
दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना में शामिल चर्चित 'Gen Z' चेहरे (फोटो सोर्स- Gemini)
CJP Protest at Jantar Mantar: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर मंतर पर लंबे समय तक चले धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में शिक्षा मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ यह धरना प्रदर्शन 36 दिन से चल रहा था। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), स्टूडेंट्स और युवा NEET पेपर लीक के मुद्दे, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे। CJP, स्टूडेंट्स और युवाओं के इस आंदोलन में कई चेहरे सुर्खियों में रहे। आइए जानते हैं, धरना प्रदर्शन में कौन-कौन से चेहरे चर्चा में आए।
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) : CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके (30) बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और पूर्व AAP वॉलंटियर हैं। उन्होंने 16 मई 2026 को CJI की टिप्पणी के अगले दिन CJP की शुरुआत की थी। अभिजीत दीपके ने 'Voice of the Lazy & Unemployed' टैगलाइन के साथ सोशल मीडिया पर मूवमेंट शुरू किया था। यह मूवमेंट उनके नेतृत्व में इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स तक पहुंच गया। दीपके ने जंतर मंतर पर धरना शुरू किया, प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं और राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया। दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'स्टूडेंट्स का खून उनके हाथों पर' बताते हुए इस्तीफे की मांग की। दीपके ने कहा था कि यह आंदोलन सिर्फ ट्रेलर है, शिक्षा सुधार और जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी।
नेहा बोरा (Neha Bora) : नेहा एक भारतीय स्टूडेंट एक्टिविस्ट हैं। वह मौजूदा समय में AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की अखिल भारतीय अध्यक्ष हैं। नेहा उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA और अंबेडकर यूनिवर्सिटी से मास्टर किया है। मौजूदा वक्त में नेहा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में पीएचडी कर रही हैं।
JNU की पीएचडी स्कॉलर नेहा ने थिएटर आर्टिस्ट और एक्टिविस्ट के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई है। पिछले कुछ सालों में, उन्होंने शिक्षा के निजीकरण, मॉब लिंचिंग, बिलकिस बानो को इंसाफ दिलाने और गाजा में मानवीय संकट जैसे कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है।
सौरव दास (Saurav Das) : कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के प्रवक्ता सौरव दास प्रमुख चेहरों में से एक हैं। CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रंका ने युवाओं की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री JP नड्डा के मुलाकात करके अपनी बात रखी थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री JP नड्डा से मिलकर धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET प्रभावित स्टूडेंट्स के परिवारों को ₹1 करोड़ रुपए का मुआवजा और अन्य जरूरी मांगें रखीं।
सौरव दास ने मीडिया में आंदोलन की आवाज बुलंद की और युवाओं की नाराजगी को प्रभावी ढंग से रखा। सौरव दास एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट हैं, वह लॉ, गवर्नमेंट, ज्यूडिशरी जैसे विषयों पर खास ध्यान देते हैं। पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक करने के बाद, उन्होंने 2020 में अपने पेशेवर लेखन करियर की शुरुआत की। सौरव दास का संबंध दिल्ली से है।
आशुतोष रंका (Ashutosh Ranka) : CJP प्रवक्ता आशुतोष रंका भी आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने IIT कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स से अपनी शिक्षा पूरी की है। बीते कुछ महीनों से आशुतोष रंका CJP से जुड़ने के बाद चर्चा में हैं। वह जयपुर के रहने वाले हैं।
अंजली (Anjali) : दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे पुराने संस्थान इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर विमेन (IPCW) की छात्रा हैं। वह डीयू AISA का प्रेसिडेंट हैं। बिहार के गया जिले की निवासी अंजली ने कॉलेज कैंपस की राजनीति में सफर तय किया। इस दौरान वह DU की जमीन पर एक कमर्शियल ऊंची इमारत बनाने के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस आंदोलन के समय अंजली पहली बार AISA के सदस्यों से मिलीं। इसके बाद वह AISA में शामिल हो गईं।
पिछले कुछ सालों में अंजलि एक मजबूत स्टूडेंट लीडर के तौर पर उभरी हैं। वह DU में महिलाओं के हॉस्टल के लिए चलाए गए कैंपेन और IPCW फेस्ट के दौरान हुए यौन उत्पीड़न की घटनाओं के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल थीं। इस विरोध की वजह से ही प्रॉक्टोरियल जांच हुई थी। उन्होंने रामजस और हंसराज के लड़कों के हॉस्टल बंद करने का भी विरोध किया और 2023 में दिल्ली में आई बाढ़ के दौरान AISA के राहत कार्यों में योगदान दिया। अंजलि ने पिछले साल 2025 में DUSU प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी हार हुई थी।
दीपक बालियान (Deepak Balyan) : CJP स्पोक्सपर्सन दीपक बालियान आंदोलन के अंतिम चरण में सक्रिय रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बावजूद CJP प्रधान के इस्तीफे तक धरना जारी रखेगी। दीपक बालियान का संदेश 'युवा धोखा नहीं खाएंगे' आंदोलनकारियों में जोश भरने वाला रहा।
दानिश अली (Danish Ali) : JNU के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज (CHS) की PhD स्कॉलर दानिश अली, मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के छोटे से गांव बांदरबारू की रहने वाली हैं। उन्होंने पास के शहर गाडरवारा से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की, जहां वे थ्रोबॉल और क्रिकेट में राज्य-स्तरीय खिलाड़ी के तौर पर उभरीं थी। दानिश के पिता एक रिटायर्ड सरकारी स्कूल टीचर हैं, जबकि उनकी मां एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं।
दानिश अली ने SGTB खालसा कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया और बाद में 2022–2024 में मास्टर्स के लिए JNU में दाखिला लिया। दानिश अली, दलितों, मुसलमानों और आदिवासियों जैसे समुदायों के अधिकारों की वकालत करने वाले अपनी जोशीली तकरीरों के लिए पहचानी जाती हैं। नवंबर 2025 में हुए JNUSU चुनाव में दानिश अली ने जॉइंट सेक्रेटरी पद के लिए 1991 वोट हासिल करके शानदार जीत दर्ज की और 'लेफ्ट यूनिटी' की क्लीन स्वीप को बरकरार रखा।
दिल्ली के जंतर मंतर पर चले आंदोलन में CJP की मुख्य मांगें थीं- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, NEET/CBSE जैसी परीक्षाओं में पारदर्शिता, NTA पर सुधार, छात्र आत्महत्याओं पर मुआवजा और व्यापक शिक्षा सुधार। यह आंदोलन 20 जून से जंतर मंतर पर चला। इस आंदोलन नें डायपर, कॉकरोच मास्क और 'Happy Birthday, Please Resign' जैसे सैटिरिकल प्रोटेस्ट शामिल रहे।
आंदोलन के समय 20 जुलाई को 'Chalo Sansad' मार्च के दौरान पुलिस से टकराव हुआ, आंसू गैस और लाठीचार्ज की खबरें आईं। सोनम वांगचुक के अनशन ने इस आंदोलन को और अधिक हवा दी। सोनम वांगचुक की तेजी से बिगड़ रहे स्वास्थ्य और आंदोलन की भीड़ में राजनेता भी शामिल हुए। कई अभिनेताओं ने भी दिल्ली में जारी युवाओं को विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। इसके बाद सरकार ने जेपी नड्डा के माध्यम से बातचीत की, जिसमें मुआवजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स जैसे आश्वासन दिए गए।
सरकार के अश्वासनों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया। धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं ने इसे बड़ी जीत बताया है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा- मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। कॉकरोच एक बार घुसता है, तो निकलता नहीं। जिन बच्चों ने सुसाइड किया, उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले।
पुलिस वालों पर एक्शन हो। दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कि उन्होंने कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो? छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। मंत्री के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक ने 'X' पर लिखा- यह लोकतंत्र की जीत है, प्रत्यक्ष लोकतंत्र…सड़कों से मिली जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और GenZ को बधाई। देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिए सभी नागरिकों को धन्यवाद। CJP ने अपने 'X' अकाउंट पर लिखा- कॉकरोच की जीत हुई। प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने कहा कि कॉकरोच की जीत…लोकतंत्र की जीत।
Updated on:
25 Jul 2026 07:07 pm
Published on:
25 Jul 2026 05:48 pm
