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क्या रेनकोट शेयर करने से हो सकता है फंगल इन्फेक्शन? जानें गंभीर संकेत और बचाव के अचूक उपाय

क्या रेनकोट शेयर करने से फंगल इन्फेक्शन हो सकता है? जानें शेयर्ड रेनकोट से फैलने वाले स्किन इन्फेक्शन के कारण, लक्षण और मानसून में त्वचा की सुरक्षा के अचूक उपाय।
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भारत

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Chitra Badoliya

Aug 04, 2026

Raincoat

मानसून में फंगल इन्फेक्शन से कैसे बचें? (AI)

मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियों और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी लेकर आता है। बारिश में भीगने से बचने के लिए रेनकोट हमारा सबसे बड़ा साथी होता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग दोस्तों, परिवार के सदस्यों या सहकर्मियों के साथ रेनकोट शेयर कर लेते हैं। आपात स्थिति में किसी और का रेनकोट पहन लेना बेहद सामान्य बात लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी आदत आपकी त्वचा (Skin) के लिए एक गंभीर मुसीबत बन सकती है?

क्या रेनकोट शेयर करने से स्किन इन्फेक्शन हो सकता है?

इस्तेमाल किया हुआ या गीला रेनकोट शेयर करने से फंगल और बैक्टीरियल स्किन इन्फेक्शन फैलने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। रेनकोट का मटीरियल वॉटरप्रूफ होता है, जिसके अंदर नमी और पसीना बंद (trap) हो जाते हैं। अगर रेनकोट अंदर से गीला है और उसे बिना धोए या सुखाए कोई दूसरा व्यक्ति पहन लेता है, तो उसमें मौजूद फंगस (जैसे दाद/Ringworm) या बैक्टीरिया तुरंत दूसरे व्यक्ति की त्वचा पर ट्रांसफर हो जाते हैं।

रेनकोट शेयर करने से इन्फेक्शन क्यों फैलता है?

रेनकोट का निर्माण आमतौर पर पीवीसी (PVC), नायलॉन या प्लास्टिक कोटेड फैब्रिक से होता है। यह मटीरियल बाहर के पानी को तो अंदर नहीं आने देता, लेकिन साथ ही यह शरीर के पसीने और गर्मी (Body Heat) को भी बाहर नहीं निकलने देता।

  • ह्यूमिडिटी ट्रैप (Humidity Trap): जब कोई व्यक्ति रेनकोट पहनता है, तो उसके शरीर से निकलने वाला पसीना रेनकोट की अंदरूनी सतह पर जम जाता है।
  • कीटाणुओं का पनपना: यदि रेनकोट को उपयोग के बाद अच्छी तरह साफ करके सुखाया न जाए, तो नमी और गर्मी के कारण उसमें फंगस और बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से पनपने लगते हैं।
  • डायरेक्ट कांटेक्ट (Direct Contact): जब कोई दूसरा व्यक्ति उसी रेनकोट को पहनता है, तो पसीने और मृत त्वचा कोशिकाओं (Dead Skin Cells) में मौजूद कीटाणु सीधे उसकी त्वचा के संपर्क में आ जाते हैं और इन्फेक्शन पैदा करते हैं।

शेयर किए गए रेनकोट से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?

दूसरों का रेनकोट इस्तेमाल करने से मुख्य रूप से निम्नलिखित फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण हो सकते हैं:

