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Chhattisgarh News: ऑयल पाम के साथ मूंगफली की खेती से बदली किसान की किस्मत, 2.20 हेक्टेयर में कमाए लाखो रुपये, अब बन रहे मिसाल

Chhattisgarh Agriculture: किसान ने 2.20 हेक्टेयर में ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती कर लाखों रुपये का उत्पादन और 70 हजार रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। उनकी सफलता अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
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Jul 11, 2026
Chhattisgarh Agriculture
किसान पोटाम गणेश ने ऑयल पाम के साथ मूंगफली की खेती (Photo Patrika)

Chhattisgarh Farmer: बीजापुर में राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम कचनूर के किसान पोटाम गणेश ने ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित की है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

2.20 हेक्टेयर भूमि में ऑयल पाम के पौधे

पोटाम गणेश ने अपनी 2.20 हेक्टेयर भूमि में ऑयल पाम के पौधे लगाए। पौधों के शुरुआती वर्षों में खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती की। इस खेती से उन्हें करीब 1 लाख रुपये का उत्पादन मूल्य प्राप्त हुआ, जबकि लगभग 30 हजार रुपये की लागत आई। इस तरह उन्हें 70 हजार रुपये की शुद्ध आय हुई।

अंतरवर्तीय खेती से बढ़ी आमदनी

किसान का कहना है कि ऑयल पाम के पौधों के पूरी तरह विकसित होने में समय लगता है। ऐसे में शुरुआती वर्षों में खाली भूमि पर अंतरवर्तीय फसल लेने से नियमित आय होती है और खेती की लागत निकालने में भी मदद मिलती है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस मॉडल को अपनाने की अपील की। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ तिलहन

2.20 हेक्टेयर में कमाए 70 हजार रुपये, अब बन रहे मिसाल

पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक और अंतरवर्तीय खेती (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने वाले किसान अब कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम (NMEO-OP) योजना के तहत एक किसान ने इसकी मिसाल पेश की है। भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम कचनूर निवासी पोटाम गणेश ने ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती कर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

2.20 हेक्टेयर में अपनाया नया खेती मॉडल

पोटाम गणेश ने अपनी 2.20 हेक्टेयर कृषि भूमि में ऑयल पाम के पौधे लगाए। ऑयल पाम के पौधों को पूरी तरह विकसित होने में कई वर्ष लगते हैं। इस दौरान खेत की खाली जमीन को अनुपयोगी छोड़ने के बजाय उन्होंने मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती करने का फैसला किया। इस प्रयोग का परिणाम उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। मूंगफली की फसल से उन्हें करीब 1 लाख रुपये का उत्पादन मूल्य प्राप्त हुआ, जबकि खेती में लगभग 30 हजार रुपये की लागत आई। इस तरह उन्हें करीब 70 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

खाली जमीन बनी अतिरिक्त आय का जरिया

किसान पोटाम गणेश का कहना है कि ऑयल पाम जैसी दीर्घकालीन फसल के शुरुआती वर्षों में खेत का बड़ा हिस्सा खाली रहता है। यदि इस दौरान मूंगफली, दलहन या अन्य उपयुक्त फसलों की अंतरवर्तीय खेती की जाए तो नियमित आय प्राप्त होती है और मुख्य फसल तैयार होने तक खेती का खर्च भी आसानी से निकल आता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस मॉडल को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि सही योजना और तकनीकी मार्गदर्शन के साथ अंतरवर्तीय खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत किसानों को ऑयल पाम की खेती के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग किसानों को यह भी समझा रहा है कि ऑयल पाम के शुरुआती वर्षों में अंतरवर्तीय फसल लेकर अतिरिक्त आय कैसे अर्जित की जा सकती है।

तिलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को आर्थिक मजबूती

योजना का उद्देश्य देश में खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि करना है। ऑयल पाम जैसी नकदी फसल के साथ अंतरवर्तीय खेती अपनाने से किसान एक ही खेत से दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इससे न केवल खेती अधिक लाभकारी बन रही है, बल्कि कृषि जोखिम भी कम हो रहा है।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बना मॉडल

बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में पोटाम गणेश की सफलता यह साबित करती है कि वैज्ञानिक खेती और नई कृषि तकनीकों को अपनाकर सीमित संसाधनों में भी बेहतर आमदनी हासिल की जा सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिक किसान इस मॉडल को अपनाते हैं, तो क्षेत्र में तिलहन उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

Updated on:
11 Jul 2026 01:05 pm
Published on:
11 Jul 2026 01:04 pm