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खान सर नहीं, खान जी बोलिए, मंत्री दिलीप जायसवाल का जवाब हुआ वायरल

खान सर को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों को टोकते हुए कहा, "अगर आप उनसे पढ़े नहीं हैं, तो उन्हें खान सर नहीं, खान जी कहिए।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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खान सर और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल

खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पत्रकारों ने जब उनसे खान सर से जुड़े मामले पर सवाल पूछा, तो उन्होंने सबसे पहले उनके संबोधन को संशोधित किया। मंत्री ने पत्रकारों को टोकते हुए कहा, "अगर आप उनसे पढ़े नहीं हैं, तो उन्हें खान सर नहीं, खान जी कहिए। खान सर मत बोलिए।" उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

फायर ब्रिगेड ने मारी एंट्री

खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट में रविवार को एक साथ पटना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, जिसके बाद इलाके में हलचल तेज हो गई। कोचिंग के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद संस्थान में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, इन्हीं आरोपों की जांच के लिए फायर ब्रिगेड और पटना पुलिस की संयुक्त टीम संस्थान पहुंची है। आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से खान सर फरार बताए जा रहे हैं।

खान ग्लोबल को बंदी की चेतावनी

फायर सर्विस के डीआईजी मनोज कुमार नट ने कहा कि यदि खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट निर्धारित 15 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है, तो संस्थान के खिलाफ बंद करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के साथ संस्थान की संयुक्त जांच की गई थी। उस दौरान किए गए सुरक्षा ऑडिट में कई गंभीर खामियां पाई गई थीं, जिसके बाद संस्थान को आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था।

निरीक्षण में मिलीं ये प्रमुख कमियां

भवन में फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है ।
25,000 लीटर क्षमता की जगह 5,000 लीटर का टैंक है।
900 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला फायर पंप नहीं था।
आपातकालीन निकासी के लिए दो सीढ़ियों की व्यवस्था नहीं है।
डाउन-कमर सिस्टम का अभाव पाया गया।
आपातकालीन निकास (Exit Signage) बेहतर नहीं है, छोटा है।
फायर अलार्म सिस्टम नहीं था।
20 एबीसी (ABC) और 6 CO₂ टाइप अग्निशामक यंत्रों की कमी पाई गई।
विद्युत सुरक्षा के लिए रबर मैट उपलब्ध नहीं है।
मकान में आवश्यक सेटबैक मानकों का पालन नहीं किया गया है।