CG Traditional food: छत्तीसगढ़ के घरों में ‘गोंदली-बोरेबासी’ की वापसी हो गई है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ भोजन डिहाइड्रेशन से बचाने में बेहद कारगर है। डॉक्टर ने इस पर क्या कहा, आइए जानते हैं..
CG Traditional food: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी की शुरुआत हो गई है। ऐसे में 40 डिग्री के तापमान में अब शरीर को ठंडक देने के लिए लोग अब अपने खानपान में बदलाव कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रदेश में परंपरागत खानपान की डिमांड बढ़ गई है। हम बात कर रहे ‘गोंदली-बोरेबासी’ की, जो आज देसी सुपरफूड बनकर शहरवासियों के लिए खास हो गया है। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ की परांपरागढ़ खानपान ‘गोंदली-बोरेबासी’ को लेकर डॉक्टर क्या कह रहे हैं…
तापमान के लगातार बढ़ते ग्राफ के बीच शहर में एक बार फिर परंपरागत खानपान की वापसी हो रही है। ‘गोंदली-बोरेबासी’…जो कभी ग्रामीण जीवन का सामान्य हिस्सा था, अब भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाला देसी सुपरफूड बनकर उभर रहा है। खास बात यह है कि डॉक्टर भी इसके फायदों को मान रहे हैं और इसे गर्मी से बचाव का असरदार उपाय बता रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के गांवों से लेकर शहरों तक अब ‘गोंदली-बोरेबासी’ की मांग तेजी से बढ़ रही है। बोरेबासी यानी रात के बचे चावल को पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना। यह परंपरा अब सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़ गई है। इसके साथ गोंदली (प्याज), नीबू का अचार व मिर्ची की चटनी मिलाकर खाने से यह और भी पौष्टिक हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ यह भोजन डिहाइड्रेशन से बचाने में बेहद कारगर है। इसमें मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स और कार्बोहाइड्रेट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और पानी की कमी नहीं होने देते।
आज के समय में जब बाजार में महंगे एनर्जी ड्रिंक और सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं, वहीं ‘बोरेबासी’ जैसे सस्ते और प्राकृतिक विकल्प का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह न केवल किफायती है, बल्कि पूरी तरह से केमिकल-फ्री और शरीर के अनुकूल भी है। डॉक्टरों का मानना है कि यह गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से भी बचाव कर सकता है।
मिनरल्स से भरपूर: ‘बोरेबासी’ को सही तरीके से तैयार कर उपयोग किया जाए तो यह मिनरल्स से भरपूर होता हे। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं।
कार्बोहाइड्रेट्स का अच्छा स्रोत: यह कार्बोहाइड्रेट्स का अच्छा स्त्रोत है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, जिससे थकान कम होती है।
प्राकृतिक कूलिंग फूड: पानी में भिगोने से इसकी तासीर ठंडी हो जाती है, जो शरीर का तापमान नियंत्रित करती है।
डिहाइड्रेशन से बचाव: इसमें मौजूद पानी और पोषक तत्व शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते।
पाचन तंत्र होता है मजबूत: हल्का फर्मेंटेशन होने से इसमें प्रोबायोटिक गुण विकसित होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं। गर्मी के मौसम में बोरेबासी का सेवन शरीर को हाइड्रेटेड रखने, ऊर्जा देने और हीट से बचाने का सरल और प्रभावी तरीका है।
राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में 16 से 19 अप्रैल तक लू चल सकती है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ सकता है। बुधवार को राजनांदगांव सबसे ज्यादा गर्म रहा। वहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। इसकी तुलना में रायपुर में पारा 41.7 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटे में राजधानी में पारा एक डिग्री चढ़ गया। जबकि प्रदेश में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क किया है।
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