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रिशु श्री के गिफ्ट किए 1 लाख के पेन से आईएएस अधिकारी ने लिया था चार्ज, डिलीट चैट ने खोले कई राज

टेंडर घोटाले की जांच में रिशु श्री और कुछ अधिकारियों के कथित गठजोड़, महंगे उपहारों तथा विदेश दौरों को लेकर नए खुलासे हुए हैं। ईडी को शक है कि इस नेटवर्क का संबंध टेंडर हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग से हो सकता है।

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rishu shree tender scam

ठेकेदार रिशु श्री की फ़ाइल फोटो

टेंडर घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। सरकारी टेंडरों में हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार ठेकेदार रिशु श्री को लेकर जांच एजेंसियों को कई अहम जानकारियां मिली हैं। सूत्रों के अनुसार, रिशु श्री कथित तौर पर अधिकारियों को प्रभावित और मैनेज करने के लिए मुंबई और नेपाल से महिलाओं को बुलवाता था। यह भी दावा किया जा रहा है कि वह कुछ अधिकारियों को पदभार ग्रहण करने के अवसर पर एक लाख रुपये तक कीमत वाले महंगे पेन उपहार में देता था।

जांच के दौरान रिशु श्री और बिहार के कुछ आईएएस अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़ में उनकी पत्नियों की भूमिका को लेकर भी कुछ जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही हैं।

रिशु श्री के महंगे गिफ्ट से बढ़ीं अफसरों की मुश्किलें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में बिहार के कुछ आईएएस अधिकारियों के साथ रिशु श्री की कथित नजदीकियां सामान्य परिचय से कहीं अधिक गहरी बताई जा रही हैं। जांच में यह जानकारी सामने आई है कि रिशु श्री द्वारा उपहार में दिए गए एक लाख रुपये से अधिक कीमत के लग्जरी ‘मोंटब्लैंक’ पेन से एक आईएएस अधिकारी ने अपने नए विभाग का कार्यभार ग्रहण किया था।

सूत्रों के अनुसार, रिशु श्री कथित तौर पर कुछ आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों, विशेषकर उनकी पत्नियों को भी महंगे उपहार दिया करता था। आरोप है कि इसी नेटवर्क और प्रभाव के दम पर वह अपने पसंदीदा लोगों को सरकारी टेंडर दिलाने में सफल रहता था।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस कथित खेल में सचिवालय स्तर के कुछ कर्मियों से लेकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी संदेह के दायरे में आ सकते हैं। फिलहाल ईडी और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं और विभिन्न पहलुओं से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

विदेश दौरों पर ईडी को शक

जांच एजेंसी को आशंका है कि अरब और यूरोपीय देशों की ये यात्राएं केवल पर्यटन के उद्देश्य से नहीं की गई थीं। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इन दौरों का इस्तेमाल कथित तौर पर भ्रष्टाचार से अर्जित धन को विदेशी रियल एस्टेट बाजार में निवेश करने या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तो नहीं किया गया। फिलहाल ईडी इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।