3 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आपका घर भी हो सकता है स्मार्ट! ग्रीन उपकरण और आसान टिप्स अपनाकर करें एनर्जी सेविंग

क्या आप जानते हैं कि घर को 'ग्रीन' बनाना न सिर्फ पर्यावरण के लिए, बल्कि आपके बजट के लिए भी फायदेमंद हो सकता है? चलिए, जानते हैं कुछ आसान और प्रभावी तरीके, जिनसे आप अपने घर को आरामदायक और सस्टेनेबल बना सकते हैं।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Vinay Shakya

Aug 03, 2026

Easy steps to save energy

सांकेतिक इमेज (सोर्स-ChatGpt)

घर को 'ग्रीन' यानी पर्यावरण-अनुकूल बनाना सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी बदलाव है। यह बदलाव न सिर्फ ऊर्जा और पानी बचाता है, बल्कि घर को आरामदायक, स्वस्थ और खर्च-कुशल भी बनाता है। आइए जानते हैं कि घर में कैसे ला सकते हैं? ये बदलाव सरल, व्यावहारिक और असरदार तरीके से आपके घर को आकर्षक बना सकते हैं।

ऊर्जा बचत से शुरुआत करें

सरकारी ऊर्जा विभाग के अनुसार, CFL या LED बल्ब पारंपरिक बल्बों की तुलना में लगभग 70–75% कम बिजली खर्च करते हैं और लंबे समय तक चलते हैं। इसके अलावा, एयर कंडीशनर की खिड़कियों और दीवारों पर छाया या पेड़-पौधे लगाने से एयर कंडीशनर की ऊर्जा खपत में लगभग 40% तक की कमी आ सकती है।

अगर आप ऊर्जा बचत के लिए एक कदम आगे बढ़ना चाहते हैं तो भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) के ग्रीन होम रेटिंग सिस्टम को देखें। यह बताता है कि आपके घर में ऊर्जा और पानी की बचत कितनी हो रही है और अनुमान है कि इससे ऊर्जा में 20-30% और पानी में 50% तक की बचत हो सकती है।

स्मार्ट और टिकाऊ उपकरण चुनें


घर में ऊर्जा बचाने का एक आसान तरीका है। BEE स्टार रेटिंग वाले उपकरणों का उपयोग करें। फ्रिज, वॉशिंग मशीन और टीवी जैसे उपकरणों में यह रेटिंग ऊर्जा की बचत का संकेत देती है। इसके साथ ही, घर में स्मार्ट तकनीक जैसे मोशन सेंसर, टाइमर और डिमर स्विच लगाकर आप अनावश्यक बिजली की खपत को रोक सकते हैं।

पानी की बचत और पुनः उपयोग

बारिश का पानी जमा करना (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) एक सरल और असरदार तरीका है। इससे न सिर्फ भूजल स्तर सुधरता है, बल्कि बागवानी और घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता भी बढ़ती है। इसके अलावा, गंदे पानी को रिसायकल करके बागवानी या फ्लशिंग में इस्तेमाल करने से पानी की खपत कम होती है और घर का पानी बचता है।

हरित निर्माण और सामग्री का चयन

घर की दीवारों और छतों में इन्सुलेशन (अच्छी तरह से गर्मी या ठंड को रोकने वाला लेयर) लगाने से तापमान नियंत्रित रहता है और ऊर्जा की खपत कम होती है। फ्लाई-ऐश ब्रिक्स, AAC ब्लॉक्स और उच्च वॉल्यूम फ्लाई-ऐश कंक्रीट जैसी पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से निर्माण करने पर कार्बन उत्सर्जन कम होता है और घर ठंडा रहता है।

हरी छाया और पौधे

घर के आसपास पेड़-पौधे लगाने से न केवल छाया मिलती है, बल्कि हवा भी साफ होती है और तापमान नियंत्रित रहता है। इनडोर पौधे जैसे- मनी प्लांट को घर में रखने से हवा शुद्ध होती है और मन को भी सुकून मिलता है। यदि मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ रही हों तो एक घरेलू उपाय के रूप में कोल ऐश और बेकिंग सोडा मिलाकर पानी में घोलकर मिट्टी में डालने से पत्तियां हरी और ताजा हो सकती हैं। हालांकि, यह उपाय महीने में एक बार ही करें।

बड़े बदलाव: ऊर्जा ऑडिट और ग्रीन होम रेटिंग

यदि आप घर की ऊर्जा खपत का पूरा हिसाब जानना चाहते हैं तो एक DIY ऊर्जा ऑडिट कर सकते हैं या पेशेवर से करवा सकते हैं। इससे पता चलता है कि घर में सबसे ज्यादा ऊर्जा कहां खर्च हो रही है। जैसे फ्रिज, हीटिंग, एयर कंडीशनर आदि। इसके बाद आप IGBC की ग्रीन होम रेटिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे आपको सुधार के स्पष्ट क्षेत्र और संभावित बचत का अंदाजा मिलता है।

घर को ग्रीन बनाने के आसान कदम

ऊर्जा बचत LED/CFL बल्ब, BEE स्टार उपकरण, छाया और इन्सुलेशन का उपयोग करें। पानी बचत, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और रीसाइक्लिंग (Recycling) प्रक्रिया अपनाएं। यह बदलाव सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि आपके घर के आराम, स्वास्थ्य और खर्च में भी सुधार लाता है। छोटे-छोटे कदम जैसे LED बल्ब, छाया, पौधे और पानी बचत से शुरुआत करें। फिर धीरे-धीरे ऊर्जा ऑडिट और ग्रीन होम रेटिंग जैसे बड़े कदम उठाएं। यह सफर आपके घर को न सिर्फ ग्रीन बनाएगा, बल्कि आपके जीवन को भी बेहतर बनाएगा।