
Mule Accounts : बचपन में माता-पिता जिस लाड़-प्यार से बच्चों के बैंक खाते खुलवाते हैं, क्या वही खाते एक दिन उनके भविष्य को सलाखों के पीछे धकेल सकते हैं? मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर से एक ऐसा ही चौंकाने वाला सच सामने आया है, जो हर अभिभावक की नींद उड़ा देने के लिए काफी है।
साइबर ठगों के 'म्यूल अकाउंट' (फर्जी किराए के खाते) के खतरनाक जाल में अब स्कूल और कॉलेजों के मासूम छात्र फंसते जा रहे हैं। चंद रुपयों के लालच और टेलीग्राम पर मिलने वाले प्रलोभन ने देश के भविष्य कहे जाने वाले इन नौनिहालों को अनजाने में ही मल्टी स्टेट साइबर फ्रॉड का मोहरा बना दिया है। हालात यह हैं कि सिर्फ एक महीने के भीतर इंदौर पुलिस ने 100 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए है जिसमें स्कूल, कॉलेज के छात्र भी शामिल है। इसने यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधियों का यह नापाक जाल अब हमारी युवा पीढ़ी की जड़ों को खोखला कर रहा है।
क्राइम ब्रांच और इंदौर के विभिन्न थाना पुलिस ने विगत एक माह में कुल 47 केस दर्ज किए है। इन प्रकरणों में पुलिस अब तक 100 से अधिक म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये वहीं आरोपी है जिनके म्यूल खाते मल्टी स्टेट साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हुए है।
दिल्ली, कनार्टक, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, असम, बिहार, गुजरात, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना व अन्य राज्यों के लोगों ने विभिन्न तरह से हुई साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। इन शिकायतों का रिकॉर्ड इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, गृह मंत्रालय और एनसीआरपी पोर्टल, साइबर क्राइम पोर्टल से निकाला गया। चौंकाने वाली बात है कि साइबर फ्रॉड में जिन खातों का धडल्ले से इस्तेमाल हुआ उनमें इंदौर स्थित विभिन्न बैंक के खातों का नाम शुमार है। इन म्यूल खातों में लोगों के मेहनत के करोड़ों रुपए लैंड हुए और फिर उसे धोखाधड़ी कर विड्रॉल कर लिया गया।
जनवरी 2026 से लेकर अब तक क्राइम ब्रांच में सैंकड़ों साइबर फ्रॉड संबंधित शिकायत आई है। प्राप्त शिकायतों की जांच में करीब 10 हजार म्यूल खाते सामने आए, जिन्हें फ्रॉड राशि रिकवर करने के उद्देश्य से ब्लॉक कराया गया है। वहीं विगत एक माह में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत क्राइम ब्रांच और विभिन्न थाने में म्यूल खाता संचालित करने के मामले में कुल 47 केस दर्ज हुए। इन केस में कार्रवाई कर पुलिस ने 100 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विगत एक माह में 100 से अधिक म्यूल खाता धारकों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान चौंकाने वाली बात सामने आई। जिन म्यूल खाता धारक को गिरफ्तार किया गया। उनमें स्कूल और कॉलेज के छात्र भी शामिल है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इन छात्रों ने लालच के चक्कर में अपने बैंक खातों को किराये पर दिया था। इन्हें ये नहीं पता था कि चंद रुपयों के चक्कर में इन्होंने जिस ठग गैंग को अपने खाते दिए है वे उनका कॅरियर खराब करने में तुले है। ये बात भी सामने आई है कि ये सभी छात्र ने अपने खातों को म्यूल खातों के रूप में टेलीग्राम के माध्यम से रेंट पर दिया था। जिसमें 20 करोड़ से अधिक के ट्रांजेक्शन की बात सामने आ चुकी है।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी दंडोतिया इस बात को मानते है कि माता-पिता कम उम्र में बच्चों के बैंक अकाउंट खुलवा लेते है। बाद में बच्चे अपने इच्छा अनुसार अपने बैंक खाते को इस्तेमाल करते है। उसके ट्रांजेक्शन को मेंटेन करने लगते है। बाद में वे चंद पैसा कमाने के लालच में अपना खाता रेंट पर देने की गलती कर बैठते है। बस यहीं से वे अपने भविष्य को अंधकारमय बनाना शुरू कर देते है। पेरेंट्स चाले तो समय-समय पर बच्चों के बैंक खातों में हो रहे ट्रांजेक्शन पर नजर रख सकते है। ताकि वे अपने बच्चे को म्यूल खाता धारक बनने से पहले सुरक्षित कर सकें।