Rajasthan Crime : राजस्थान में बच्चियां सुरक्षित नहीं। यह चौंकाने वाला खुलासा राजस्थान में पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आंकड़ों से लिया गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से जून 2025 तक सामूहिक बलात्कार के 200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यह चिंताजनक रिपोर्ट पढ़ें।
Rajasthan Crime : राजस्थान में नाबालिग और छोटी बच्चियों के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है। प्रदेश में पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से जून 2025 तक सामूहिक बलात्कार के 200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। बलात्कार के बाद 5 बच्चियों की हत्या तक कर दी गई। पुलिस मुख्यालय की ओर से जून तक के जारी आंकड़ों में यह हकीकत सामने आई है। 600 से अधिक मामलों में यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। बढ़ते अपराधों ने परिजन को चिंतित कर दिया है। कई माता-पिता अपनी बेटियों को स्कूल या कॉलेज भेजने में डर महसूस करते हैं। दहेज उत्पीड़न के मामलों पर गौर करें तो महिलाएं घर में भी सुरक्षित नहीं हैं।
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महिला अपराध के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि सामाजिक असमानताएं, शिक्षा की कमी, और कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन न होना। डिजिटल प्लेटफॉर्म का अत्यधिक उपयोग भी नाबालिगों को खतरे में डाल रहा है।
इस वर्ष जून तक महिला अत्याचार के सभी तरह के 19600 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए। इनमें पुलिस जांच के दौरान 5359 प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई। वहीं, 4790 मामलों में एफआर लगाई गई, जिनमें 4613 मामले झूठे होने पर बंद किए गए। पुलिस 9451 प्रकरणों की जांच ही नहीं कर पाई। पॉक्सो के 1631 प्रकरण में से 186 झूठे निकले और 14 में अन्य कारणों से एफआर लगाई गई। वहीं, 744 प्रकरण में चार्जशीट पेश की गई और पॉक्सो के 707 प्रकरणों में जांच जारी है।