भारत का दिल मध्य प्रदेश देश का ऐसा राज्य जहां बेटियों के हाथ में जिलों की कमान, 17 महिला कलेक्टर, दक्षिण राज्य भी मजबूत, प्रशासनिक ढांचे की बदल रही तस्वीर, महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय, नया इतिहास...
Women Collectors: ये तस्वीर देखकर आप क्या सोचते हैं... ये हैं मध्य प्रदेश के सिवनी की पूर्व कलेक्टर की वो छवि जो मिसाल बन गई। जब उनका ट्रांसफर हुआ तो सिवनी की जनता सड़कों पर उतर आई, उन्हें भव्य विदाई दी गई, उन्हें पालकी में बैठाया गया। एक बेटी की तरह सम्मान देकर अभिवादन किया गया। एक महिला कलेक्टर की बिदाई एमपी के लिए ही नहीं बल्कि देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई। ये तो महज एक उदाहरण भर है।
भारत में बेटियों को देवी का रूप माना गया है। जहां उसे पूजने की बात की जाती रही, लेकिन उस बुरे दौर से बेटियां हर दिन गुजरती हैं, जहां वो घिनौने अपराध की भेंट चढ़ती हैं। क्रूरता की हदें पार करती अपराधी औरत के खौफनाक किस्से भी हम पढ़ते हैं और कामयाबी की सीढ़ी चढ़ती युवतियों के प्रेरणा लेख भी। ऐसी ही एक खबर थी कि मध्य प्रदेश में रातों-रात 26 IAS अफसरों के तबादले कर दिए गए। पता चला एमपी में 17 महिला कलेक्टर हैं। यानी 55 जिलों में से 17 जिलों में महिला नेतृत्व। मध्य प्रदेश जहां 31 फीसदी जिलों की कमान बेटियों के हाथों में है।
यह वो संख्या है, जो मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक भागीदारी की मजबूत तस्वीर दर्शाती है। बस यहीं से प्रेरित होकर patrika.com ने देशभर के राज्यों की तस्वीर जाननी चाही… क्या आप भी देखना चाहेंगे, जरूर पढ़ें संजना कुमार की खास रिपोर्ट…
देश के प्रशासनिक सिस्टम में एक बड़ा बदलाव साफ नजर आ रहा है, जिन जिलों की कमान कभी पुरुष अधिकारियों के हाथ तक ही केंद्रीत थी, वहां अब महिलाएं भी अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करवा रही हैं। यह बदलाव केवल बढ़ती संख्या की बात नहीं है, बल्कि सोच और नेतृत्व की दिशा बदलने का अहम संकेत भी है।
अप्रैल 2026 के हालिया आंकड़े बताते हैं कि कई राज्यों में महिला IAS अधिकारी अब जिला कलेक्टर के रूप में निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। और इस दौड़ में मध्य प्रदेश सबसे आगे निकल गया है। वो देशभर के राज्यों के लिए महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरा है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में दो दिन पहले ही 9 और 10 अप्रैल की दरमियानी रात को ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई। जिसमें एक नया रिकॉर्ड सामने आया-2- दूसरा रिकॉर्ड कि यहां 26 IAS अधिकारियों के तबादले किए गए, जिनमें 14 जिलों के कलेक्टर बदले गए। इनमें 9 नई महिला IAS अफसरों को कलेक्टर पद की जिम्मेदारी दी गई।
यह रिकॉर्ड राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ी संख्या में महिला कलेक्टर होने का गौरव दर्शाता है, जो इसे महिला कलेक्टर पावर हाउस बना रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी अकेले मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि, देशभर के कई राज्यों में भी दिखाई दी है। इनमें साउथ के राज्यों में महिला सशक्तिकरण की तस्वीर बेहद खूबसूरत नजर आती है। आप भी देखें- एमपी के बाद कौन दूसरे और कौन तीसरे और चौथे नंबर पर हैं कौन रह गया पीछे.-
तमिलमाडु- यहां 10-12 महिला कलेक्टर हैं,
केरल- 14 जिलों में से लगभग आधे जिलों में महिला नेतृत्व ही है।
उत्तर प्रदेश- में 12-15 महिला कलेक्टर हैं, वर्तमान में, धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ भी रही है। यूपी का बहराइच ऐसा जिला है, जहां महिला कलेक्टर से लेकर हर प्रशासनिक पद महिलाएं ही संभाल रही हैं।
राजस्थान- यहां 8 महिला कलेक्टर हैं, ये सभी प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों की कमान संभाल रही हैं।
तेलंगाना- तेलंगाना भी महिला सशक्तिकरण के मामले में उभरता राज्य है। यहां 10-12 जिलों में महिला नेतृत्व दिखता है।
