
घर के अंदर महिलाओं द्वारा किए जाने वाले श्रम की कोई गिनती नहीं की जाती है। (AI Generated)
Male vs Female Working Hours : मेहनत और काम करने के मामले में आज भी समाज में अक्सर यही माना जाता है कि पुरुष ज्यादा काम करते हैं क्योंकि वो घर के बाहर जाकर पैसे कमाते हैं। लेकिन क्या असल जिंदगी में सच में ऐसा ही है? ओईसीडी (Organisation for Economic Co-operation and Development) रिपोर्ट कि अनुसार दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, महिलाएं हर दिन पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा काम कर रही हैं। फर्क सिर्फ इतना सा है कि पुरुषों को दफ्तर में काम की सैलरी मिलती है, जबकि महिलाओं की दिन-रात की मेहनत को 'फर्ज', 'त्याग' या 'जिम्मेदारी' का नाम देकर उसका कोई मोल नहीं चुकाया जाता।
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