International Mathematics Day 2026: 14 मार्च को यूनेस्को द्वारा इंटरनेशनल डे ऑफ मैथ्स मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य गणित को केवल अंकों और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि सोच और समझ विकसित करने वाली विधा के रूप में स्थापित करना है।
International Mathematics Day 2026: रायपुर @ ताबीर हुसैन। 14 मार्च को यूनेस्को द्वारा इंटरनेशनल डे ऑफ मैथ्स मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य गणित को केवल अंकों और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि सोच और समझ विकसित करने वाली विधा के रूप में स्थापित करना है। छत्तीसगढ़ में भी कई शिक्षक अपने नवाचारों से गणित को बच्चों के लिए रोचक बना रहे हैं।
दुर्ग जिले की शिक्षिका के. शारदा ने एआई, ऑगमेंटेड रियलिटी और क्यूआर कोड आधारित गणित पुस्तिका के जरिए पढ़ाई को डिजिटल और इंटरएक्टिव बनाया, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला। वहीं प्रज्ञा सिंह गतिविधि आधारित शिक्षण और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों में गणित के प्रति जिज्ञासा और आत्मविश्वास विकसित कर रही हैं।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खेदामारा की शिक्षिका के. शारदा ने पारंपरिक टीएलएम के साथ ऑगमेंटेड रियलिटी आधारित शिक्षण सामग्री का उपयोग कर गणितीय अवधारणाओं को दृश्यात्मक और समझने योग्य बनाया। एआई आधारित तकनीकों की मदद से वे गणित की संरचनाओं को ऐसे प्रस्तुत करती हैं कि बच्चे उन्हें आसानी से समझ सकें। विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने के लिए उन्होंने एआई जनरेटेड वीडियो, कार्टून वीडियो और डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया।
अब तक वे गणित विषय पर 2000 से अधिक शैक्षणिक वीडियो तैयार कर चुकी हैं। उन्होंने गतिविधि आधारित गणित पुस्तिका भी तैयार की, जिसमें क्यूआर कोड जोड़े गए हैं। इन्हें स्कैन करने पर संबंधित वीडियो लेक्चर खुलते हैं, जिससे विद्यार्थी स्वाध्याय कर सकते हैं। इस नवाचार का उल्लेख उनके राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में भी हुआ।
मिडिल स्कूल हनोदा में गणित को बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति पर काम कर रही प्रज्ञा सिंह का मानना है कि गणित को यदि प्रयोग, उदाहरण और चर्चा के माध्यम से पढ़ाया जाए तो विद्यार्थी इसे आसानी से समझते हैं और विषय के प्रति उनका डर भी खत्म होता है।
शिक्षिका ने स्कूल में गणित पार्क की स्थापना की जहां बच्चों को गणित और संख्याओं के गुण, जोड़, घटाव और अन्य जटिल न्यूमेरिक को एक रोचक और साधारण तरीके से समझाया जाता है। वे कक्षा में ऐसी गतिविधियां कराती हैं जिनमें विद्यार्थी खुद भाग लेते हैं, सवाल पूछते हैं और समाधान खोजने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। प्रज्ञा सिंह गणित की अवधारणाओं को दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोडक़र समझाती हैं जिससे विद्यार्थियों को विषय की उपयोगिता समझ में आती है।
14 मार्च को इंटरनेशनल मैथमेटिक्स डे मनाने के पीछे एक खास कारण है। यह तारीख प्रसिद्ध गणितीय स्थिरांक पाई (π) से जुड़ी हुई है। कई देशों में तारीख को महीना-दिन (3-14) के रूप में लिखा जाता है, जो पाई के शुरुआती मान 3.14 से मेल खाता है। इसी वजह से 14 मार्च को लंबे समय से पाई दिवस के रूप में भी मनाया जाता रहा है।
पाई एक गणितीय स्थिरांक है जो किसी वृत्त की परिधि और उसके व्यास के अनुपात को दर्शाता है और यह गणित तथा विज्ञान में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जब यूनेस्को ने अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस की घोषणा की, तो पहले से लोकप्रिय पाई दिवस को ही इस वैश्विक गणित उत्सव के रूप में विस्तारित कर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि गणित केवल कक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि विज्ञान और तकनीक के विकास में, डेटा और अनुसंधान में, इंजीनियरिंग और नवाचार में, दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान में गणित की अहम भूमिका होती है।