
Amitabh Bachchan Birthday Special: संजना कुमार @patrika.com: आज बॉलीवुड के महानायक और एमपी के भोपाली दामाद अमिताभ बच्चन का 83वां जन्मदिन है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके करोड़ों फैंस हैं और वे सबसे फेवरेट अभिनेता। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हम आपको बता हैं अमिताभ बच्चन के पहले प्यार की कहानी और जया से उनके रिश्ते फिर शादी के रोचक और अनकहे किस्से... आपको जानकर हैरानी होगी कि बंगाली ब्राह्मण परिवार की बेटी जया भादुड़ी के साथ अमिताभ की शादी का पंडित ने किया था जमकर विरोध नहीं करवाना चाहते थे शादी... patrika.com पर आप भी पढ़ें अमिताभ की रियल लाइफ के रोचक और अनकहे किस्से....
दरअसल जया बच्चन एक बंगाली ब्राह्मण परिवार की बेटी हैं, जबकि अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) एक गैर हिंदु ब्राह्मण फैमिली से हैं। उस जमाने में इंटर-कास्ट मैरिज होना बड़ी ही हिम्मत का काम माना जाता था। जब दोनों की शादी होने वाली थी, तो एक बंगाली पंडित ने इसका जमकर विरोध किया। वो अड़ गए कि ये शादी सही नहीं है, ये हिंदू रीति-रिवाज और परम्परा के खिलाफ है। लेकिन बाद में अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन उन्हें कोने में ले गए और उन्हें बहुत समझाया। तब जाकर वे शांत हुए।
बता दें कि पहले अमिताभ बच्चन की शादी की तारीख अक्टूबर के महीने सन 1973 सुनिश्चित की गई थी। लेकिन उस दौरान अमिताभ के करियर में नया और ऐतिहासिक मोड़ लाने वाली फिल्म जंजीर बम्पर हिट हुई थी। तब अमिताभ ने दोस्तों के साथ घूमने को कहा और वे साथ में जया को भी ले जाना चाहते थे। घूमने की प्लानिंग शुरू हुई डेस्टिनेशन था लंदन। लेकिन उनके पिता ने शादी से पहले जया के साथ घूमने के लिए पहले तो इनकार किया। फिर अचानक बोले कि अगर जाना ही है, तो शादी करके जाओ। और अक्टूबर के बजाय 3 जून 973 में ही वे दोनों विवाह के बंधन में बंध गए।
आपको जानकर हैरानी होगी कि अमिताभ बच्चन और जया का विवाह बेहद सादगी से किया गया। परिवार ने जया की एक दोस्त के घर में ही विवाह की सभी रस्में पूरी कीं। गिने-चुने परिवार के लोग ही इस विवाह आयोजन के गवाह बने थे।
चूंकि जया के मायके का भोपाल से गहरा रिश्ता है। इसलिए शादी (Amitabh bachchan jaya bachchan wedding Secretes) के बाद दरअसल जया का रिसेप्शन 1974 में झीलों की नगरी भोपाल में रिसेप्शन हुआ था। जहां स्थानीय रिश्तेदार और परिवार के लोग शामिल हुए और दोनों को आशीर्वाद दिया। रिसेप्शन का ये कार्यक्रम बड़े तालाब के किनारे स्थित नवाबी महल वर्तमान में होटल इंपीरियल सैबर में हुआ था। रिसेप्शन का ये कार्यक्रम अमिताभ बच्चने के परिवार की ओर से आयोजित किया गया था। इसके बाद भोपाल में एक रिसेप्शन जया बच्चन के परिवार की ओर से भी दिया गया था। एमपी के तत्कालीन राज्यपाल सत्यनारायण सिन्हा और कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह से लेकर कई दिग्गज हस्तियां इस पार्टी में पहुंचीं थी।
इसका निर्माण अंग्रेज मेहमानों के लिए एक गेस्ट हाउस के रूप में किया गया था। 1960 में इसे हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया। नवाबी दौर में इस होटल को बतौर गेस्ट हाउस यूज किया जाता था।
इस महल का निर्माण भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खान के शासनकाल में इंग्लैंड के किंग एडवर्ड अष्टम के रुकने के लिए कराया गया था। बीसवीं सदी की शुरुआत में यहां बाघों का शिकार होता था। आठ एकड़ भूभाग में फैले इस इंपीरियल सैबर में कई राजा, महाराजाओं से लेकर प्राइम मिनिस्टर तक रुक चुके हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जया भादुड़ी का जन्म भोपाल में नहीं बल्कि जबलपुर में हुआ है। लेकिन बचपन भोपाल में बीता। उनकी स्कूलिंग भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में हुई है। उनके पिता तरुण भादुड़ी भोपाल के जाने-माने पत्रकार थे। मां इंदिरा भादुड़ी आज भी भोपाल में ही रहती हैं। यही कारण रहा कि उन्हें एमपी के लोग भोपाली दामाद कहकर बुलाते हैं।
