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Women Safety India: कोलकाता बेहतर, पश्चिम बंगाल पीछे, यूपी-महाराष्ट्र टॉप पर

Women Safety India: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी है। वहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बीजेपी हमलावर है। हालांकि, देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के मामले में पांच शीर्ष राज्यों के आंकड़ें देखें तो बीजेपी शासित राज्यों की हालत भी बहुत खराब नजर आती है।

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Apr 25, 2026
भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। (IANS)

Women Safety India: भारत में चुनाव के दौरान महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे उठाए जाते हैं और चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनपर तभी बात की जाती है जब कोई घटना घटती है। इस समय पश्चिम बंगाल में चुनाव है और वहां पिछले 15 वर्षों से ममता बनर्जी की सरकार रही है। बीजेपी वहां महिलाओं की सुरक्षा को मुद्दा बनाती रही है, लेकिन देश में महिला अपराध में शीर्ष के पांच राज्यों में से चार राज्यों में उनकी या उनके गठबंधन की ही सरकार है। पश्चिम बंगाल महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में देश में चौथे स्थान पर है।

राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बंगाल चौथे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान, मध्य प्रदेश क्रमश: पहले, दूसरे, तीसरे और पांचवें स्थान पर रहा। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की नवीनतम रिपोर्ट (2023) के अनुसार, देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में कुछ बड़े राज्य लगातार शीर्ष पर बने हुए हैं। इन आंकड़ों का विश्लेषण यह दिखाता है कि केवल जनसंख्या ही नहीं, बल्कि सामाजिक ढांचा, कानून-व्यवस्था और रिपोर्टिंग की प्रवृत्ति भी इन आंकड़ों को प्रभावित करती है।

सुरक्षा के मसले पर महिलाओं में बढ़ रही हताशा

महिलाओं की सुरक्षा का सवाल उठाए जाने पर भारत में महिलाएं अक्सर हताशा में कहती हुई पाई जाती हैं कि सड़क, घर, सिनेमा हॉल, रेलवे स्टेशन, ट्रेन कहीं भी महिलाओं को सुरक्षित महसूस नहीं होता है। इसके उलट अगर देश में किसी के रेप को लेकर हंगामा मचता है तो बहस इस बात पर छिड़ती है कि रात को वह घर से बाहर क्यों निकलती है? ऐसे या वैसे कपड़े क्यों पहनती है? महिलाएं अपने खिलाफ बढ़ रहे अपराधों और उन मामलों में सजा की दर न्यूनतम रहने की वजह से हताशा के भंवर में धंसती चली जा रही हैं और नतीजा यह देखने को मिलने लगा है कि वह खुद ही कानून हाथ में लेकर अपराधियों को सजा देने लगी हैं।

उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराध में अव्वल

उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में लगातार पहले स्थान पर रहा है। NCRB 2023 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सालाना लगभग 60,000 से अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। महिलाओं के खिलाफ दर्ज हुए मामलों में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, अपहरण और बलात्कार प्रमुख हैं। NCRB के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बलात्कार के हजारों मामले हर वर्ष दर्ज होते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना यह है कि राज्य में बलात्कार के मामले दर्ज होने से कहीं ज्यादा उनकी संख्या अधिक हो सकती है क्योंकि कई मामले रिपोर्ट नहीं होते। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और सामाजिक दबाव के कारण महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से हिचकती हैं।

Representative (Photo: IANS)

सरकार ने 1090 महिला हेल्पलाइन, एंटी-रोमियो स्क्वॉड, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कदम उठाए हैं। अपराधों की उच्च संख्या यह संकेत देती है कि जमीनी स्तर पर और प्रभावी सुधार की आवश्यकता है।

महिला अपराध में महाराष्ट्र दूसरे पायदान पर

महाराष्ट्र महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में दूसरे स्थान पर है। NCRB के अनुसार, राज्य में 2023 में करीब 47,101 से अधिक मामले दर्ज किए गए। राज्य की राजधानी मुंबई सहित बड़े शहरी केंद्रों में महिलाओं की भागीदारी अधिक होने के कारण अपराधों की रिपोर्टिंग भी ज्यादा होती है। राज्य में साइबर क्राइम, स्टॉकिंग और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़े हैं। यहां महिलाओं के खिलाफ प्रमुख अपराधों में पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता, अपहरण, छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न शामिल है। यहां 2023 में महिलाओं के खिलाफ विशेष रूप से “महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला” के 12,133 मामले दर्ज किए गए, जो देश में सर्वाधिक है। सकारात्मक पक्ष यह है कि महाराष्ट्र में महिलाओं के कई मामलों में पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है। मतलब यहां अन्य राज्यों की तुलना में सजा दर कुछ राज्यों की तुलना थोड़ा बेहतर है।

