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Barmer Politics: अशोक गहलोत के ‘गढ़’ में सचिन पायलट ने तैयार की अपनी टीम, विरोधी भी आए साथ; राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा

Barmer Politics: राजस्थान में बाड़मेर और बालोतरा जिले की सीमाओं का पुनर्गठन होने से राजनीति गर्मा गई है। पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट-

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Jan 17, 2026
Photo- Patrika

Barmer Politics: राजस्थान के आखिर छोर पर बसा बाड़मेर अब राज्य की राजनीति के केन्द्र में आ रहा है। कांग्रेस रेगिस्तान से राजनीति का गुबार उठा रही है तो भाजपा का ध्यान भी अब यहां केन्द्रित हो गया है।

प्रदेश में बाड़मेर और बालोतरा जिले की सीमाओं का पुनर्गठन होने से राजनीति और गर्मा गई है। हाशिए पर रहने वाला बाड़मेर वर्ष 2014 से लगातार अब राजस्थान की राजनीति के लिए विशेष होने लग गया है।

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सचिन पायलट ने तैयार की अपनी टीम

पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर जिला कांग्रेस का गढ़ रहा है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बाड़मेर-जैसलमेर की 9 सीटों पर पूरा ध्यान रखते रहे। अब इसी गढ़ में सचिन पायलट ने अपनी पूरी टीम तैयार कर ली है।

हेमाराम चौधरी को चाचा कहकर क्या संदेश दिया

जिला पुनर्गठन को लेकर उपजे विवाद बाद प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली, सचिन पायलट बाड़मेर के धोरीमन्ना में हुई 'जन आक्रोश रैली' में पहुंचे।

Sachin Pilot. Photo- https://x.com/SachinPilot

पायलट ने हेमाराम चौधरी को चाचा और खुद को उनका भतीजा बताकर यह संकेत दे दिया कि अब वे इस इलाके से पूरी तरह से जुड़ गए हैं।

इस दौरान गहलोत की अनुपस्थिति ने नई चर्चा छेड़ दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कहीं यह आलाकमान की पायलट को आगे करने की रणनीति का हिस्सा तो नहीं है?

गहलोत के करीबी हरीश चौधरी भी पायलट के साथ

हरीश चौधरी. Photo- Patrika

कभी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बहुत करीबी रहे हरीश चौधरी भी अब पायलट के साथ खड़े हो गए हैं। ऐसे में अब यह नई टीम बाड़मेर से राजनीति के नए गुबार को तैयार कर रही है। इसमें कांग्रेस की नई टीम भी है।

अमीनखां और मेवाराम जैन: 2 गुटों की दिलचस्प राजनीति

कांग्रेस में अमीनखां और मेवाराम जैन खुलकर एक गुट में है। इनको अब तक बड़ा समर्थन पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का रहा है।

वहीं हरीश चौधरी भी अपना पूरा जोर लगा रहे हैं। बीते दिनों जैसलमेर में फकीर परिवार और पूर्व विधायक रूपाराम धनदे के बीच में हुआ समझौता इसका उदाहरण है।

भाजपा के लिए भी बाड़मेर की राजनीति अहम

भाजपा के लिए भी सुदूर बाड़मेर की राजनीति अब अहम हो गई है। राज्यमंत्री के. के. विश्नोई के क्षेत्र को नए जिले बालोतरा में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी की विधानसभा को दो हिस्सों में कर भाजपा ने यहां बड़ी राजनीति खेल दी।

हरीश चौधरी जहां कांग्रेस के नए समीकरण गढ़ने में लगे हैं, सरकार यहां उनको ही निशाने पर लिए हुए है।

कांग्रेस-भाजपा दोनों तरफ बड़े मुद्दे बड़े नेता

BJP- Congress (Representative pic)
  • गुड़ामालानी-धोरीमन्ना जिले का मुद्दा- कांग्रेस से पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, भाजपा से राज्यमंत्री के के विश्नोई
  • बायतु के दो हिस्से- कांग्रेस से बायतु विधायक हरीश चौधरी, सांसद उम्मेदाराम, भाजपा से पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी
  • पोकरण में गोहत्या प्रकरण- कांग्रेस से पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद, भाजपा से केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह, विधायक प्रतापपुरी

बाड़मेर यों भी चर्चा में

सांसद हनुमान बेनीवाल, फोटो- एक्स हैंडल
  • रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के लिए नागौर के बाद बाड़मेर गढ़
  • सरहद समृद्धि यात्रा के जरिए पूर्व सांसद मानवेन्द्रसिंह पर ध्यान
  • निर्दलीय विधायक शिव रविन्द्र सिंह भाटी पर राज्य का ध्यान केन्द्रित

जानिए कब-कब चर्चा में रहा बाड़मेर

2014: वसुंधरा राजे और जसवंत सिंह में अदावत

jaswant singh. File Photo- Patrika

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जसवंत सिंह जसोल को टिकट नहीं दिया तो बाड़मेर देश की राजनीति में चर्चा में रहा। कर्नल सोनाराम चौधरी कांग्रेस से आकर चुनाव लड़े। यहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और जसवंत सिंह की मूंछ की लड़ाई चर्चा में रही

2019: मानवेन्द्र भाजपा से कांग्रेस के पाले में चले गए

मानवेन्द्र सिंह. Photo- Patrika

2019 में मानवेन्द्र सिंह कांग्रेस में चले गए और उन्होंने सांसद का चुनाव लड़ा, हरीश चौधरी लोकसभा चुनाव नहीं लड़े। कैलाश चौधरी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर ली। मानवेन्द्र के कांग्रेस से लड़ने से यह चुनाव चर्चा में रहा।

2024: लोकसभा चुनाव में रविन्द्र सिंह भाटी ने ठोकी ताल

2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय रविन्द्र सिंह भाटी ने ताल ठोक दी और उधर रालोपा से कांग्रेस में आए उम्मेदाराम बेनीवाल को कांग्रेस ने उम्मीदवार बना दिया।

रविन्द्र सिंह भाटी. Photo- Patrika

केन्द्रीय राज्यमंत्री कैलाश चौधरी को करारी शिकस्त मिली और कांग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल ने जीत का परचम लहराया। यह चुनाव देशभर में चर्चा में रहा।

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