Khan Sir Video: सोशल मिडिया पर खान सर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने खुद बताया कि कैसे एक बार पटना पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए वो वृंदावन भाग गए थे।
Khan Sir Video: पटना के मशहूर टीचर खान सर अपने बेबाक अंदाज और मजाकिया स्वभाव के लिए पूरे देश में मशहूर हैं। अब उनका एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी का एक ऐसा किस्सा बताया है जो किसी बॉलीवुड थ्रिलर जैसा लगता है। खान सर ने खुद बताया कि कैसे एक बार पटना में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था, जिसकी वजह से उन्हें पुलिस से बचने के लिए रातों-रात बिहार छोड़ना पड़ा था।
खान सर ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि पटना के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने वाली है, उन्होंने तुरंत पटना छोड़ने का फैसला किया और रातों-रात वृंदावन चले गए।
गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर ने जो 'माइंड गेम' खेला, वह काफी दिलचस्प है। उन्होंने बताया कि पुलिस आमतौर पर टोल प्लाजा पर फास्टैग ट्रांजैक्शन के जरिए गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक करती है। खान सर ने कहा, "गाड़ी पर फास्टैग लगा होता है, जिससे अपने आप पैसे कट जाते हैं और पुलिस को गाड़ी का नंबर मिल जाता है। हमने वो फास्टैग ही हटा दिया और कैश में पेमेंट किया।"
उन्होंने आगे कहा, "बिना फास्टैग के टोल प्लाजा पर आमतौर पर डबल पैसा लगता है, हम कहे दोगुना क्या तिगुना पैसा ले ले, हम भाग रहे हैं अभी और बिना कोई डिजिटल निशान छोड़े आगे बढ़ गए।"
गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर ने पुलिस की जांच को गुमराह करने के लिए भी खास इंतजाम किए। उन्होंने अपना मोबाइल फोन पटना में ही छोड़ दिया ताकि टावर ट्रायंगुलेशन के जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। इतना ही नहीं वह अपनी कार भी वृंदावन नहीं ले गए। वो रास्ते में कार से उतर गए और दिल्ली की तरफ भेज दिया। इसके बाद ऑटो से वृंदावन गए।
खान सर ने कहा, "अगर गाड़ी पकड़ी भी जाती, तो पुलिस सोचती कि मैं दिल्ली में हूं, जबकि मैं पहले ही वृंदावन में था, ऑटो-रिक्शा में संकरी गलियों से घूम रहा था।"
वृंदावन पहुंचकर खान सर ने साधुओं और संतों और भगवान कृष्ण की शरण ली। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्होंने भगवान कृष्ण से मदद मांगी क्योंकि कृष्ण खुद जेल में पैदा हुए थे। उन्होंने कहा, "हम भगवान कृष्ण के पास पहुंचे, जो जेल में पैदा हुए थे। हमने कहा, 'महाराज, अब आप ही बचाइए हमें… राधा-राधा।'"
वहां, वह कुछ दिनों तक प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों और संतों के बीच गुमनाम रहे। खान सर ने वृंदावन की सुबह की ताजी हवा और वहां की मशहूर कचौड़ियों की भी बहुत तारीफ की। खान सर ने वृंदावन की कचौड़ियों को अमृत बताते हुए कहा कि वैसा नाश्ता कहीं नहीं मिलेगा।
खान सर ने साफ किया कि वह पटना से तब तक नहीं भागे जब तक उन्हें यह भरोसा नहीं हो गया कि छात्रों के रिजल्ट रिवाइज किए जाएंगे। जैसे ही उन्हें नतीजों के बारे में यह भरोसा मिला, वह वृंदावन चले गए और जब हालात शांत हो गए, तो चार-पांच दिन बाद वो पटना लौट आए।
वीडियो में खान सर ने साफ तौर पर किसी खास घटना या तारीख का जिक्र नहीं किया, जब वो वृंदावन भागे थे। लेकिन यह खुलासा उस समय का हो सकता है जब साल 2022 में रेलवे की RRB-NTPC परीक्षा के नतीजों को लेकर बिहार में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे और खान सर समेत कई शिक्षकों पर छात्रों को भड़काने के आरोप में FIR दर्ज की गई थी। या फिर यह वाकया दिसंबर 2024 का BPSC आंदोलन हो सकता है, जब रोशन आनंद और गुरु रहमान जैसे कई कोचिंग सेंटर चलाने वाले पटना के गर्दनीबाग में उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए प्रशासन की नजर में आ गए थे। उस वक्त भी कई शिक्षकों पर FIR हुआ था।