Guinness World Records: 37 साल की 'फैंसी' को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे उम्रदराज़ घोड़ी घोषित किया है। यह कहानी फैंसी और उसकी केयरटेकर पेज़ ब्लूमर के बीच 25 सालों के अटूट और भावुक रिश्ते की एक बेहतरीन मिसाल है।
Oldest living horse : ये रिश्ता क्या कहलाता है, जो सारी तदबीरें उलट देता है। दुनिया की सबसे उम्रदराज घोड़ी (World's oldest horse) का नाम गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Records) में दर्ज किया गया है। यह इस बात की मिसाल है कि एनिमल्स को अगर प्यार मिले तो वे भी इंसानों पर प्यार लुटाते हैं। यह पेज़ और उनकी घोड़ी फैंसी के बीच के एक बेहद खूबसूरत और भावुक रिश्ते की कहानी है। ये हैं दुनिया के सबसे उम्रदराज़ घोड़े 37 वर्षीय 'फैंसी' (Fancy the horse)और उसकी जीवन भर देखभाल करने वाली केयरटेकर पेज़ ब्लूमर (Paige Blumer)। पेज़ को हमेशा से घोड़ों से प्यार था। जब वह 5 साल की थीं, तब उन्होंने अपने माता-पिता को घुड़सवारी की कक्षाएं दिलाने के लिए मनाने का एक अभियान शुरू किया और फिर घुड़सवारी सीखना शुरू कर दिया। वे जल्द ही ब्लूमर घुड़सवारी प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगीं और इस खेल को लेकर गंभीर हो गईं। वह अपने घर के पास वर्जीनिया के लकेट्स (Lucketts) में एक ट्रेनर के साथ काम करने लगीं। यहीं उनकी पहली बार जोसी वेल्स (Josey Wales) नाम की एक क्वार्टर हॉर्स (quarter horse) से मुलाकात हुई। ब्लूमर ने कहा, "उसमें एक बहुत ही मां जैसी ऊर्जा थी, जो एक घोड़े के बारे में कहना अजीब लगता है। मुझे हमेशा लगता था कि वह मेरी देखभाल करने वाली है।" यह भी इत्तेफाक है कि उन दोनों का जन्मदिन भी एक ही दिन, 1 अप्रेल को होता था, हालाँकि तब ब्लूमर 8 साल की थीं और वह घोड़ी - जिसे वे प्यार से "फैंसी" कहती थीं - 12 साल की थी।
ब्लूमर और फैंसी एक साथ बड़े हुए। इस जोड़ी ने कई घुड़सवारी प्रतियोगिताएं जीतीं और 25 बरसों तक एक अटूट रिश्ता बनाए रखा। अब फैंसी की इस लंबी उम्र को मान्यता मिल रही है: गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने हाल ही में 37 वर्षीय फैंसी को 'दुनिया की सबसे उम्रदराज़ घोड़ी' घोषित किया है। ब्लूमर ने कहा, "यह काफी बढ़िया है क्योंकि यह 'ईयर ऑफ द हॉर्स' है। और वह जल्द ही अपना 38वाँ जन्मदिन मनाने वाली है।" उस दिन ब्लूमर 34 साल की हो जाएंगी।
फैंसी के पूर्व मालिक और ब्लूमर के बचपन के ट्रेनर गैरी कॉक्स ने कहा कि जब उन्होंने हाल ही में सुना कि फैंसी अभी भी जीवित है, तो उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि यह पिछले 25 वर्षों में तक ओर से ब्लूमर की, की गई देखभाल का ही नतीजा है। कॉक्स ने कहा, "कोई और होता तो उस घोड़े को बहुत पहले ही इच्छामृत्यु दे देता।"
