
यदि आप आपके दस्तावेजों को अपडेट कराने का सोच रहे हैं तो, यह लेख आपके लिए है। इसमें हमने आधार और पासपोर्ट से जुड़े हालिया बदलावों को लेकर विस्तार से बताया है। चलिए जानते हैं कि क्या नया हुआ है, इसका आपके लिए क्या मतलब है और आप क्या कर सकते हैं।
UIDAI ने 1 जुलाई 2026 से आधार ऐप (Aadhaar Mobile Application) के माध्यम से ईमेल आईडी अपडेट करने की सुविधा शुरू की है और यह सेवा 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इससे पहले इस सेवा के लिए ₹75 शुल्क देना पड़ता था।
पासपोर्ट सेवा में भी 1 जुलाई 2026 से शुल्क में बदलाव हुआ है। अब 36 पेजों का सामान्य पासपोर्ट या उसका नवीनीकरण ₹2,500 में होगा, जबकि 60 पेजों का पासपोर्ट ₹3,500 में मिलेगा। तात्कालिक (Tatkal) पासपोर्ट की फीस ₹6,000 हो गई है। खोए या क्षतिग्रस्त 36 पेजों के पासपोर्ट के लिए ₹5,000 और 60 पेजों के लिए ₹6,000 देने होंगे।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। यह दस्तावेज केवल यह दर्शाता है कि सरकार ने आपके नागरिक होने की जांच की है, लेकिन यह कानूनी रूप से नागरिकता की पुष्टि नहीं करता।
UIDAI ने मोबाइल ऐप के जरिए ईमेल आईडी अपडेट करने की प्रक्रिया को सरल और मुफ्त बना दिया है। अब आपको आधार केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही यह कार्य कर सकते हैं। यह सुविधा 1 जुलाई से शुरू हुई है और 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।
यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो आधार से जुड़ी सूचनाएं, जैसे OTP, अपडेट नोटिफिकेशन आदि, ईमेल पर प्राप्त करना चाहते हैं। ऐप में QR-आधारित सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक लॉक जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
1 जुलाई 2026 से लागू नई शुल्क संरचना के अनुसार:
| पासपोर्ट प्रकार | शुल्क (₹) |
|---|---|
| 36-पृष्ठ सामान्य / नवीनीकरण | 2,500 |
| 60-पृष्ठ सामान्य / नवीनीकरण | 3,500 |
| तात्कालिक पासपोर्ट | 6,000 |
| खोया/क्षतिग्रस्त 36-पृष्ठ | 5,000 |
| खोया/क्षतिग्रस्त 60-पृष्ठ | 6,000 |
यह बदलाव Gazette Notification (GSR 516) के तहत किया गया है और Passport Seva पोर्टल पर भी इसकी जानकारी उपलब्ध है।
यदि आप पासपोर्ट बनवाने या नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए शुल्कों को ध्यान में रखें। तात्कालिक सेवा का शुल्क पहले ₹3,500 था, अब यह बढ़कर ₹6,000 हो गया है। इसलिए योजना बनाते समय बजट में बदलाव करना आवश्यक है।
MEA ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। यह स्थिति नई नहीं है, 1967 के पासपोर्ट अधिनियम और 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णयों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि पासपोर्ट को नागरिकता का कानूनी प्रमाण नहीं माना जा सकता।
नागरिकता की कानूनी स्थिति भारतीय संविधान (अनुच्छेद 5–11) और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत निर्धारित होती है। पासपोर्ट केवल यह दर्शाता है कि सरकार ने आपके नागरिक होने की जांच की है, लेकिन यह स्वचालित रूप से नागरिकता की पुष्टि नहीं करता।
यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार लोग पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण मान लेते हैं। यह समझना आवश्यक है कि कानूनी दृष्टिकोण से ऐसा नहीं है।
यदि आपने अभी तक आधार में ईमेल नहीं जोड़ा है, तो मोबाइल ऐप के माध्यम से यह कार्य घर बैठे कर लें। यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त है।
यदि आप पासपोर्ट बनवाने या नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं, तो नए शुल्कों को ध्यान में रखें और तात्कालिक सेवा के लिए अतिरिक्त बजट रखें।
नागरिकता से जुड़े किसी दस्तावेज या कानूनी स्थिति की आवश्यकता हो, तो पासपोर्ट पर निर्भर न रहें। इसके बजाय जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता की नागरिकता या नागरिकता अधिनियम के तहत जारी प्रमाण पत्र जैसे वैध दस्तावेजों का उपयोग करें।