Milawati Haldi: शादियों का सीजन है और घर-परिवार में रस्मों-रिवाज निभाए जा रहे हैं। शादी की इन खुशियों के बीच इंदौर के MY अस्पताल के डॉक्टर्स ने अलर्ट जारी किया है, हल्दी की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन मंडप में जाने के बजाय अस्पताल पहुंच गए। वहीं हल्दी से एलर्जी के 7 दिन में 5 गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। मिलावटी हल्दी जानलेवा साबित हो सकती है। patrika.com पर जानें असली-नकली हल्दी की पहचान और रहें सुरक्षित
Fake Turmeric: इन दिनों शादियों का सीजन है। प्रदेशभर में कई विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले शादी की सभी रस्में और रीति-रिवाज परम्पराओं को पूरा किया जा रहा है। शादी के माहौल और पारिवारिक खुशियों के बीच इंदौर से चौंकाने वाले मामला सामने आया है। यहां हल्दी की रस्मों के बाद दूल्हा-दुल्हन की हालत इतनी गंभीर हो गई उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। जहां सामने आया कि दोनों को हल्दी से एलर्जी हो गई है। वहीं पिछले 7 दिन में हल्दी से गंभीर एलर्जी के मामले बढ़ते नजर आए हैं।
शादी के सीजन और हल्दी की एलर्जी के मामले सामने आने के बाद डॉक्टर्स ने अलर्ट जारी किया है। जानलेवा हल्दी की ये खबर अकेले शादी के सीजन या दूल्हा-दुल्हन के लिए ही नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी है, जहां बच्चों को हल्दी का उबटन लगाकर नहलाया जाता है या फिर दूध में हल्दी मिलाकर पिया जा रहा है। अगर आप भी हल्दी (Fake Turmeric) लगाने वाले हैं या किसी भी तरह यूज करने जा रहे हैं, तो ये खबर जरूर पढ़ लें…
मार्केट में बिक रही मिलावटी हल्दी शादियों की खुशियों को नजर लगाने का काम कर रही है। इंदौर के सरकारी अस्पताल एमवाई (MYH) में इन दिनों ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें हल्दी (Fake Turmeric) की रस्म के बीच दूल्हा-दुल्हन की हालत गंभीर हो गई और एक रिश्तेदार की जान पर बन आई है। नए रिश्तों के लिए निखरना था, मंडप पर जाने की तैयारी की जाती इससे पहले ही दूल्हा-दुल्हन को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया। वहीं एक मरीज को वेंटिलेटर पर रखने की नौबत आ गई। जबकि अन्य कई लोगों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है।
खरगोन जिले के कसरावद निवासी राखी (21) की शादी की खुशियां उस वक्त गंभीर चिंता में बदल गईं, जब हल्दी लगाने के कुछ देर बाद ही उसके शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए। चेहरे और होंठों पर सूजन आ गई। थोड़ी देर बाद उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। राखी के परिजनों का कहना है कि उन्होंने हल्दी (Fake Turmeric) रस्म के लिए बाजार से सस्ती और खुली हल्दी खरीदी थी।
उधर एक मामले में अस्पताल में भर्ती हुआ दूधिया निवासी 35 वर्षीय गोलू भी मिलावटी हल्दी का शिकार हो गया। उसका कहना है कि घर में उसकी शादी का माहौल था हल्दी की रस्म निभाई जा रही थी। जैसे ही हल्दी की रस्म-रिवाज पूरी हुई, गोलू को हल्दी से एलर्जी हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
MYH के डॉक्टर्स के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में MYH में हल्दी से गंभीर एलर्जी के 4 से 5 मामले सामने आए हैं। इनमें एक मरीज को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। क्योंकि उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिलावटखोर हल्दी (Fake Turmeric) को ज्यादा चमकदार दिखाने के लिए उसमें सिंथेटिक डाई 'मेटानिल येलो' का इस्तेमाल कर रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि यह सिंथेटिक डाई शरीर के संपर्क में आते ही तुरंत रिएक्ट करती है। इससे शरीर का ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। ऐसा होने पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वहीं गंभीर हालत में मरीज 'एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम' का शिकार हो सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति के फेफड़ों में पानी भर सकता है और वे काम करना बंद कर सकते हैं।
शादियों के सीजन में हल्दी की खपत बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाने के लिए छोटे किराना व्यापारी और मिलावटखोर केमिकल युक्त हल्दी या मिलावटी हल्दी बेच रहे हैं। वहीं खासतौर पर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवार हल्दी की रस्म के लिए भारी मात्रा में खुली और सस्ती हल्दी खरीदते हैं। वहीं आम दिनों में हल्दी का सेवन जहां बुजुर्गों और उबटन के रूप में बच्चों के शरीर मलने के लिए भी किया जा रहा है। ऐसे में यह हल्दी जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर्स ने चेताया है कि बाजार से खुली और सस्ती हल्दी खरीदने की गलती बिल्कुल न करें।
आयुर्वेद में हल्दी को सेहत के लिए 'वरदान' माना गया है। लेकिन केमिकल मिलाने यही वरदान अभिशाप बन रहा है। डॉक्टरों तका कहना है कि बाजार से खुली या सस्ती हल्दी (Fake Turmeric) बिल्कुल न खरीदें। उन्होंने अलर्ट जारी करते हुए सलाह भी दी है कि शादी जैसे आयोजनों या घर के खान-पान के लिए साबुत हल्दी का यूज करें। साबुत हल्दी खरीदें और उसे पिसवाएं। अगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो ब्रांडेड हल्दी का इस्तेमाल करें।
हल्दी असली है या नकली इसकी (Fake Turmeric) पहचान के लिए सबसे पहले एक गिलास पानी लें, इसमें एक चम्मच हल्दी डालें। अगर हल्दी तुरंत गहरा रंग छोड़ने लगे और पानी के ऊपर तैरती नजर आए, तो 5 सैकंड में नजर आने वाला यह लक्षण बता देता है कि हल्दी मिलावटी है। इसके विपरीत यदि 5 सैकंड में हल्दी पानी के गिलास के तले में पहुंच जाए और पानी का रंग हल्का पीला ही बना रहता है, तो इसका अर्थ है कि हल्दी पूरी तरह से शुद्ध है।
हल्दी लगाने के बाद एलर्जी के रूप में खुजली, जलन या घबराहट महसूस हो तो उसे तुरंत साफ पानी से अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय रहते इलाज नहीं मिलने से यही हल्दी जानलेवा साबित हो सकती है।-डॉ. विनोद कोठारी, एमबीबीएस, एमडीस, भोपाल