
बाहुबली अनंत सिंह और कुख्यात भोला सिंह
बिहार का कुख्यात अपराधी भोला सिंह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 12 साल से फरार चल रहे इस कुख्यात को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है। वह वहां अपनी पहचान छिपा कर रह रहा था, लोग उसे वहां अमित और गौतम के नाम से जानते थे। इतना ही नहीं वहीं से बैठकर भोला पटना में अपना गैंग भी ऑपरेट कर रहा था। भोला सिंह को पकड़ने के लिए 3.5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पटना के पंडारक का रहने वाला भोला सिंह अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले CRPF (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) में एक जवान था। उसने बाकायदा कमांडो की ट्रेनिंग ली थी, यही वजह थी कि वह पुलिस और जांच एजेंसियों को 12 सालों तक चकमा देने में सफल रहा। फोर्स में नौकरी छोड़ने के बाद, वह मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह के संपर्क में आया। भोला सिंह जल्द ही अनंत सिंह का सबसे करीबी विश्वासपात्र बन गया। वह अनंत सिंह की परछाईं बनकर रहने लगा और बाढ़ NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) में ठेकेदारी के साम्राज्य को संभालने लगा।
साल 2008 में विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या कर दी गई। इस अपराध का आरोप भोला सिंह पर लगा। उस वक्त कहा जाता था कि भोला सिंह ने यह हत्या अनंत सिंह के कहने पर या उनके वर्चस्व को बचाने के लिए की थी। उस दौर में दोनों की जोड़ी को तोड़ना नामुमकिन माना जाता था। हालांकि, 2 करोड़ रुपये के एक वित्तीय लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद उनकी दोस्ती में दरार आ गई। साल 2010 में,इसी वित्तीय विवाद ने उनके बीच एक ऐसी खाई पैदा कर दी जिसे पाटना नामुमकिन था। भोला सिंह को लगा कि उसकी वफादारी का उसे उचित इनाम नहीं मिला, जबकि अनंत सिंह को लगा कि उसका अपना ही शागिर्द अब उसे चुनौती देने के लिए खड़ा हो रहा है।
दोनों के बीच दुश्मनी इतनी बढ़ गई कि साल 2013 में अनंत सिंह के एक करीबी सहयोगी राजीव सिंह की हत्या कर दी गई, इस अपराध का आरोप भी भोला सिंह पर ही लगा। इस घटना के बाद, दोनों विरोधी सीधे टकराव की स्थिति में आ गए। इसके बाद, 2019 में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई जिसमें अनंत सिंह को भोला सिंह और उनके भाई मुकेश की हत्या के लिए शूटर भेजने की बात करते हुए सुना गया। FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) ने बाद में पुष्टि की कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज वास्तव में अनंत सिंह की ही थी।
इस ऑडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नदवां में अनंत सिंह के पुश्तैनी घर पर छापा मारा, जहां से एक AK-47 असॉल्ट राइफल और हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। इस मामले अनंत सिंह को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई और उनकी विधानसभा सीट भी चली गई, हालांकि 2024 में हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
भोला सिंह की तलाश सीबीआई को 14 जुलाई 2014 को कोलकाता में हुए दो युवकों के अपहरण और एक की हत्या के मामले में थी। पीड़ित परिवार की याचिका पर कार्रवाई करते हुए कोलकाता हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी थी। तब से भोला सिंह फरार चल रहा था। CBI ने उसके सिर पर 3 लाख रुपये का इनाम रखा था, जबकि बिहार STF ने भी 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। वह जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक झूठी पहचान के साथ सूरत में रह रहा था, लेकिन CBI की तकनीकी निगरानी क्षमताओं की बदौलत आखिरकार उसे पकड़ लिया गया।
भोला सिंह के खिलाफ हत्या, अपहरण और रंगदारी मांगने जैसे आरोपों से जुड़े 11 से अधिक मामले दर्ज हैं। 2022 में पटना के अटल पथ पर हरनौत की मुखिया के पति धीरज लालजी की हत्या के मामले में भी भोला सिंह और उसके भाई मुकेश के नाम सामने आए थे। फिलहाल, CBI उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गई है। पटना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे जल्द ही उसकी हिरासत की मांग करेंगे और उसे वापस बिहार लाकर पंडारक और पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशनों में उसके खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों के संबंध में उससे पूछताछ करेंगे।
Published on:
17 Apr 2026 12:10 pm
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