बरेली में मौलाना की संदिग्ध मौत के मामले में ट्रेन में बदसलूकी के कथित वीडियो के सामने आने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच तेज कर दी है, जबकि इस घटना को लेकर सियासी और जनस्तर पर भी हलचल बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मौलाना (धर्मगुरु) की मौत के मामले में अब बिहार पुलिस भी अपने स्तर पर जांच शुरू करेगी। किशनगंज पुलिस के अनुसार, मौलाना तौसीफ़ रज़ा से जुड़ा एक वीडियो क्लिप मिला है, जो ट्रेन के अंदर का बताया जा रहा है। इस वीडियो में पीड़ित अपने साथ हुई बदसलूकी का आरोप लगा रहे हैं। किशनगंज पुलिस इस वीडियो को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी इसी वीडियो के आधार पर मामले की दोबारा जांच करने की बात कही है। मौलाना सीवान की एक मस्जिद में इमाम थे। इस मामले को लेकर आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मामले की गहन जाँच और उचित कार्रवाई की माँग की है।
किशनगंज जिले में लोगों ने शनिवार को इस घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। ठाकुरगंज से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने मृतक मौलाना तौसीफ़ आलम के परिजनों से मुलाकात की। मौलाना का शव पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रेलवे ट्रैक पर मिला था। विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे।
मृतक मौलाना तौसीफ़ रज़ा, जो किशनगंज जिले के निवासी थे, सीवान की एक मस्जिद में इमाम के रूप में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, उनके परिजनों के आज (रविवार) पहुंचने की संभावना है, ताकि वे उत्तर प्रदेश के संबंधित थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकें। परिजनों के पास एक कथित वीडियो क्लिप भी है, जिसमें पीड़ित ट्रेन के अंदर अपने साथ हुई बदसलूकी का आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी।