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घर बैठे ऐसे बनवाएं मृत्यु प्रमाण पत्र, दुख की घड़ी में नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर

CRS Portal Online Registration : जानिए घर बैठे ऑनलाइन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया। CRS पोर्टल और मोबाइल ऐप से आवेदन करने का तरीका, जरूरी दस्तावेज और समय-सीमा की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
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Jul 25, 2026
Apply Death Certificate Online
Apply Death Certificate Online : जानें कैसे घर बैठे बनेगा परिवारीजन का मृत्यु प्रमाण पत्र, PC- Patrika

मृत्यु प्रमाण पत्र अब सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड का दस्तावेज नहीं, बल्कि संपत्ति के उत्तराधिकार, बीमा क्लेम, बैंकिंग और पेंशन जैसे कई कानूनी और वित्तीय कामों के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। भारत में मृत्यु का पंजीकरण जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत अनिवार्य है और इसे सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के माध्यम से किया जाता है। अधिकांश राज्यों में इसकी ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।

1 अक्टूबर 2023 से लागू जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र में मृतक का आधार नंबर, माता-पिता और पति/पत्नी की जानकारी भी दर्ज होने लगी है, जिससे यह और भी मजबूत कानूनी दस्तावेज़ बन गया है।

मृत्यु प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

  • संपत्ति के उत्तराधिकार के लिए
  • बीमा क्लेम
  • बैंक खाते बंद कराने या ट्रांसफर कराने के लिए
  • पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (PF) संबंधी कार्यों के लिए
  • सरकारी अनुदान/मुआवजे के दावों के लिए
  • वसीयत और कानूनी रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए

कहां करें आवेदन?

अधिकांश राज्यों में आवेदन तीन माध्यमों से किया जा सकता है:

  1. CRS पोर्टल : भारत सरकार का आधिकारिक सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल crsorgi.gov.in मृत्यु के पंजीकरण, आवेदन ट्रैकिंग और प्रमाण पत्र डाउनलोड की सुविधा देता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत ज्यादातर राज्य इससे जुड़े हुए हैं।
  2. CRS मोबाइल ऐप : अक्टूबर 2024 में भारत के महापंजीयक (RGI) कार्यालय ने CRS मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिससे अब मोबाइल से भी घर बैठे 21 दिन के भीतर मृत्यु की जानकारी दर्ज कराई जा सकती है। जानकारी दर्ज होने के बाद यह सीधे संबंधित रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचती है और जांच के बाद ऑनलाइन ही प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
  3. राज्य के पोर्टल : कई राज्यों ने अपने अलग पोर्टल भी बनाए हैं। उदाहरण के लिए राजस्थान में 'पहचान' पोर्टल के जरिए मृत्यु पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया

स्टेप 1 - पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन: मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाएं, OTP के जरिए लॉगिन करें।

स्टेप 2 - मृत्यु पंजीकरण चुनें: Death Registration विकल्प चुनें।

स्टेप 3 - मृतक की जानकारी भरें:

  • मृतक का नाम
  • मृत्यु की तिथि
  • मृत्यु का स्थान
  • मृत्यु का कारण (यदि अस्पताल में हुई हो)
  • परिवार की जानकारी (माता-पिता/पति-पत्नी का नाम)

स्टेप 4 - दस्तावेज अपलोड करें:

  • अस्पताल का मृत्यु रिकॉर्ड/डेथ समरी (यदि अस्पताल में मृत्यु हुई हो)
  • आवेदक (सूचना देने वाले) का पहचान पत्र — आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि में से कोई एक
  • मृतक का पहचान प्रमाण (आधार कार्ड आदि)
  • निवास प्रमाण
  • क्या ध्यान रखना जरूरी : आवेदक मृतक के परिवार का सदस्य होना चाहिए, या फिर वह व्यक्ति जिसकी उपस्थिति में मृत्यु हुई हो (जैसे अस्पताल प्रशासन, स्थानीय निकाय अधिकारी)।

स्टेप 5 - आवेदन जमा करें: आवेदन संख्या (Application Number) प्राप्त होगी, स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।

स्टेप 6 - प्रमाण पत्र डाउनलोड करें: सत्यापन पूरा होने के बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।

कितने दिनों के भीतर कराना चाहिए पंजीकरण?