अमिताभ बच्चन ने शादी से पहले जया के सामने एक शर्त रखी थी। उन्होंने जया से साफ कहा था कि वे 9-5 ड्यूटी करने वाली वर्किंग वाइफ नहीं चाहिए। उन्होंने जया को समझाते हुए कहा था कि जया काम कर सकती हैं, लेकिन हर प्रोजेक्ट सोच-समझ कर चुनें और घर को पहली प्राथमिकता पर रखें।
बच्चन परिवार में त्योहार पारंपरिक तौर-तरीकों से मनाए जाते हैं। करवा चौथ, दिवाली, होली, तीज। और जया ने भी शादी के बाद परिवार की हर रस्म को पूरी शिद्दत के साथ निभाया। वे सारी परम्पराएं आज भी निभाती आ रही हैं, जो अमिताभ बच्चन के परिवार के तौर-तरीकों और रीति-रिवाज में शामिल हैं।
अमिताभ बच्चन का पहला प्यार जया नहीं थी। ये हैरान होने वाली बात नहीं है क्योंकि उनका नाम एक्ट्रेस रेखा से भी जुड़ता रहा है। वहीं कई किताबों और मीडिया में भी इसका जिक्र मिलता है कि अमिताभ बच्चन का पहला प्यार जया नहीं थीं। अगर आप अब भी रेखा का नाम सोच रहे हैं तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आप गलत सोच रहे हैं।
अमिताभ बच्चन की जीवनी लिखने वाले कई लेखकों ने एक लड़की माया का जिक्र किया है, माया ही उनका पहला प्यार थी। फिल्मी दुनिया से दूर इस माया से उनके प्यार का रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं टिक सका। बाद में जया से उनकी शादी हुई।
जया बच्चन का एक इंटरव्यू सुना, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि हमारा रिश्ता काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा, लेकिन हमने कभी हार नहीं मानी। वहीं अमिताभ भी कई बार सार्वजनिक मंच पर लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कह चुके हैं कि हमारा रिश्ता भरोसे और सम्मान पर टिका है न कि सिर्फ प्यार पर।
1- युवा अमिताभ (Amitabh Bachchan) ने कभी आकाशवाणी में उद्घोषक बनने की कोशिश की थी। भारी आवाज के कारण उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। लेकिन यही आवाज बाद में उनकी पहचान बनी।
सबक: दूसरों को जो कमी लगती है, वह सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
2- उनकी पहली फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' फ्लॉप रही। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 1973 में 'जंजीर' आई, जिसने 'एंग्री यंग मैन' के रूप में नए सुपरस्टार का जन्म हुआ।
सबक: विफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
3- 1982 में 'कुली' की शूटिंग के दौरान हादसे में वे मौत के मुंह में जा पहुंचे। डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन उन्होंने नहीं। उनकी वापसी सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक जीत भी थी।
सबक : जज्बे के आगे किस्मत भी झुकती है।
4- 1999 में उनका प्रोडक्शन हाउस एबीसीएल बुरी तरह डगमगा गया। वे कर्ज में डूबे, लेकिन केबीसी के जरिए नई शुरुआत की। शो से वह कर्ज से बाहर निकले और शो भी लोकप्रिय हुआ।
सबक: नई शुरुआत करने के लिए कभी देर नहीं होती।
1969 में आई पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी के बाद 56 वर्ष से फिल्मों में सक्रिय अमिताभ के बारे में कहा जाता है, वे समय के बड़े पाबंद हैं। किसी भी सेट पर वे समय से पहले पहुंच जाते हैं। उनके मेकअप मैन रहे दीपक सावंत कहते हैं, कई बार उन्होंने लगातार 16-17 घंटे तक काम किया और अगली सुबह समय पर ही सेट पर आए। हर टेक से पहले कई बार रिहर्सल करना उनकी आदत में रहा। आज भी वे 83 वर्ष की उम्र में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। सोशल मीडिया पर उनके करीब 8 करोड़ फॉलोअर हैं।