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Big Cat Diplomacy के जरिए विश्व का नेतृत्व करेगा भारत? कभी पांडा डिप्लोमेसी हुआ था पॉपुलर

Big Cat Diplomacy: चीन ने 1950 के दशक में साम्यवादी सरकार के सत्ता में आने के बाद पांडा डिप्लोमेसी की शुरुआत की। भारत अब बिग कैट डिप्लोमेसी के जरिए विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ वन्यजीव का संरक्षण भर नहीं, बल्कि भारत की ग्रीन डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाना है।

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Big Cat Diplomacy

भारत में आईबीसीए शिखर सम्मेलन 1 और 2 जून 2026 को होने जा रहा है। (AI Generated)

Big Cat Diplomacy : सामान्य तौर पर एक देश के राष्ट्राध्यक्ष किसी दूसरे देश जाते हैं तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष को अपने देश की कोई खास चीज उपहार के तौर पर देते हैं। इस गिफ्ट में शॉल से लेकर बुद्ध की प्रतिमा तक हो सकती है। इसे कूटनीति का हिस्सा माना जाता है। इस आदान-प्रदान में जानवर भी जुड़ गए। चीन ने सोवियत संघ और कुछ अन्य मित्र देशों को 1950 के दशक में पांडा उपहार में दिए। दुनिया में इसे पांडा डिप्लोमैसी (Panda Diplomacy) नाम दिया गया। अब जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता संकट के दौर में भारत पर्यावरण को कूटनीति का नया हथियार बना रहा है। आइए जानते हैं कि भारत कैसे ‘बिग कैट डिप्लोमेसी’ (Big Cat Diplomacy) के जरिए खुद को जैव विविधता संरक्षण के वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना चाहता है।

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