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Nepal New PM: नेपाल के बालेन शाह बने दुनिया के 8वें सबसे युवा PM, कभी गुस्से में आकर सिंह दरबार के लिए कही थी ये बात

Nepal New PM Balendra Shah: नेपाल के बालेन शाह ने आज प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली। उन्हें नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। हालांकि, दुनिया में बालेन शाह से भी कम उम्र में सात लोग प्रधानमंत्री बन चुके हैं। युवा प्रधानमंत्रियों की सूची में पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो का भी नाम भी शुमार है। आइए जानते हैं कि बालेन शाह से पहले और कम उम्र में कौन-कौन प्रधानमंत्री बन चुके हैं।

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Mar 27, 2026
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह

Nepal New PM Balendra Shah: राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेन शाह ने आज नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें नेपाल के सबसे युवा पीएम बनने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने नेपाल में धूमधाम से मनाई जाने वाली रामनवमी के दिन शपथ ग्रहण समारोह के लिए 12:34 बजे का समय चुना। उन्होंने काठमांडू स्थित राष्ट्रपति कार्यालय शीतल निवास में शपथ ली। दुनिया में सबसे युवा प्रधानमंत्री और भी हुए हैं, आइए उनके बारे में भी जानते हैं।

शपथ लेने से पहले जारी किया म्यूजिक वीडिया जय महाकाली

नेपाल के 40वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने से कुछ घंटे पहले, बलेंद्र शाह ‘बालेन’ ने गुरुवार को अपना नया म्यूजिक वीडियो 'जय महाकाली' जारी किया। 35 वर्षीय रैपर से नेता बने बालेन के नए म्यूजिक वीडियो में उनके चुनाव अभियान के दृश्य दिखाए गए हैं, और यह गीत देशभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस वीडियो को जारी करने के 17 घंटे बाद तक लगभग 3 मिलियन व्यूज मिल चुके थे। यह वीडियो वास्तव में दस साल पहले बनाया गया था, लेकिन इसमें उनके चुनाव अभियान के अतिरिक्त दृश्य जोड़कर 26 मार्च को सार्वजनिक किया गया। यह भी खबर है कि बालेन जल्द ही दो और गाने भी रिलीज करने वाले हैं।

26 मार्च को उन्हें चुन लिया गया संसदीय दल का नेता

बालेन शाह को 26 मार्च 2026 को RSP संसदीय दल का नेता चुन लिया गया, जिसके चलते उनके नेपाल के सबसे युवा निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रास्ता कल ही साफ हो चुका था। उनकी पार्टी RSP ने 5 मार्च को हुए संसदीय चुनाव में भारी जीत हासिल की।

बालेन पीएम पद पर पहुंचने वाले पहले मधेशी क्षेत्र के व्यक्ति

35 वर्षीय रैपर से राजनेता बने बालेन शाह देश के शीर्ष कार्यकारी पद पर पहुंचने वाले मधेश क्षेत्र के पहले व्यक्ति भी होंगे। नेपाल ने काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह और उनकी पार्टी RSP को नई सरकार बनाने का जनादेश दिया है। पिछले साल हुए हिंसक Gen Z प्रदर्शनों के बाद यह जीत पारंपरिक दलों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। पिछले साल हुए हिंसक जेन जी के प्रदर्शनों में पारंपरिक पीढ़ीगत राजनीति में बदलाव और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की मांग उठी थी।

RSP ने 275 सीटों में से 182 सीटें जीतीं

RSP ने बालेन को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था और पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीटों में से 182 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान से और 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चुने जाते हैं।

केपी शर्मा ओली को उनके ही गढ़ में घुसकर दी मात

बालेन ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराया। यह सीट कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

'मैं सिंह दरबार में आग लगा दूंगा'

काठमांडू के पूर्व मेयर शाह ने बार-बार 'सिंहदरबार' में राज करने वाली पुरानी पारंपरिक पार्टियों से सीधी चुनौती मोल ली। बालेन ने सिंह दरबार को इसे शहर की राजनीतिक निराशाओं का प्रतीक बताया, अब उसी परिसर से शासन करेंगे। सितंबर 2023 में पुलिस ने सार्वजनिक अवकाश के दिन काठमांडू महानगरपालिका (KMC) के एक वाहन को रोका था, जिसमें उनकी पत्नी सवार थीं। इस घटना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था, “…अगर भविष्य में हमारे किसी KMC वाहन को सरकार द्वारा रोका गया, तो मैं सिंह दरबार में आग लगा दूंगा।” हालांकि बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दी थी। उनके इस बयान से उनका वर्तमान सिस्टम के प्रति गुस्से को दिखाता है।

सिंह दरबार में जब सचमुच आग लगा दी गई तब…

लगभग दो वर्ष बाद सितंबर 2025 में जब जेन जी आंदोलन के दौरान काफी हिंसक झड़पें हुई। कई इमारतों को का आग लगा दिया गया। उस दौरान युवा प्रदर्शनकारियों ने सिंह दरबार में आग लगा दी, तब नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सरकार ने KMC पर समय पर दमकल न भेजने का आरोप लगाया था। हालांकि बालेन शाह ने ओली के आरोपों को खारिज कर दिया।

नेपाल ने भारतीय फिल्म पर इसलिए लगाया था प्रतिबंध

बालेन का टकराव सिर्फ सिंह दरबार तक सीमित नहीं था। उन्होंने जून 2023 में भारत में बनी फिल्म 'आदिपुरुष' के काठमांडू में सिनेमाघरों पर प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया था। नेपाल की अदालत के आदिपुरुष को सिनेमाघरों में दिखाए जाने के आदेश को भी उन्होंने मानने से इनकार कर दिया था। इस फिल्म पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया क्योंकि इसमें एक दृश्य के संवाद में सीता को 'भारत की बेटी' बताया गया था। दरअसल, नेपाल के लोग सीता का जन्म जनकपुर मानते हैं। बालेन के इस फैसले से उनकी छवि उनके समर्थकों के बीच मजबूत हुई।

सीता की जन्मभूमि भारत बताने पर हुआ था विरोध

जनकपुर, नेपाल के मधेश क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख धार्मिक शहर है। यह मान्यता है कि राजा जनक को खेत जोतते समय सीता जी धरती से प्राप्त हुई थीं, इसलिए उन्हें “भूमिजा” यानी धरती की पुत्री भी कहा जाता है। जनकपुर में जानकी मंदिर हिंदुओं के लिए प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बन चुका है। यहां नेपाल के कोने-कोने से हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। भारत से खासतौर पर नेपाल से लगी सीमावर्ती क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग यहां माता सीता के दर्शन करने आते हैं।

Published on:
27 Mar 2026 01:17 pm
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