कॉक्स ने मूल रूप से उस घोड़ी को ब्रीडिंग (प्रजनन) के लिए खरीदा था, लेकिन वह इस बात पर सहमत हो गए कि जब तक घोड़ी गर्भवती नहीं हो जाती, तब तक ब्लूमर उसकी सवारी कर सकती हैं। बछेड़े (foal) के जन्म के बाद कॉक्स घोड़ी को बेचने वाले थे, लेकिन ब्लूमर ने अपने माता-पिता से उसे खरीदने की मिन्नतें कीं।ब्लूमर ने बताया कि उनके माता-पिता घोड़ों के शौकीन नहीं थे। बोली,"मैं ऐसे परिवार से नहीं आती थी जहाँ घोड़े पाले जाते हों।"
उसके बाद ऐसा हुआ कि जून 2000 में जब ब्लूमर के माता-पिता ने उनके लिए घोड़ी खरीदी, तो वह हैरान रह गईं। ब्लूमर ने जल्दी ही उसका नाम बदलकर "फैंसी" रख दिया, क्योंकि उन्होंने अपने माता-पिता से कहा था, "वह इतनी आकर्षक (फैंसी) है कि उसे किसी और नाम से नहीं बुलाया जा सकता।" कॉक्स ने कहा, "पेज़ और फैंसी एक-दूसरे के लिए ही बने थे।" उनमें प्यार ऐसा था कि उनके जन्मदिन पर, ब्लूमर फैंसी के मैदान को सजाती थीं और उसे जन्मदिन की मोमबत्तियों के साथ रात का खाना परोसती थीं।
अहम बात यह है कि घोड़ी की उम्र के कारण ब्लूमर ने बरसों से फैंसी की सवारी नहीं की है, लेकिन वह लगभग हर दिन उसके साथ टैमवर्थ फार्म (Tamworth Farm) में समय बिताती हैं। वर्जीनिया का यह रिटायरमेंट फार्म ब्लूमर के घर से लगभग 10 मिनट की दूरी पर है, जहाँ अब फैंसी रहती है। वक्त बदला और जानवरों के प्रति ब्लूमर का प्यार उनके करियर में भी बदल गया। उन्होंने लगभग एक दशक तक पशु चिकित्सा कार्यालयों में काम किया है, और अब वर्जीनिया के लीसबर्ग में एक पशु दंत चिकित्सक और ओरल सर्जन के अस्पताल की प्रबंधक हैं। वह फैंसी की लंबी उम्र का श्रेय अपने ज्ञान के साथ-साथ उस विशेषज्ञ टीम को देती हैं जो उन्होंने फैंसी की देखभाल के लिए बनाई है - एक थेराप्यूटिक फेशियर, जो उसके खुरों की देखभाल करता है, और पशु चिकित्सकों की एक टीम जो नियमित रूप से खून की जांच करती है और सावधानी से उसका आहार तय करती है।
यह सब हमेशा आसान नहीं रहा है। फैंसी को 'इक्वाइन कुशिंग रोग' (एक एंडोक्राइन विकार) है और वह लगभग पूरी तरह से अंधी है - एक आंख चोट के कारण नहीं है और दूसरी में मोतियाबिंद है। फैंसी के खुरों की देखभाल करने वाले फेशियर कॉलिन मोट्स ने कहा, "वह एक फाइटर है।" हाल ही में, ब्लूमर ने फैंसी का साथ देने के लिए रोज़ी (Rosie) नाम की एक बूढ़ी गधी को गोद लिया है। 20 के दशक के मध्य की उम्र वाली रोज़ी, फैंसी की साथी और रक्षक है। ब्लूमर ने कहा, "वे बस मैदान में एक साथ दो दादियों की तरह हैं, और वे एक-दूसरे का साथ पसंद करती हैं।" उन्हें यह कल्पना करना अच्छा लगता है कि वे दोनों इस बात की गपशप कर रही हैं कि वे बगल के मैदान में किसे देखती हैं।