  • दाद / रिंगवर्म (Ringworm / Tinea Corporis): यह त्वचा का एक आम फंगल इन्फेक्शन है जिसमें शरीर पर लाल, गोल और पपड़ीदार चकत्ते बन जाते हैं, जिनमें तेज खुजली होती है।
  • एथलीट्स फुट (Athlete's Foot): अगर रेनकोट लंबा है या रेनसूट/पायजामा शेयर किया गया है, तो पैरों की उंगलियों के बीच नमी जमा होकर स्किन छिलने लगती है और दर्दनाक संक्रमण हो जाता है।
  • जॉक खुजली (Jock Itch): जांघों के जोड़ों और कमर के आसपास पसीना इकट्ठा होने से यह फंगल इन्फेक्शन होता है, जो कपड़ों के माध्यम से बहुत तेज़ी से एक से दूसरे में फैलता है।
  • फॉलिक्युलाइटिस (Folliculitis): यह बालों की जड़ों (hair follicles) का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जिससे त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने या मवाद वाले पिंपल्स निकल आते हैं।
  • घमौरियां और स्वेट रैशेज (Sweat Rashes): पसीना रुकने और लगातार घर्षण (friction) के कारण अंडरआर्म्स, गर्दन और जांघों में जलनदार लाल रैशेज हो जाते हैं।

फंगल इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षण

  • त्वचा पर लाल या भूरे रंग के चकत्ते बनना।
  • प्रभावित हिस्से में तेज खुजली, जलन या चुभन होना।
  • त्वचा का छिलना, पपड़ी बनना या दाने निकलना।
  • जांघों, अंडरआर्म्स या उंगलियों के बीच की त्वचा का सफेद या लाल पड़ जाना।

Safety tips मानसून में त्वचा की सुरक्षा के 8 अचूक टिप्स

मानसून के दौरान अपनी त्वचा को फंगस, रैशेज और इंफेक्शन से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए इन नियमों का पालन करें:

  • पर्सनल रेनकोट का प्रयोग करें: जिस तरह आप अपना तौलिया या टूथब्रश शेयर नहीं करते, ठीक वैसे ही अपना रेनकोट भी किसी को न दें और न ही दूसरों का पहनें।
  • अंदर और बाहर दोनों तरफ से सुखाएं: रेनकोट का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसे उल्टा करके हवादार जगह या धूप में टांगें। जब तक अंदर की परत पूरी तरह न सूख जाए, इसे फोल्ड करके न रखें।
  • नियमित रूप से साफ करें: सप्ताह में कम से कम एक बार रेनकोट की अंदरूनी सतह को माइल्ड एंटीसेप्टिक लिक्विड या साबुन के पानी से पोंछकर सुखाएं।
  • कॉटन (सूती) कपड़े पहनें: रेनकोट के अंदर हमेशा सूती कपड़े पहनें। कॉटन पसीने को सोख लेता है और त्वचा को सीधे रेनकोट की प्लास्टिक सतह से टकराने से रोकता है।
  • भीगे कपड़े तुरंत बदलें: अगर बारिश में आपके कपड़े हल्के भी भीग जाएं तो उन्हें तुरंत बदलकर सूखे कपड़े पहनें और अच्छी तरह नहाएं।
  • एंटीफंगल डस्टिंग पाउडर लगाएं: नहाने के बाद शरीर को पूरी तरह सुखाकर अंडरआर्म्स, जांघों और पैरों की उंगलियों पर एंटीफंगल पाउडर छिड़कें।
  • त्वचा को सूखा रखें: नहाने के बाद शरीर के जोड़ों और मोड़ों (folds) को तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं। नमी ही फंगस का मुख्य भोजन है।
  • खुद से स्टेरॉयड क्रीम न लगाएं: इन्फेक्शन होने पर मेडिकल स्टोर से बिना सलाह के स्टेरॉयड क्रीम (जैसे- Betnovate, Quadriderm आदि) न खरीदें। यह इन्फेक्शन को दबा देती है, जो बाद में और उग्र होकर फैलता है।

मानसून के सुहावने मौसम का आनंद लें, लेकिन अपनी सेहत और स्वच्छता की कीमत पर नहीं। आपात स्थिति में रेनकोट शेयर करना भले ही एक आसान विकल्प लगे, लेकिन यह आपकी त्वचा के लिए हफ्तों की परेशानी का कारण बन सकता है। हमेशा अपना रेनकोट साथ रखें, उसे साफ और सूखा रखें और पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें। अगर त्वचा पर किसी भी तरह का इन्फेक्शन दिखाई दे, तो तुरंत किसी त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से सलाह लें।