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फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर क्या मिलेगा? जानें हवाई यात्रा करने वालों के कानूनी अधिकार

DGCA के नियमों के मुताबिक, फ्लाइट लेट होने या कैंसिल होने की स्थिति में हवाई यात्रियों को एयरलाइंस द्वारा कई प्रकार की फ्री सेवाएं उपलब्ध करानी होती हैं। आइए जानते हैं, फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्री किन सुविधाओं का दावा कर सकते हैं और सुविधा नहीं मिलने पर कहां शिकायत कर सकते हैं?
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Aug 03, 2026
Air passenger rights
सांकेतिक इमेज (सोर्स-ChatGpt)

देश में हर साल करोड़ों यात्री घरेलू उड़ानों से सफर करते हैं। जब फ्लाइट लेट हो जाए या अचानक कैंसिल कर दी जाए तो ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता होता कि एयरलाइन से उन्हें कानूनी तौर पर क्या-क्या सुविधाएं मांगने का अधिकार है? नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इसके लिए स्पष्ट नियम बना रखे हैं। DGCA द्वारा तय किए गए नियमों को 'सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट' कहा जाता है।

क्या हैं DGCA के नियम?

DGCA द्वारा जारी CAR सेक्शन 3, सीरीज M, पार्ट IV में यह तय किया गया है कि उड़ान रद्द होने या देरी होने की स्थिति में एयरलाइन को यात्रियों के लिए क्या सुविधाएं देनी होंगी? नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में राज्यसभा में एक लिखित जवाब के जरिए इन नियमों को फिर से स्पष्ट किया था। नियमों के इसके तहत, अगर फ्लाइट कैंसिल होती है तो एयरलाइन को या तो वैकल्पिक फ्लाइट देनी होगी अथवा टिकट का पूरा रिफंड मुआवजे के साथ देना होगा। इसके साथ ही, जो यात्री तय समय पर एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं, उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट का इंतजार करते समय भोजन और जलपान भी दिया जाएगा। फ्लाइट में देरी होने पर एयरलाइन को देरी की कुल अवधि के आधार पर भोजन-जलपान, वैकल्पिक फ्लाइट या टिकट का पूरा रिफंड, अथवा होटल में ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध करानी होगी। इसमें आने-जाने के इंतजाम भी शामिल हैं।

होटल और भोजन कब मिलेगा?

DGCA के नियमों के मुताबिक, यात्री सुविधाएं फ्लाइट में देरी के समय के हिसाब से तय होती हैं। आमतौर पर उड़ान के तय प्रस्थान समय से करीब 2 घंटे से ज्यादा की देरी होने पर एयरलाइन को यात्रियों को मुफ्त भोजन और जलपान देना होता है। यह सीमा फ्लाइट की कुल अवधि (ब्लॉक टाइम) के हिसाब से थोड़ी अलग-अलग हो सकती है। अगर देरी 6 घंटे से ज्यादा बढ़ जाए तो एयरलाइन को वैकल्पिक फ्लाइट या पूरा रिफंड देना अनिवार्य है।

अगर फ्लाइट रातभर लेट हो जाए या 24 घंटे से ज्यादा समय लगे तो एयरलाइन को यात्रियों को मुफ्त होटल में ठहराने के साथ-साथ आने-जाने की व्यवस्था भी करनी होती है। हालांकि, अगर देरी या रद्दीकरण मौसम की खराबी, सुरक्षा खतरे, हड़ताल या एयर ट्रैफिक कंट्रोल जैसी परिस्थितियों यानी फोर्स मेजर की वजह से होती है तो एयरलाइन नकद मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं है। लेकिन भोजन, ठहरने और रिफंड जैसी बुनियादी सुविधाएं तब भी देनी होती हैं।

रिफंड कब और कैसे मिलेगा?

DGCA के दिशानिर्देशों के अनुसार, अगर उड़ान रद्द होने की सूचना 24 घंटे से कम समय पहले दी जाती है या टिकट पर बुक की गई कनेक्टिंग फ्लाइट रद्दीकरण के कारण छूट जाती है, तो एयरलाइन को 5,000 से 10,000 रुपए तक का मुआवजा देना अनिवार्य है। इसके अलावा जिन यात्रियों ने नकद भुगतान करके टिकट लिया है, उन्हें तुरंत रिफंड मिलना चाहिए। क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने वालों को 7 दिन के भीतर रकम वापस करनी होगी। अगर टिकट किसी ट्रैवल एजेंट के जरिए बुक किया गया है तो रिफंड की मांग एजेंट से ही करनी होगी।

रिफंड की राशि में पैसेंजर सर्विस फीस, एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस और सभी टैक्स भी शामिल होते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अगस्त 2019 में जारी यात्री अधिकार चार्टर के अनुसार, अगर उड़ान 2 हफ्ते पहले से रद्द होनी तय हो, तो एयरलाइन को इसकी जानकारी पहले ही देनी होगी। अगर सूचना दो हफ्ते से कम, लेकिन 24 घंटे पहले दी जाती है, तो एयरलाइन को या तो वैकल्पिक फ्लाइट देनी होगी या पूरा रिफंड करना होगा।

नियमों के उल्लंघन की शिकायत कहां करें?

DGCA के नियमों के मुताबिक, हवाई यात्रियों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं। अगर एयरलाइन यह सुविधाएं देने में आनाकानी करती है, तो यात्री एयरलाइन के ग्राहक सेवा केंद्र के अलावा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एयरसेवा (AirSewa) पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। DGCA समय-समय पर एयरलाइनों की शिकायतों की जांच करके, नियमों का पालन न करने पर जुर्माना भी लगाता रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बोर्डिंग पास, देरी या रद्दीकरण की सूचना और खर्च की रसीदें संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर मुआवजे का दावा करना आसान हो सके।

Updated on:
03 Aug 2026 09:58 pm
Published on:
03 Aug 2026 09:57 pm