
Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल (जेएसजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। नामांकन दाखिल करने के कुछ ही देर बाद गिरफ्तार की गईं वीणा मानवी को अदालत ने साल 2009 के एक पुराने मामले में जमानत दे दी। उनकी गिरफ्तारी को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
वीणा मानवी ने सोमवार को बांकीपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया था। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें पटना समाहरणालय परिसर से हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।
पटना के गांधी मैदान थाना पुलिस के अनुसार, वीणा मानवी के खिलाफ साल 2009 में शिकायत संख्या 830 दर्ज की गई थी। इसी मामले में उनके खिलाफ अदालत से वारंट जारी हुआ था। पुलिस का कहना है कि धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की पुरानी धाराओं 418 और 403 (तत्कालीन आईपीसी) के तहत कार्रवाई की गई और वारंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद वीणा मानवी ने आरोप लगाया था कि उन्हें चुनावी प्रक्रिया प्रभावित करने के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया। उनका कहना है कि नामांकन से पहले उन्होंने अपने खिलाफ लंबित मामलों और कानूनी स्थिति की जानकारी ली थी, लेकिन उस समय किसी गिरफ्तारी वारंट या लंबित आदेश की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने बिना कोई स्पष्टीकरण देने का अवसर दिए उन्हें हिरासत में ले लिया।
वीणा मानवी की गिरफ्तारी के बाद उनकी बेटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में वह भावुक होकर कहती हैं कि उनकी मां निर्दोष हैं और जनता की सेवा करती हैं।
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने वीणा मानवी के समर्थन में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपनी उम्मीदवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखती है। गिरफ्तारी होने के बाद तेज प्रताप यादव ने कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो पार्टी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है और वीणा मानवी को जानबूझकर फंसाया गया है।