पटना

हड़ताल पड़ी भारी: बिहार में राजस्व अधिकारियों पर गिरी गाज, तीन सीओ निलंबित

बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर गए तीन अंचलाधिकारियों को निलंबित कर दिया। राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल में शामिल अधिकारियों के खिलाफ जांच का आदेश जारी करते हुए कहा कि जो लोग सरकारी कामकाज बाधित करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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Mar 18, 2026
bihar bjp leader vijay sinha
विजय सिन्हा (फोटो- X@VijayKrSinhaBih)

बिहार में जारी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के बीच सरकार ने बुधवार को कड़ा रुख अख्तियार अपनाते हुए तीन राजस्व पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, अनुशासनहीनता एवं भ्रामक बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ये हुए निलंबित

सरकार की ओर से निलंबित किए गए अधिकारियों में अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र पांडे, पटना सदर के अंचलाधिकारी रजनीकांत तथा पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन अंचल के अंचलाधिकारी आनंद कुमार शामिल हैं। सभी को इस अवधि में मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पूर्णिया में रिपोर्ट करने को कहा गया है। यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवा आचार नियमावली 1978 के नियम 8, 9 एवं 10 के तहत की गई है। माननीय उपमुख्यमंत्री ने इसे अनुशासन कायम रखने की दिशा में आवश्यक कदम बताया है।

जो काम पर नहीं लौटेंगे उनके खिलाफ होगी कार्रवाई

डिप्टी सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत राजस्व पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं द्वारा भेजी गई रिपोर्ट से हुई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन को देखते हुए कार्य निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभी इसी विभाग द्वारा जनगणना के कार्य की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। 17 अप्रैल से स्व गणना का काम शुरू होना है। इसकी तैयारी चल रही है। विभाग द्वारा कई अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में जो अधिकारी शीघ्र अपने कार्य पर लौट आते हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन, सरकार के आदेशों की अवहेलना करने और कामकाज में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

भ्रामक प्रचार-प्रसार करने पर भी होगी कड़ी कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि मीडिया में भ्रामक प्रचार-प्रसार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भी प्रकार की अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। गुमराह करने वाले वक्तव्य देने वालों को निलंबित किया जाएगा। उन्होंने त्यागपत्र दे चुके एवं एक राजनीतिक दल से चुनाव लड़ने वाले पूर्व राजस्व पदाधिकारी आदित्य शिवम शंकर के आचरण एवं कार्यों की जांच कराने का भी निर्णय लिया है। इस संबंध में एक त्रि-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें महेंद्र पाल को अध्यक्ष तथा श्रीमती मोना झा एवं नवाजिश अख्तर को सदस्य बनाया गया है। समिति मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने दोहराया है कि जनहित सर्वोपरि है और प्रशासनिक अनुशासन से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

Updated on:
18 Mar 2026 10:32 pm
Published on:
18 Mar 2026 10:10 pm