कानून के अनुसार मृत्यु की सूचना घटना की तारीख से 21 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है। इसके बाद देरी की स्थिति में स्लैब के अनुसार विलंब शुल्क और अतिरिक्त प्रक्रिया लागू होती है:

देरी की अवधिक्या करना होगा?
0–21 दिनमुफ्त पंजीकरण, कोई विलंब शुल्क नहीं
22–30 दिन₹2 विलंब शुल्क जमा करना होगा और निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म-2) में जानकारी देनी होगी
31 दिन – 1 वर्ष₹5 विलंब शुल्क के साथ शपथ-पत्र (Affidavit) और संबंधित प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक हो सकती है
1 वर्ष से अधिकजिला रजिस्ट्रार/जिला मजिस्ट्रेट/अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति तथा शपथ-पत्र के आधार पर ही पंजीकरण संभव होगा

कुछ नगर निगमों ने हाल में स्थानीय स्तर पर अपने अतिरिक्त नियम भी बनाए हैं — जैसे भोपाल नगर निगम ने जुलाई 2026 में देरी से आवेदन पर हर साल ₹250 तक अतिरिक्त जुर्माना लगाने की व्यवस्था शुरू की है। यह राष्ट्रीय नियम नहीं है, बल्कि सिर्फ संबंधित नगर निगम/राज्य की स्थानीय व्यवस्था है। इसलिए अपने शहर के नगर निगम या रजिस्ट्रार कार्यालय से स्थानीय शुल्क जरूर जांच लें।

अस्पतालों (सरकारी और निजी दोनों) को भी भारत के महापंजीयक (RGI) की ओर से मृत्यु की सूचना समय पर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परिवार को बार-बार अस्पताल के चक्कर न काटने पड़ें।

विदेश में हुई भारतीय नागरिक की मृत्यु के लिए

अगर किसी भारतीय नागरिक की मृत्यु भारत के बाहर हुई हो, तो उसका पंजीकरण नागरिकता अधिनियम, 1955 और नागरिक (भारतीय वाणिज्य दूतावासों में पंजीकरण) नियम, 1956 के तहत संबंधित भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास में कराना होता है।

पुराना मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे मिलेगा?

अगर परिवार के पास पुराना मैनुअल मृत्यु प्रमाण पत्र है और वह ऑनलाइन रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है, तो कई राज्यों और नगर निकायों में डिजिटाइजेशन की सुविधा दी गई है। इसके लिए:

  • पोर्टल (crsorgi.gov.in या संबंधित राज्य पोर्टल) पर लॉगिन करें
  • Digitize Old Certificate या समान विकल्प चुनें
  • पुराने प्रमाण पत्र की कॉपी अपलोड करें
  • मांगे गए दस्तावेज संलग्न करें
  • सत्यापन के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है

पुराने रिकॉर्ड की खोज या डुप्लीकेट कॉपी के लिए आमतौर पर अलग से शुल्क देना होता है, जो राज्य/नगर निगम के अनुसार अलग-अलग होता है।

एक नजर में....

सवालजवाब
कानूनी आधार क्या है?जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (संशोधन 2023 से प्रभावी)
मृत्यु प्रमाण पत्र कहां बनता है?CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in), CRS मोबाइल ऐप या राज्य सरकार के पोर्टल पर
आवेदन कौन कर सकता है?परिवार का सदस्य, या मृत्यु के समय उपस्थित व्यक्ति/संस्था
क्या प्रक्रिया ऑनलाइन है?अधिकांश राज्यों में हां
पंजीकरण की समयसीमाघटना के 21 दिन के भीतर (मुफ्त); इसके बाद स्लैब अनुसार शुल्क
1 साल से ज्यादा देरी पर?जिला रजिस्ट्रार/मजिस्ट्रेट की अनुमति व शपथ-पत्र जरूरी
कौन से दस्तावेज लगते हैं?अस्पताल का मृत्यु रिकॉर्ड, आवेदक व मृतक का पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण
विदेश में मृत्यु हुई तो?संबंधित भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास में पंजीकरण अनिवार्य
पुराना प्रमाण पत्र ऑनलाइन हो सकता है?हां, कई राज्यों में डिजिटाइजेशन सुविधा उपलब्ध
प्रमाण पत्र कहां से डाउनलोड होगा?संबंधित पोर्टल या डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम से
Updated on:
25 Jul 2026 05:49 pm
Published on:
25 Jul 2026 05:49 pm