विवरणआंकड़े
कुल दर्ज मामले (2023)47,101
देश में स्थानदूसरा
अपराध दर (प्रति लाख)470.4
राष्ट्रीय औसत अपराध दर448.3

महाराष्ट्र का कुल अपराध दर (crime rate) 470.4 प्रति लाख आबादी है, जो राष्ट्रीय औसत (448.3) से भी अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सिर्फ कुल संख्या ही नहीं, बल्कि अपराध का अनुपात भी ऊंचा है। मुंबई और पुणे में साइबर अपराध, स्टॉकिंग और कार्यस्थल उत्पीड़न तेजी से बढ़ते खतरे के रूप में उभरे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च रिपोर्टिंग दर और बेहतर पुलिस तंत्र के कारण भी मामलों की संख्या अधिक दिखाई देती है।

बलात्कार के प्रयास केस में राजस्थान देश में शीर्ष पर

राजस्थान देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में तीसरे स्थान पर है। यहां वर्ष 2023 में लगभग 45,450 के आसपास मामले दर्ज किए गए। NCRB के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, बलात्कार के प्रयास (attempt to rape) के मामलों में राजस्थान देश में पहले स्थान पर रहा, जहां 845 मामले दर्ज हुए।

श्रेणीस्थिति/आंकड़ा
महिला सुरक्षा रैंकभारत में तीसरा सबसे प्रभावित राज्य
अपराध दर114.8 (अत्यधिक उच्च)
गंभीर अपराधबलात्कार प्रयास में सर्वाधिक मामले (845 )

राज्य का अपराध दर लगभग 114.8 प्रति लाख महिला आबादी है, जो देश में सबसे अधिक दरों में से एक है। राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में मुख्य रूप से घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, अपहरण और यौन अपराध शामिल हैं।

बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध अधिक, सजा दर कम

इस मामले में पश्चिम बंगाल, देश में चौथे स्थान पर है। यहां 2023 में लगभग 34,691 मामले दर्ज किए गए। यहां महिलाओं के खिलाफ अपराध ज्यादा तो है ही, लेकिन अपराधियों को सजा देने की दर बहुत कम है। यहां सजा दर सिर्फ 3.7 फीसदी के करीब है और यह देश में सबसे कम में से एक है। राज्य में महिलाओं की आबादी करीब 48 प्रतिशत है और यहां पिछले 15 वर्षों से महिला मुख्यमंत्री है। यही वजह है कि ममता सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जाते हैं।

बलात्कार के मामलों की औसत संख्या बंगाल में 2021 में 1123 और 2023 में 1110 के बीच रही। यह बड़े राज्यों की तुलना में कम है। कोलकाता में 2023 में बलात्कार के सिर्फ 10 मामले दर्ज हुए, जो दूसरे शहरों की तुलना में सबसे कम हैं।

कोलकता में अपराधियों के खिलाफ एक्शन सबसे तेज, पर…

पश्चिम बंगाल में बलात्कार के मामलों की संख्या अन्य बड़े राज्यों की तुलना में कम है, लेकिन यहां मानव तस्करी, साइबर अपराध और छेड़छाड़ के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। राज्य में बलात्कार के करीब 1,100 सालाना आते हैं। 2023 के NCRB के आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सजा की दर चार महानगरों में सबसे ज्यादा है, जबकि पूरे बंगाल में यह दर देश में सबसे कम में से एक है।

Rape Capital of India: रेप कैपिटल के रूप में बदनाम रहा एमपी

देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में मध्य प्रदेश पांचवें स्थान पर है, जहां लगभग 30,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए। मध्य प्रदेश लंबे समय तक “रेप कैपिटल” के रूप में बदनाम रहा है। NCRB के पिछले वर्षों के आंकड़ों में भी मध्य प्रदेश बलात्कार के मामलों में शीर्ष पर रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में बलात्कार की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन हालात अभी भी बदतर ही बने हुए हैं।

Published on:
25 Apr 2026 02:22 pm
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