फैंसी का इलाज करने वाले पशु चिकित्सकों ने ब्लूमर को बताया कि वह उनकी सबसे उम्रदराज़ मरीज है। लेकिन ब्लूमर के दिमाग में यह बात कभी नहीं आई थी कि फैंसी विश्व रिकॉर्ड धारक हो सकती है, जब तक कि पिछले साल परिवार के एक सदस्य ने सुझाव नहीं दिया कि वह फैंसी का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजें। उस समय दुनिया का सबसे उम्रदराज़ घोड़ा 36 साल का था, और फैंसी अभी 37 साल की हुई थी। ब्लूमर ने कहा, "बेशक मुझे पता था कि फैंसी बूढ़ी हो चुकी है। लेकिन मुझे पता है कि ऐसे कई घोड़े हैं जो 40 की उम्र तक जीवित रहे हैं। लेकिन हर कोई इसे साबित नहीं कर सकता। हर किसी के पास कागजात, दस्तावेज, तस्वीरें और पशु चिकित्सक के रिकॉर्ड नहीं होते।"
उन्होंने फैंसी का नाम इस रिकॉर्ड के लिए इसलिए भी भेजा क्योंकि वह लोगों को दिखाना चाहती थीं कि उचित पोषण और देखभाल के साथ, घोड़े 30 साल या उससे अधिक उम्र तक भी बेहतरीन तरीके से जी सकते हैं। ब्लूमर ने अमेरिकन क्वार्टर हॉर्स एसोसिएशन से संपर्क किया, जो इस नस्ल का रिकॉर्ड रखता है। उन्होंने बताया कि "वे 25 साल की उम्र के बाद हर घोड़े को अपने आप मृत मान लेते हैं, जिससे मुझे बहुत बुरा लगा।"
ब्लूमर ने पिछले साल मई में आवेदन जमा किया था और फिर उसे भूल गईं - जब तक कि उन्हें पिछले महीने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से खबर नहीं मिली। टैमवर्थ फार्म की मालिक और संस्थापक एलेक्जेंड्रा विलग्रेन ने कहा कि उन्होंने बूढ़े घोड़ों के लिए यह रिटायरमेंट फार्म एक मुख्य कारण से शुरू किया था: "हम जश्न मनाते हैं कि घोड़े अपने चरम समय में हमें क्या देते हैं। तो उनके बुढ़ापे में उनकी रक्षा करना भी हमारा दायित्व है।" कई घोड़ों को उनके 20 के दशक में, सवारी के दिन खत्म होने के बाद इच्छामृत्यु दे दी जाती है, लेकिन विलग्रेन को उम्मीद है कि अब यह बदलना शुरू हो रहा है (जब तक कि घोड़ों का जीवन स्तर अच्छा है)। उन्होंने कहा कि फैंसी इस बात का एक उदाहरण है कि एक बूढ़े घोड़े के लिए बुढ़ापा कैसा हो सकता है।
ब्लूमर ने कहा, "वह इस बात से भावुक हैं कि वह अपनी 4 साल की बेटी, क्विन, को फैंसी से मिलवा सकीं। यह बहुत ही अद्भुत था। जीवन का एक पूरा चक्र। ईमानदारी से कहूँ तो, बचपन में मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन भी आएगा," उन्होंने आगे कहा कि क्विन अब फैंसी और रोज़ी को सजाने-संवारने (groom) में मदद करती है और उन्हें खाने के लिए ट्रीट्स देती है। एक घोड़े का जीवन केवल सवारी किए जाने के लिए उपयोगी नहीं होता है। उनका उद्देश्य और मूल्य इससे कहीं अधिक है और ऐसी कई चीजें हैं जो हम उनसे सीख सकते हैं। मैं अपने सप्ताहांत में बाहर जाकर उसे नहलाने और उसके साथ रहने का आनंद लेती हूँ। यह बहुत शांतिपूर्ण है। उसे अभी भी अपने जीवन में पाकर बहुत खुशी होती है और हम इसके लिए बहुत आभारी हैं।"
(वॉशिंगटन पोस्ट का यह आलेख patrika.com पर दोनों समूहों के बीच विशेष अनुबंध के तहत पोस्ट किया गया है।)