Patrika Special News

ड्यूटी के बाद शुरू होता है हरियाली का मिशन, छत्तीसगढ़ के भोज साहू देशभर में मुफ्त बांट रहे देशी बीज

Free Seed Distribution: छत्तीसगढ़ के भोज साहू सरकारी नौकरी के साथ पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रहे हैं। वर्ष 2018 से वे देशी बीजों का संरक्षण कर पोस्ट ऑफिस के जरिए देशभर में मुफ्त बांट रहे हैं और लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
2 min read
Bhoj Sahu
Bhoj Sahu: ड्यूटी के बाद शुरू होता है हरियाली का मिशन(photo-patrika)

Bhoj Sahu: सरकारी सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे भोज साहू प्रकृति बचाने की अनोखी मुहिम चला रहे हैं। पत्रिका से बात चित में उन्होंने बताया की छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत भोज साहू वर्ष 2018 से देशी बीजों के संरक्षण और वितरण का अभियान चला रहे हैं। अपने खाली समय में वे लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करते हैं और पोस्ट ऑफिस के माध्यम से छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों तक नि:शुल्क बीज पहुंचा रहे हैं। उनका यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

Chhattisgarh Environment News: पोस्ट ऑफिस से देशभर में भेज रहे नि:शुल्क बीज

बारिश के मौसम में पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए भोज साहू सोशल मीडिया के जरिए लोगों से जुड़ते हैं और उन्हें देशी प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराते हैं। मांग के अनुसार वे पोस्ट ऑफिस के माध्यम से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक तक नि:शुल्क बीज भेज रहे हैं। उनका उद्देश्य देशी पेड़ों को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है।

देशी प्रजातियों को बचाने की पहल

भोज साहू के पास आम, नीम, इमली, अमलतास, गुलमोहर, महुआ, करंज, पलास, हर्रा, बहेरा और बबूल जैसे कई देशी पौधों के बीजों का संग्रह है। वे इन बीजों को लोगों तक पहुंचाकर देशी प्रजातियों के संरक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है।

परिवार भी अभियान में निभा रहा साथ

इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में भोज साहू को अपने परिवार और सहयोगियों का भी पूरा साथ मिल रहा है। उनकी पत्नी खुशबू साहू और 8 वर्षीय पुत्र वृक्षांश साहू बीजों के संग्रह और वितरण कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं समाजसेवी सुनील जैन भी देशी बीज उपलब्ध कराकर इस मुहिम को मजबूत बना रहे हैं। परिवार और समाज के सहयोग से भोज साहू की यह पहल लगातार आगे बढ़ रही है।

जल संरक्षण में भी किया उल्लेखनीय काम

भोज साहू ने केवल पौधरोपण तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी काम किया है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में जनसहयोग से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराया। इसके अलावा नगर के ऐतिहासिक कुओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

‘जल प्रहरी अवार्ड’ से सम्मानित

पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने की दिशा में किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए भोज साहू को जल शक्ति मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से ‘जल प्रहरी अवार्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने पौधरोपण के साथ जल संरक्षण के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उनका यह अभियान साबित करता है कि सरकारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी व्यक्तिगत प्रयासों से समाज में बड़े बदलाव और पर्यावरण संरक्षण की मजबूत मुहिम खड़ी की जा सकती है।

Published on:
26 Jun 2026 05:06 pm