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समय नहीं है? सिर्फ 900 सेकंड की एक्सरसाइज से भी रह सकते हैं हेल्दी, कम हो सकता है बीमारी का खतरा

क्या रोज़ सिर्फ 15 मिनट की एक्सरसाइज भी आपकी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकती है? जानिए वैज्ञानिक शोध क्या कहते हैं, तेज़ चलने, HIIT और माइक्रो-वर्कआउट के फायदे, और व्यस्त वर्किंग एडल्ट्स के लिए आसान फिटनेस टिप्स।
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Jul 28, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

व्यस्त वर्किंग एडल्ट्स के लिए 900 सेकंड (15 मिनट) की एक्सरसाइज एक व्यावहारिक और वैज्ञानिक रूप से समर्थित विकल्प है। आइए देखें कि इस बारे में असल में कौन-सा शोध मौजूद है और उससे क्या सीख मिलती है।

हफ्ते में सिर्फ़ 15 मिनट भी फ़र्क डालता है

यूरोपियन हार्ट जर्नल में अक्टूबर 2022 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन ने लगभग 72,000 वयस्कों (जिन्हें अध्ययन शुरू होने पर हृदय रोग या कैंसर नहीं था) पर रिस्ट एक्टिविटी ट्रैकर से एक हफ्ते तक नज़र रखी। सात साल की फॉलो-अप अवधि में पाया गया कि जिन लोगों ने हफ्ते भर में सिर्फ़ 15 मिनट तीव्र (vigorous) गतिविधि की, उनमें किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम लगभग 18% कम था - भले ही यह गतिविधि पूरे हफ्ते में छोटे-छोटे हिस्सों में बंटी हो। जितनी अधिक तीव्र गतिविधि (लगभग 50 मिनट प्रति सप्ताह तक), उतना अधिक लाभ देखा गया, हालांकि सबसे बड़ी छलांग शुरुआती मिनटों में ही मिलती है।

यानी अगर आप हफ्ते में सीढ़ियां तेज़ी से चढ़ना, तेज़ चलना या छोटे-छोटे तीव्र बर्स्ट भी जोड़ लें, तो यह शून्य गतिविधि से काफ़ी बेहतर है।

तेज़ चलना (Fast Walking)

हाल के वर्षों में सबसे उल्लेखनीय शोध दौड़ने की बजाय तेज़ चलने पर हुआ है। 2025 में हुए एक बड़े अध्ययन में लगभग 80,000 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें पाया गया कि रोज़ाना सिर्फ़ 15 मिनट तेज़ गति से चलना - भले ही यह "एक्सरसाइज" जैसा न लगे - कुल मृत्यु दर में लगभग 20% की कमी से जुड़ा था, विशेष रूप से हृदय संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों में। यह लाभ लोगों की अन्य शारीरिक गतिविधि के स्तर से स्वतंत्र था।

कार्यस्थल पर 15 मिनट की चुनौती

ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और ब्रिटेन के 73 कंपनियों के 11,575 कर्मचारियों पर हुए एक अध्ययन ("15 Minute Challenge") में पाया गया कि छह हफ्तों तक रोज़ाना 15 मिनट की शारीरिक गतिविधि से नींद की गुणवत्ता, मूड, ऊर्जा स्तर और समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। हालांकि, तनाव में कमी का दावा उतना व्यापक नहीं था जितना अक्सर बताया जाता है - इस अध्ययन में केवल 42% प्रतिभागियों ने ही अपने तनाव में कमी महसूस की। तो कार्यस्थल पर छोटी एक्सरसाइज मूड और ऊर्जा के लिए फ़ायदेमंद है, लेकिन तनाव पर इसका असर सबके लिए एक-जैसा नहीं होता।

व्यावहारिक तरीके: कैलिस्थेनिक्स, AMRAP और HIIT

ये तरीके व्यायाम विज्ञान में स्थापित और व्यापक रूप से अनुशंसित हैं, भले ही किसी एक विशेष अध्ययन का हवाला हर बार न दिया जा सके:

  • कैलिस्थेनिक्स (बिना उपकरण के शरीर के वज़न से की जाने वाली एक्सरसाइज) से ताकत, गतिशीलता और ऊर्जा में सुधार होता है।
  • AMRAP (As Many Rounds As Possible) जैसी विधियां 15–20 मिनट में पूरे शरीर की कसरत देती हैं, जिससे कार्डियो और स्ट्रेंथ दोनों तरह के लाभ मिलते हैं।
  • HIIT (हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) कम समय में तीव्र गतिविधि के ज़रिए हृदय स्वास्थ्य और सतर्कता दोनों में मदद कर सकता है, हालांकि किसी एक निश्चित अध्ययन के आधार पर यह दावा करना कि यह ठीक-ठीक कितना संज्ञानात्मक (cognitive) लाभ देता है, फ़िलहाल पुष्ट करना मुश्किल है।

व्यस्त वर्किंग एडल्ट्स के लिए सलाह

  1. माइक्रो-वर्कआउट अपनाएं: दिन में छोटे-छोटे ब्रेक में 1–5 मिनट की गतिविधियां जैसे सीढ़ियां चढ़ना, प्लैंक, स्क्वाट्स आदि करें।
  2. "एंकर रूटीन" बनाएं: जैसे हर सुबह उठकर 2 मिनट स्ट्रेच करना या लंबी कॉल के बाद 5 स्क्वाट्स करना - इससे आदत बनती है।
  3. 7–15 मिनट का फुल-बॉडी रूटीन अपनाएं: स्क्वाट्स, पुश-अप्स, ग्लूट ब्रिज, प्लैंक, हाई-नीज़ (जंपिंग जैक्स, माउंटेन क्लाइम्बर्स और बट किक्स) जैसे व्यायामों को शामिल करें।
  4. तेज़ चलने को प्राथमिकता दें: यदि दौड़ना संभव न हो, तो रोज़ाना 15 मिनट तेज़ गति से चलना भी एक अच्छा, वैज्ञानिक रूप से समर्थित विकल्प है।
  5. हफ्ते भर में गतिविधि बांट लें: अगर रोज़ समय न मिले, तो हफ्ते में कुल 15–20 मिनट की तीव्र गतिविधि जोड़ने की कोशिश करें — यह भी लाभदायक साबित हुआ है।

व्यस्त जीवनशैली में भी थोड़े समय की नियमित गतिविधि - चाहे वह हफ्ते में बंटी हुई 15 मिनट की तीव्र एक्सरसाइज हो, रोज़ाना तेज़ चलना हो, या कार्यस्थल पर छोटा वर्कआउट ब्रेक - स्वास्थ्य में मापने योग्य सुधार ला सकती है। हालांकि हर दावे के पीछे शोध की गुणवत्ता और सीमाएं अलग होती हैं, इसलिए किसी नए फिटनेस रूटीन को अपनाने से पहले अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

Updated on:
28 Jul 2026 04:24 pm
Published on:
28 Jul 2026 04:24 pm