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Iran VS US-Israel War: पाकिस्तान में स्कूल-कॉलेज बंद, कहां हुआ WFH लागू,क्यों बढ़ रही महंगाई ?

अमेरिका ने ईरान पर पांच दिन हमला नहीं करने की बात की। आज अमेरिका ने ईरान पर बम बरसाए। ईरान ने भी इजराइल पर बम बरसाए। इस युद्ध के चलते दुनिया के ज्यादातर मुल्कों में तरह-तरह की परेशानियां पैदा हो रही हैं। आइए जानते हैं कि किस देश ने राहत के लिए क्या उपाय किए।

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Mar 25, 2026
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग जारी (Photo: IANS)

Iran VS US-Israel War 2026: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 26 दिनों से चल रहा युद्ध कहीं थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर पांच दिन हमला नहीं करने का ​ऐलान किया, लेकिन इसके बावजूद हमला जारी है। आज भी अमेरिकी सैनिकों ने ईरान पर हमला किया। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्यवाही में इजराइल के कई ठिकानों पर बम बरसाए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दिए ताजे बयान में पेंटागन चीफ पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा है कि ईरान पर हमले का आईडिया मेरा नहीं, उनका है। अभी ऊंट का करवट किस करवट बैठेगा, यह तो भविष्य ही बताएगा। इस बीच ऊर्जा आपूर्ति की दिक्कतों के मद्देनजर दुनिया के अलग-अलग देशों ने वर्क फ्रॉम होम, ईंधन राशनिंग, और सड़क पर परिवहन नियंत्रण जैसी योजनाएं लागू की। आइए जानते हैं किस देश में क्या लागू किया गया?

पाकिस्तान में स्कूल-कॉलेज दो सप्ताह के लिए बंद

पाकिस्तान ने इस युद्ध के मद्देनजर ईंधन की बचत और बिजली की खफत कम करने के लिए दो सप्ताह के लिए सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं। सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में सिर्फ चार दिन काम कराया जा रहा है जबकि 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉ होम दे दिया गया। सरकार के सभी विभागों को तेल के आवंटन में 50 फीसदी की कटौती की गई जबकि गैर-जरूरी सरकारी वाहनों को नहीं चलाने के आदेश दे दिए गए हैं। इसके अलावा बाजार को भी जल्दी बंद करने का आदेश दे दिया गया है।

अपनी खपत का 85 फीसदी आयातित तेल पर निर्भरता

पाकिस्तान अपने कुल कच्चे तेल (crude oil) और पेट्रोलियम उत्पादों का लगभग 70% से 85% हिस्सा मध्य पूर्व देशों से आयात करता है। मध्य पूर्व देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से पाकिस्तान कच्चा तेल आयातित करता है। पाकिस्तान अपनी कुल खपत का 10-15 फीसदी ही तेल उत्पादन कर पाता है।

भारत में बड़ी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह

ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधा को देखते हुए भारत में भी बड़ी कंपनियों को यह सलाह दी जा चुकी है कि वह अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करवा सकते हैं। यहां तेल से ज्यादा एलपीजी गैस की आपूर्ति कम होने से दिक्कतें पैदा हो रही हैं। एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई की दिक्कत की खबरें देशभर से लगातार आ रही हैं। भारत में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये और कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये से 144 रुपये तक की बढ़ोतरी की जा चुकी है। दुनिया में कच्चा तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद भारत में अभी पेट्रोल और ​डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई है।

हर परिस्थिति से मुकाबला के लिए रहें तैयार: पीएम मोदी

हालांकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च 2026 को संसद को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा संकट सिर्फ क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसका दुनिया की अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक पड़ सकता है। हमें हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना होगा।

श्रीलंका में स्कूल बंद, सरकारी दफ्तर वर्क फ्रॉम होम पर

श्रीलंका में ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते आपूर्ति की कमी के चलते सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम काम करने के आदेश ​दे दिए गए हैं। वहीं ईंधन बचाने के लिए स्कूल बंद किए जा चुके हैं। वहां सख्त फ्यूल राशनिंग की व्यवस्था भी शुरू की जा चुकी है। QR कोड सिस्टम के जरिए ईंधन का आवंटन किया जा रहा है। देश में ईंधन की खपत में 40–50% गिरावट देखी गई है। देश के सभी विश्वविद्यालयों और गैर जरूरी कर्मचारियों को बुधवार को सार्वजनिक अवकाश दे दिया गया है।

बांग्लादेश में दफ्तर के समय में कटौती, फ्यूल सब्सिडी की गई कम

बांग्लादेश में दफ्तरों की टाइम में कटौती की गई है। वहां बिजली बचत अभियानों में लोडशेडिंग बड़े पैमाने पर की जा रही है। वहां फ्यूल सब्सिडी कम की गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2022 के संकट के बाद से अबतक 50 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बांग्लादेश में सभी विश्वविद्यालय, विदेशी पाठ्यक्रम वाले स्कूल, कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए और उन्हें ऑनलाइन पढ़ाने को कहा गया है।

भूटान पर अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का बहुत कम प्रभाव पड़ा है क्योंकि यहां की ऊर्जा जरूरत जलविद्युत पर निर्भर है। इसके बावजूद यहां ईंधन उपयोग कम करने की अपील की गई है। सरकार ने सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम के आदेश दे दिए हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए ईंधन को प्राथमिकता देने को कहा गया है। वहीं तेल की जमाखोरी पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। तेल की कंटेनर में बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों को अपनी यात्रा कम करने को कहा गया है।

