Painting Art: आत्मानंद विद्यालय के 11वीं के छात्र की पेंटिंग कला की हर ओर हो रही सराहना, मन में रह गया मलाल कि सूरजपुर में नहीं आए सीएम, भेंट करनी थी उनकी तस्वीर
सूरजपुर. कला की कोई सीमा नहीं होती, यह बात स्वामी आत्मानंद विद्यालय में 11वीं कक्षा में पढऩे वाले छात्र अपूर्व ठाकुर ने साबित कर दिखाई है। साधारण से परिवार में जन्मे इस छात्र ने अपनी मेहनत और लगन से पेंटिंग (Painting Art) के क्षेत्र में ऐसा कमाल कर दिखाया है कि हर कोई उसकी प्रतिभा का कायल हो गया है। चर्चित हस्तियों, देवी-देवताओं की हुबहू तस्वीर बनाकर अपूर्व काफी सुर्खियां बटोर रहा है। लोग उसकी कला की सराहना कर रहे हैं।
छात्र ने हाल ही में कलेक्टर एस. जयवर्धन का छायाचित्र तैयार किया। कागज पर उतारी गई इस पेंटिंग (Painting Art) को देखने वाला हर शख्स हैरान रह गया। इसमें इतनी बारीकी और जीवंतता है कि देखने वालों को यह तस्वीर खींची हुई लगती है। स्थानीय स्तर पर इस पेंटिंग की खूब चर्चा हो रही है।
कलेक्टर के बाद छात्र अपूर्व ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर प्रेमानंद महाराज का भी एक शानदार चित्र बनाया। इसमें उनके व्यक्तित्व और चेहरे के भावों को इतनी बारीकी से उतारा गया कि मानो कैनवास (Painting Art) पर जीवन उतर आया हो। पेंटिंग देखते ही हर कोई उसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाया।
अपूर्व की इस कला की पूरे जिले में चर्चा है। शिक्षक, सहपाठी और परिजन गौरवान्वित हैं। सभी का कहना है कि इतनी कम उम्र में कला के क्षेत्र में इस तरह की निपुणता हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। विद्यालय प्रबंधन ने छात्र की कला को सराहते हुए उसे प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
वहीं स्थानीय लोग मानते हैं कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों (Painting Art) को उचित मंच और संसाधन दिए जाएं तो वे भविष्य में जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
अपूर्व का कहना है कि 15 अगस्त को कलेक्टर सर को स्केच (Painting Art) भेंट करना मेरे जीवन का खास पल रहा। मेरा सपना है कि मैं मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी कला उन्हें भी भेंट करूं। अपूर्व सूरजपुर के नमदगिरी रोड निवासी सुरेश ठाकुर का पुत्र है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सूरजपुर प्रवास के दौरान छात्र अपूर्व का मन था कि वह अपनी बनाई कलाकृति (Painting Art) उन्हें भेंट करे। लेकिन अंतिम समय में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त हो गया। इस वजह से छात्र उनसे भेंट नहीं कर सका और यह इच्छा अधूरी रह गई।