2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा था। उसने 91 सीटें जीती थीं।
बिहार में बीजेपी हर बार नीतीश कुमार को ही सीएम की कुर्सी क्यों थमाती है। 2005 से अब तक हुए 5 विधानसभा चुनाव में हर बार नीतीश कुमार ने ही सरकार की कमान संभाली है। 2020 में तो बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन पार्टी में पास कोई सीएम फेस नहीं था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बीजेपी बिहार में क्यों अपना सीएम नहीं बना पाती है और क्या इस बार के विधानसभा चुनाव में यह संभव हो पाएगा?
जानकार बताते हैं कि बिहार का सियासी माहौल अन्य राज्यों से अलग है। यहां जातीय समीकरण, गठबंधन रणनीति और राष्ट्रीय व राज्य स्तर के नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण है। बीते कुछ सालों में बीजेपी ने यह नैरेटिव बनाया है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही राजनीतिक दल की सरकार होगी तो विकास तेज होगा। इस प्रयोग के तहत ही उसने जदयू से तालमेल बनाकर रखा और डेढ़ दशक से ज्यादा समय सत्ता में भागीदार रही।