केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बिहार से होकर बुलेट ट्रेन गुजरेगी। यह ट्रेन वाराणसी से शुरू होकर पटना के रास्ते पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को बिहार के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन बिहार से होकर गुजरेगी। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर वाराणसी से शुरू होकर पटना के रास्ते पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को बिहार के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक तरक्की को नई रफ्तार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके चालू होने से उत्तर भारत और उत्तर-पूर्व (North-East) के बीच संपर्क और मजबूत होगा। यह ट्रेन वाराणसी से खुलकर बिहार की राजधानी पटना होते हुए न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) तक जाएगी। इससे वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी तक का सफर कुछ घंटों में ही पूरा कर लिया जायेगा। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 700 किलोमीटर है जो उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा के समय को कम करेगी, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई सेवाओं दोनों को राहत मिलेगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट पेश करते हुए पूरे देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। इनमें से एक है वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज से होकर गुजरेगा। इससे इन शहरों से रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इस मार्ग से प्रति घंटा 300 किलोमीटर की स्पीड से बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 700 किलोमीटर है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि इसके चालू होने पर पटना से वाराणसी की दूरी एक घंटे में पूरा कर ली जायेगी।
रेल मंत्री ने कहा कि रेल नेटवर्क का और अधिक विस्तार किया जायेगा। इसको लेकर नई रेल लाइनों का सर्वे का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। इसको और अधिक मजबूत करना है। इसके तहत ही वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसका विस्तार गुवाहाटी तक किया जायेगा। जिससे पूर्वोत्तर भारत को भी देश की हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए।