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Rishu Shree Tender Scam: ‘IAS भैया’ से रिशु श्री की नजदीकी जांच के घेरे में, टेंडर खेल की तलाश में एजेंसियां

टेंडर माफिया रिशु श्री और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के कथित संबंधों की जांच के बीच एजेंसी ने शुक्रवार को उसके करीबी सहयोगी और मातोश्वरी कंपनी के निदेशक संतोष कुमार को पटना से गिरफ्तार किया।
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rishu shree tender scam

ठेकेदार रिशु श्री की फ़ाइल फोटो

Rishu Shree Tender Scam टेंडर माफिया रिशु श्री और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के कथित संबंध इन दिनों चर्चा में हैं। जांच एजेंसियों को रिशु श्री और उक्त अधिकारी के बीच संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी ने शुक्रवार को पटना से रिशु श्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, संतोष कुमार से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। संतोष कुमार मातोश्वरी कंपनी का निदेशक है। इस कंपनी में रिशु श्री की पत्नी ऋतंभरा कुमारी भी निदेशक पद पर रह चुकी हैं। कंपनी का संचालन सुपौल से किया जाता था। जांच एजेंसियां अब कंपनी के वित्तीय लेनदेन, सरकारी ठेकों और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।

रिशु श्री की डायरी में छिपा राज

रिशु श्री के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान एक डायरी भी बरामद हुई। इस डायरी में IAS अधिकारियों के नाम साफ-साफ नहीं लिखे हैं। इसके बजाय इसमें उनके संबंधित विभागों के नाम के साथ 'M1' और 'M2' जैसे कोड शब्द दर्ज हैं। इन एंट्रीज के बगल में करोड़ों रुपये के लेन-देन और साथ ही महंगे तोहफों की डिटेल बहुत ही बारीकी से दर्ज है। ED ने आरोप लगाया है कि सरकारी टेंडरों की कुल कीमत का 2 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत तक का कमीशन सीधे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की जेब में जाता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन्हीं संपर्कों और रिश्तों का लाभ उठाकर वह फर्जी तथा बढ़े हुए बिलों को मंजूरी दिलवाने में सफल रहता था। इतना ही नहीं, कमीशन और कथित रिश्वत की रकम को छिपाने के लिए रिशु श्री अधिकारियों की कुछ कारोबारियों से भी सांठगांठ करवाता था। इसके जरिए रिश्वत की रकम को सामान्य कारोबारी लेन-देन के रूप में दिखाने की कोशिश की जाती थी।

फर्जी बिल पास कराने का था खास नेटवर्क

रिशु श्री सिर्फ सरकारी कामकाज तक ही सीमित नहीं था, बल्कि कई वरिष्ठ अधिकारियों, उनकी पत्नियों की शादी की सालगिरह और बच्चों के जन्मदिन जैसी निजी जानकारियां भी अपने पास रखता था। ED की जांच में सामने आया है कि वह ऐसा अधिकारियों के साथ अपने संबंध मजबूत करने और प्रभाव बढ़ाने की रणनीति के तहत करता था।