
ATM से कैश निकालते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। जरा सी लापरवाही से आपका बैंक अकाउंट मिनटों में खाली हो सकता है। ATM से कैश निकालना सुविधाजनक है, लेकिन सावधानी जरूरी है। आइए जानते हैं, ATM से पैसा निकालते समय कौन-कौन सी गलतियों से बचना चाहिए।
ATM चुनते समय हमेशा ऐसी जगह का चयन करें, जो अच्छी रोशनी में हो। ATM भीड़-भाड़ वाली हो या बैंक शाखा के भीतर स्थित हो। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा कैमरे और बैंक कर्मी मौजूद होते हैं, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।
कार्ड डालने वाले स्लॉट और कीपैड पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ या अतिरिक्त उपकरण (जैसे स्किमर या नकली कीपैड) लगे हुए तो मशीन का उपयोग न करें। यह कदम आपके कार्ड और PIN की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
ATM से पैसा निकालते समय अपने PIN को कीपैड पर डालते समय हाथ या शरीर से ढकें, ताकि कोई पीछे से देख न सके। PIN को कहीं लिखकर न रखें और किसी को न बताएं। बैंक कभी भी फोन पर कस्टमर से PIN नहीं मांगता है।
कुछ सोशल मीडिया पर यह दावा होता है कि ATM में ‘Cancel’ बटन दो बार दबाने से PIN चोरी से बचा जा सकता है। यह पूरी तरह गलत है। ‘Cancel’ बटन केवल वर्तमान लेन-देन को रद्द करता है। यह किसी सुरक्षा प्रक्रिया को सक्रिय नहीं करता। हालांकि, लेन-देन पूरा होने के बाद ‘Cancel’ दबाकर मशीन से सुरक्षित बाहर निकलना एक अच्छा अभ्यास है।
हर बैंक ATM पर कैश निकालने की सीमा निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए अन्य बैंक के ATM से प्रति लेन-देन अधिकतम ₹10,000 तक निकाला जा सकता है। यह सीमा ATM पर भी दिखाई जाती है। HDFC बैंक में, यदि खाता 6 महीने से कम पुराना है, तो दैनिक सीमा ₹50,000 होती है। वहीं, 6 महीने से अधिक पुराने खातों में यह लिमिट ₹2 लाख तक हो सकती है और मासिक सीमा ₹10 लाख होती है। अन्य बैंक ATM पर मुफ्त लेन-देन की संख्या सीमित होती है। उसके बाद शुल्क लागू हो सकता है।
यदि ATM से पैसा नहीं निकला, लेकिन आपके खाते से राशि कट गई तो तुरंत बैंक को शिकायत दर्ज कराएं। RBI के निर्देशों के अनुसार, बैंक को T+5 कैलेंडर दिनों में राशि वापस करनी होती है। यदि देरी होती है तो बैंक को प्रति दिन ₹100 का मुआवजा देना होता है। शिकायत दर्ज करते समय ATM का ID, शाखा, तारीख, समय और लेन-देन स्लिप जैसी जानकारी रखें।
बैंकों द्वारा ATM से कैश निकालने की संख्या पर अलग-अलग नियम होते हैं। कुछ बैंक मुफ्त लेन-देन की संख्या सीमित रखते हैं। जैसे IDBI बैंक में अन्य बैंक ATM पर पहले 5 लेन-देन मुफ्त हैं, उसके बाद प्रति लेन-देन ₹20 शुल्क लगता है। HDFC बैंक में मेट्रो और नॉन-मेट्रो ATM पर मुफ्त लेन-देन की संख्या अलग-अलग है और शुल्क भी लागू होती है।
PIN बदलने के लिए कोई RBI द्वारा तय की गई अनिवार्य अवधि नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से समय-समय पर बदलना बेहतर होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि PIN को नियमित रूप से बदलें और सरल संयोजन से बचें।
लेन-देन पूरा होने के बाद तुरंत कार्ड, कैश और रसीद संभालकर रखें। सार्वजनिक रूप से पैसे गिनने या रसीद छोड़ने से बचें। रसीद को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें, क्योंकि उसमें संवेदनशील जानकारी हो सकती है।
अपने बैंक खाते की गतिविधियों पर नजर रखें। मोबाइल या ईमेल अलर्ट से तुरंत पता चलता है कि कोई अनधिकृत लेन-देन हुआ है या नहीं। यदि कुछ संदिग्ध लगे, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।