फिलीपींस में चार दिन की वर्किंग, प्राइवेट सेक्टर के लिए वर्क फ्रॉम होम

वर्तमान युद्ध को देखते हुए देश में वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मॉडल को अपनाया गया है। सरकारी कर्मचारियों को सिर्फ चार दिन दफ्तर जाने का आदेश दिया गया है। वहीं प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को यह सलाह दी गई कि वह अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम ही काम कराएं। सरकारी दफ्तर के कर्मचारियों के लिए गैर जरूरी यात्राओं पर रोक लगा दी गई है।

भूटान में ईंधन कम खर्च करने की अपील, दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम

भूटान पर अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का बहुत कम प्रभाव पड़ा है क्योंकि यहां की ऊर्जा जरूरत जलविद्युत पर निर्भर है। इसके बावजूद यहां ईंधन उपयोग कम करने की अपील की गई है। सरकार ने सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम के आदेश दे दिए हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए ईंधन को प्राथमिकता देने को कहा गया है। वहीं तेल की जमाखोरी पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। कंटेनर में तेल की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों को अपनी यात्रा कम करने को कहा गया है।

फिलीपींस में चार दिन की वर्किंग, प्राइवेट सेक्टर के लिए वर्क फ्रॉम होम

वर्तमान युद्ध को देखते हुए देश में वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड मॉडल को अपनाया गया है। सरकारी कर्मचारियों को सिर्फ चार दिन दफ्तर जाने का आदेश दिया गया है। वहीं प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को यह सलाह दी गई कि वह अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम ही काम कराएं। सरकारी दफ्तर के कर्मचारियों के लिए गैर जरूरी यात्राओं पर रोक लगा दी गई है।

फिलीपिंस ऑड और ईवन स्कीम लागू, म्यांमार में तेल के लिए लंबी कतारें

वियतनाम में एहतियात बरतते हुए ईंधन लगने वाले कर को कम किया गया है। निजी वाहनों के लिए ऑड और ईवन स्कीम लागू किया गया है। आम आदमी को राहत मिल सके इसलिए सरकार ने वैट और टैक्स में कमी करके महंगाई पर रोक लगाने की कोशिश की है। इससे अनिवार्य वस्तुओं की कीमत में 10–15% तक की राहत मिल रही है। वहीं म्यांमार में ईंधन की कमी के चलते लंबी कतारें गैस और पेट्रोल स्टेशनों पर दिखाई दे रही है। खासतौर पर यहां पेट्रोल की उपलब्धता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कालाबाजारी की काफी शिकायतें सामने आ रही हैं।

कंबोडिया में मध्य मार्च तक 6300 पेट्रोल पंप बंद

कंबोडिया पेट्रोल की भारी कमी से गुजर रहा है। यहां एक तिहाई पेट्रोल पंप मार्च के मध्य तक बंद कर दिए गए। कालाबाजारी को देखते हुए सरकार अनिवार्य वस्तुओं की कीमत में बढ़ोतरी पर नजर बनाए हुए। सरकार ने सब्सिडी को काफी हद तक कम कर दिया ​है। सरकार ने जनता से यह अपील की है कि वह अपनी जरूरतों को कम करें और कम से कम खपत करे। वहीं लाओस में ईंधन की राशनिंग शुरू हो चुकी है। यहां विदेशी मुद्रा संकट की स्थिति पैदा हो गई है, जिसके चलते आयात प्रभावित हो रहा है। लाओस में पेट्रोल कीमतों में अबतक 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।

द. अफ्रीका और मिस्र में पेट्रोल हुआ महंगा

दक्षिण अफ्रीका पर भी युद्ध का असर पड़ रहा है। यहां पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं, इसलिए सरकान ने आम जनता को राहत देने के लिए करों में कमी कर दी है। यहां बिजली बचाने के लिए लोडशेडिंग भी काफी हो रही है। कई प्रांत में बिजली गुल होने से अंधेरा हो गया है। वहीं मिस्र में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के दबाव में ईंधन पर सब्सिडी को आंशिक रूप से कम किया है, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। यहां ईंधन की कीमतों में 20–30% वृद्धि दर्ज की गई है। केन्या में ईंधन की राशनिंग शुरू हो गई है। महंगाई पर रोकथाम के लिए सरकार ने ईंधन पर सरकारी सब्सिडी जारी रखी है। यहां 28 मार्च से रविवार को छोड़कर बाकी दिनों में रेस्टोरेंट, रिटेल शॉप्स 9 बजे रात तक और सरकारी दफ्तर 6 बजे तक ही खोले जाने के आदेश दिए जा चुके हैं।

न्यूजीलैंड में अब तक 1,000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल

न्यूजीलैंड में जेट फ्यूल प्राइस महंगे होने के चलते एयर न्यूजीलैंड ने 1,000 से ज्यादा फ्लाइट अबतक कैंसिल कर दिए है। वहीं महंगाई पर लगाम लगाने के लिए फ्यूल टैक्स अस्थाई रूप से हटा दिया गया है। इससे प्रति लीटर पेट्रोल में 25 सेंट की राहत हो रही है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की टिकट की कीमतों में कमी की गई है। वहीं इंग्लैंड में ईंधन और ऊर्जा महंगी होने से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो रही हैं। यह कहा जा रहा है कि यहां महंगाई दर 5 फीसदी तक पहुंच सकती है। लोगों की क्रय शक्ति कम होने की आशंका जताई जा रही है। यह भी आशंका है कि ब्रिटेन मंदी की गिरफ्त में आ सकता है। यह आलम कमोबेश पूरे यूरोप का दिख रहा है।

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