बिहार सुरक्षा समिति की बैठक में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा घटाने का फैसला लिया गया। वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पहली बार Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय किया गया।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा Z+ श्रेणी से घटाकर Z श्रेणी कर दी गई है। यह निर्णय राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। इसके अलावा, बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पहली बार Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया गया। वहीं, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्रवण कुमार को भी सुरक्षा समिति ने Y+ श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है।
इससे पहले, गृह विभाग ने शुक्रवार को बिहार के दोनों नए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव की सुरक्षा बढ़ाकर Z श्रेणी में कर दी थी। यह निर्णय सुरक्षा समिति की सलाह और गृह विभाग की अनुशंसा पर लिया गया। दोनों नेता सरकार में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
Z श्रेणी की सुरक्षा में संबंधित व्यक्ति के आवास, यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कड़ी निगरानी रखी जाती है। इसे भारत में उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है। इस श्रेणी में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनमें NSG कमांडो के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होते हैं। यह सुरक्षा 24 घंटे उपलब्ध रहती है, साथ ही एस्कॉर्ट वाहन और आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जाते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पहली बार Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। वहीं, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्रवण कुमार को भी Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। पिछले विधानसभा चुनाव और उससे पहले सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान हुई घटनाओं को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खतरे के स्तर के आधार पर यह तय किया जाता है कि किसे किस स्तर की सुरक्षा प्रदान की जाए।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को राज्य सरकार की ओर से Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह फैसला हाल ही में हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था। फिलहाल नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें सीएम के तौर पर विशेष सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन 14 अप्रैल को पद से इस्तीफा देने के बाद अब उन्हें Z+ श्रेणी का सुरक्षा कवर दिया गया है। Z+ श्रेणी को सुरक्षा व्यवस्था की सबसे उच्चतम श्रेणियों में माना जाता है, जिसमें करीब 55 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।