इसके अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी महिला कलेक्टरों की मौजूदगी बढ़ती नजर आ रही है। लेकिन स्थिति अभी एमपी, यूपी, साउथ के राज्यों और राजस्थान या तेलंगाना जैसी नहीं है।
आमतौर पर देखने में आता है कि महिलाएं महिला बाल कल्याण, महिला बाल विकास से जुड़ी समस्याओं के समाधान में ज्यादा रूचि लेती हैं, वहीं ज्यादातर महिलाएं खासतौर पर बड़े पदों पर रहने वाली महिलाएं भ्रष्टाचारी नहीं होतीं। वे निष्पक्ष रहती हैं। इसके अलावा कुछ सामाजिक मुद्दे जो सरकार की प्रायोरिटी में रहते हैं, महिलाएं उन मुद्दों पर नेचुरल तरीके से काम कर पाती हैं।
यह दर्शाता है कि अब सरकारें महिलाओं को केवल डेस्क जॉब तक सीमित नहीं रखना चाहतीं, बल्कि जिला प्रशासन जैसे चुनौतीपूर्ण पदों पर भी नियुक्त कर रही हैं। सरकारें अब महिलाओं की संवेदनशीलता, कम्युनिकेशन स्किल को देखकर उन्हें मौका दे रही हैं। वे समझ गई हैं कि सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने वे पुरुषों से कहीं ज्यादा आगे हैं। महिलाएं समाज का ऐसा हिस्सा हैं, जो एक बड़ा सामाजिक बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकता है।
मध्य प्रदेश में हालिया तबादलों में कई महिला अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनाया गया है। यह न केवल बड़ा प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि एक संदेश भी है कि बेटियां सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, बल्कि जिलों की दिशा और दशा दोनों बदल रही हैं। अब ये रोल मॉडल ही तो हैं, जो प्रदेश के जिलों की तस्वीर अपने दम पर बदलने आई हैं। उम्मीदों पर खरे उतरने का सपना लिए खुद को साबित करने आई हैं।
एक संक्षिप्त परिचय: मध्य प्रदेशन कैडर 2015 बैच की आईएस अधिकारी जो मुख्य रूप से सिवनी जिले में कलेक्टर के रूप में अपने जन-केंद्रित कार्यों और अनोखी पालकी विदाई के लिए प्रदेश समेत देशभर में मशहूर हो गईं। उन्होंने लाड़ली बहना योजना को, अटल पेंशन योजना से जोड़कर महिला सशक्तिकरण में अहम भागीदारी निभाई। वर्तमान में वे भोपाल नगर निगम कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं।
खुद संस्कृति जैन से जब यह पूछा गया कि सिवनी से उनकी विदाई का विडियो काफी वायरल हुआ था, उन्हें कैसा लगा? इस पर उनका जवाब सुनकर आप समझ जाएंगे कि एक महिला कलेक्टर का होना या प्रशासनिक पदों पर महिलाओं का होना क्यों वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है…
संस्कृति जैन कहती हैं कि यह पल उन्हें भावुक कर गया। इस पल को वो जिंदगी भर नहीं भूलेंगी। उनका कहना था कि बतौर एक कलेक्टर सिवनी के लोगों ने उनके स्टाफ ने उन्हें भरपूर स्नेह दिया। सहयोग दिया। उन्होंने गिफ्ट डेस्क प्रोग्राम का जिक्र करते हुए बताया कि जनभागीदारी का ऐसा अद्भुत रूप वहां देखने को मिला कि जहां लोगों की मदद से करीब 14000 डेस्क बेंच सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंचाए गए।
उनका कहना है कि सफलता सिर्फ एक रैंक या पद का नाम नहीं है, बल्कि उस सोच का नाम है, जो आपको गिरकर भी आगे बढ़ने की ताकत देती है। उनका मानना है कि मुश्किल दौर, जैसे डिप्रेशन, असफलता, इंसान को तोड़ने के लिए नहीं आते हैं, बल्कि मजबूत बनाकर जाते हैं। उनके लिए प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही निभाने का एक माध्यम है।
वे मानती हैं कि असली नेतृत्व वही है जो लोगों की समस्याओं को अपनी जिम्मेदारी समझे, उनके समाधान के लिए हमेशा खड़ा रहे। अपनी सफलता को लेकर वे यही कहती हैं कि जीवन में संतुलन, संवेदनशीलता और लगातार सीखते रहने की आदत ही सफलता का मूलमंत्र है।
महिला कलेक्टरों की बढ़ती संख्या को लेकर patrika.com की ये स्टोरी केवल आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि बदलते भारत की सुनहरी तस्वीर है। ये स्टोरी आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।