बिहार का प्लंबर, दिल्ली में धमाके की थी साजिश; स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार

बिहार के कटिहार जिले का रहने वाला मोहम्मद सोहेल समेत चार लोगों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये सभी युवक ‘गजवा-ए-हिंद’ और खिलाफत की विचारधारा से प्रभावित होकर देश में आतंकी गतिविधियों की तैयारी कर रहे थे।

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bihar news, 'गजवा-ए-हिंद'

कटिहार से पकड़े गए आरोपी की फाइल फोटो और उसका घर

Bihar News: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय राजधानी को अस्थिर करने की एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित एक 'गजवा-ए-हिंद' मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में बिहार के कटिहार का रहने वाला मोहम्मद सोहेल भी शामिल है। सोहेल पेशे से एक प्लंबर है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि वह सोशल मीडिया के जरिए युवकों को कट्टरपंथी बनाने और आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए विस्फोटक जुटाने के एक खतरनाक मिशन में लगा हुआ था।

खिलौना कार से बम बनाने की ट्रेनिंग

जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए सदस्यों में से दो लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने के लिए रिमोट-कंट्रोल्ड IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने की प्रक्रिया में थे। इसके लिए वे रिमोट-कंट्रोल्ड खिलौना कारों के सर्किट का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे वे दूर से ही धमाके कर सकें। मॉड्यूल के एक सदस्य शेख इमरान ने दिसंबर 2025 में दिल्ली का दौरा किया था और लाल किला और इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्थलों की रेकी भी की थी।

हथियारों और विस्फोटकों के लिए क्राउडफंडिंग कर रहा था सोहेल

कटिहार के मनिहारी के नवाबगंज का रहने वाला सोहेल, डॉ. इसरार अहमद के कट्टरपंथी भाषणों से प्रेरित था। उसने सोशल मीडिया पर कई कोर ग्रुप बनाए थे, जहां वह युवकों का ब्रेनवॉश करता था और उन्हें स्लीपर सेल में भर्ती करता था। सोहेल पर आरोप है कि वह न केवल विचारधारा फैला रहा था, बल्कि मार्च 2026 में उसने अपने फॉलोअर्स को हथियार और विस्फोटक जुटाने के लिए उकसाया। पैसे जुटाने के लिए उसने अपना बैंक अकाउंट नंबर और QR कोड तक सोशल मीडिया पर साझा किया था।

सोहेल की मां को भनक तक नहीं लगी

सोहेल की गिरफ्तारी के बाद मनिहारी के नवाबगंज स्थित बालू टोला में सन्नाटा पसर गया है। सोहेल की मां अंगूरी खातून बताती हैं कि सोहेल अपने पिता के साथ प्लंबर का काम करता था और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा, जो रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से निकला था, आतंकी गतिविधियों में शामिल था। उसकी मां ने बताया कि कुछ दिन पहले पुलिस पूछताछ के लिए सोहेल को ले गई थी, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। बाद में उसे दिल्ली बुलाया गया और वहीं उसकी गिरफ्तारी हुई।

4 गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग जगह के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में बिहार के कटिहार के रहने वाले मोहम्मद सोहेल के अलावा पुलिस ने ठाणे (महाराष्ट्र) से मूसाहिब अहमद को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से एक ऑटो मैकेनिक है और विस्फोटक सर्किट बनाने में माहिर है। वहीं, मुंबई में मोहम्मद हम्माद को गिरफ्तार किया गया, वो लॉजिस्टिक्स में मदद करता था। इसके अलावा, भुवनेश्वर (ओडिशा) में शेख इमरान को गिरफ्तार किया गया, उसने दिल्ली के संवेदनशील इलाकों की रेकी की थी।

ये सभी आरोपी एक एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बने 'क्लोज्ड कोर ग्रुप' के सदस्य थे। इस ग्रुप में जिहाद, खिलाफत और खुरासान के काले झंडे वाली तथाकथित सेना जैसे विषयों पर चर्चा होती थी। पुलिस का दावा है कि इन युवाओं को एक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था, जिसका मकसद पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में खिलाफत स्थापित करना था।

सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर कटिहार

कटिहार का नाम पिछले कुछ वर्षों में लगातार टेरर फंडिंग और प्रतिबंधित संगठन PFI की गतिविधियों में सामने आया है। सेमापुर, हसनगंज और मनिहारी जैसे इलाके सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर हैं। कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि सोहेल के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस और खुफिया तंत्र पूरे जिले में अलर्ट मोड पर है और इस मॉड्यूल के अन्य स्लीपर सेल की तलाश जारी है।